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ओला, ऊबर और रैपिडो के खिलाफ बड़ा ऐक्शन, महाराष्ट्र सरकार ने दिया ऐप को हटाने का आदेश

महाराष्ट्र सरकार ने ऐपल और गूगल प्ले स्टोर से बाइक टैक्सी सर्विस वाले ऐग्रिगेटर्स के ऐप हटाने का आदेश दिया है। नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि ओला, ऊबर या फिर रैपिडो जैसे बाइक टैक्सी ऐग्रिगेटर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। 

Sun, 17 May 2026 12:42 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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ओला, ऊबर और रैपिडो के खिलाफ बड़ा ऐक्शन, महाराष्ट्र सरकार ने दिया ऐप को हटाने का आदेश

महाराष्ट्र सरकार के साइबर डिपार्टमेंट ने ऐपल और गूगल प्ले स्टोर से ओला, ऊबर और रैपिडो जैसे बाइक राइडिंग ऐप को हटाने का आदेश दिया है। 15 मई को जारी की गई नोटिस में कहा गया है कि इन ऐप्लिकेशन को हटाना आवश्यक हो गया है। महाराष्ट्र परिवन विभाग के मंत्री प्रताप सरनायक ने साइबर डिपार्टमेंट को एक पत्र लिखकर अवैध बाइक की शिकायत की थी।

महाराष्ट्र साइबर डिपार्टमेंट की ओर से ऐपल और गूगल को भेजे गए नोटिस में कहा गया है कि ये ऐप्लिकेशन सराकार के कानूनी और नियामक फ्रेमवर्क का उल्लंघन करते है। इस नोटिस में कहा गया है कि सरकार से बिना मंजूरी लिए और नियमों का पालन किए ही इन ऐप्स के माध्यम से परिवहन सेवा दी जा रही है जो कि परिवहन मंत्रालय के मोटर वीइकल ऐक्ट के नियमों के खिलाफ है।

यात्रियो की सुरक्षा को लेकर सवाल

नोटिस में कहा गया है कि इन सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा का खयाल नहीं रखा जाता है। ना तो ड्राइवर के वेरिफिकेशन का कोई अच्चा तरीका है और ना ही इंस्श्योरेंस और यात्रियों की सुरक्षा का प्रबंध है। नोटिस में कहा गया है कि ऐपल और गूगल प्ले स्टोर से इन ऐप्स को एनैक्टिव करदिया जाए।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक सरनायक ने कहा कि साइबर डिपार्टमेंट के माध्यम से सरकार ने अपना काम शुरू किया है। उन्होंे कहा कि हमने महाराष्ट्र साइबर डिपार्टमेंट के माध्यम से गूगल और ऐपल को नोटिस भिजवाया है। महाराष्ट्र में अनाधिकृत रूप से ही बाइक का कमर्शल इस्तेमाल किया जा रहा है जो कि चिंताजनक है।

बता दें कि महाराष्ट्र में ऐप आधारित टैक्सी ऐग्रिगेटर और महाराष्ट्र सरकार के बीच पहचले से ही तनातनी चल रही है। महाराष्ट्र सरकार कई बार कह चुकी है कि बाइक टैक्सी की सेवा नियमों के खिलाफ है। वहीं जब यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में भी उछलने लगा तो इसपर फैसला किया गया। वहीं कैब, ऑटो और डिलीवरी सर्विस को लेकर कोई आपत्ति नहीं जताई गई है।

सरनायक ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण एकदम स्पष्ट है। राज्य में महिलाओं की सुरक्षा बहुत आवश्यक है। यह बेरोजगारी से भी बड़ी समस्या है। कई बार ऐसी शिकायतें आती हैं कि बाइक टैक्सी के ड्राइवरों ने महिलाओं के साथ गलत हरकत की। इसपर विराम लगाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, हम बाइक टैक्सी का विरोध नहीं करते हैं बल्कि इसमें पर्याप्त सुरक्षा की कमी के खिलाफ यह कदम उठाया गया है और यह बेहद जरूरी था।