ट्रेनिंग में हिंदू देवी-देवताओं के बारे में करते थे अपमानजनक कमेंट्स, TCS कांड में नया खुलासा
सूत्रों के अनुसार, जब ट्रेनिंग होती थी, उस समय भी आरोपी हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते थे। जब कर्मचारी को इससे परेशानी होती थी और वह एचआर मैनेजर निदा खान उनसे संपर्क करती और धीरे-धीरे अपने भरोसे में ले लेती।

TCS Nashik Case: आईटी दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की नासिक ब्रांच में धर्मांतरण की कोशिशों और यौन उत्पीड़न के मामले ने लोगों को चौंका दिया है। दफ्तर में काम करने वाले कई कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस एचआर को पकड़ने की कोशिश में लगी है। विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा है। एनडीटीवी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया है कि एक पूरे नेटवर्क का पता चला है जिसमें न सिर्फ कर्मचारी, बल्कि वरिष्ठ एचआर मैनेजर तक शामिल थे। इसमें आरोपी ट्रेनिंग के दौरान हिंदू देवी-देवताओं पर अपमानजनक टिप्पणियां भी करते थे।
आरोपी ट्रेनिंग टीम का हिस्सा होते थे और उनके पास आने वाले नए कर्मचारियों की पूरी जानकारी रहती थी। वह ऐसे लोगों को टारगेट करते थे, जोकि आर्थिक रूप से कमजोर होते थे या फिर उनके परिवार में कोई दिक्कत होती थी। ऐसे लोग इन आरोपियों के रडार पर रहते थे। मामले में खुलासा हुआ है कि जब ट्रेनिंग होती थी, उस समय भी आरोपी हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां करते थे। जब कर्मचारी को इससे परेशानी होती थी और वह एचआर मैनेजर निदा खान उनसे संपर्क करती और धीरे-धीरे अपने भरोसे में ले लेती। इसके बाद, कर्मचारी को अपनी लाइफस्टाइल बदलने और पहनावे की आदत को बदलने को कहा जाता।
जांच में सामने आया है कि एक बार कर्मचारी जोकि आरोपियों की टारगेट थी, वह इतनी ज्यादा इन लोगों से प्रभावित हो गई थी कि अपने घर परिवार में हिंदू देवी-देवताओं की सभी तस्वीरों को हटा दिया और परिवार के सदस्यों से खूब लड़ाई भी की। पूरे प्रकरण में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया या है, उनमें से कुछ नाम, शफी शेख, आसिफ अंसारी, शाहरुख कुरैशी आदि हैं। जांच में पुलिस को वॉट्सऐप ग्रुप का भी पता चला है, जिसमें आरोपी टारगेट पर चर्चा करते थे। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें अवैध गतिविधियों को अंजाम देने के लिए पैसे मिले थे। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।
एसआईटी कर रही मामले की जांच
इस हफ्ते की शुरुआत में, पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। शिकायतकर्ताओं ने अपने वरिष्ठ सहकर्मियों पर उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न करने तथा मानव संसाधन विभाग पर उनकी शिकायतों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कर्मचारियों की पहचान दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रजा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफी शेख, आसिफ आफताब अंसारी और महिला प्रबंधक (संचालन) के रूप में हुई है, जिन्हें इस मामले के सामने आने के बाद में सस्पेंड कर दिया गया था।




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