बच्चा चाहिए तो पत्नी को हमारे पास भेज दो, TCS के हिंदू कर्मचारी ने सुनाई आपबीती; जबरन खिलाया मांस
TCS नासिक में जबरन धर्मांतरण और उत्पीड़न का नया मामला सामने आया है। महिला कर्मचारियों के बाद अब एक पुरुष सहकर्मी ने जबरन नमाज़ पढ़वाने और पत्नी को लेकर भद्दी टिप्पणी करने के खौफनाक खुलासे किए हैं। पढ़ें पूरी खबर।

आईटी दिग्गज कंपनी टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) की नासिक ब्रांच में काम करने वाली महिला कर्मचारियों द्वारा यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के आरोप लगाए जाने के बाद, अब एक पुरुष कर्मचारी ने भी अपने साथ हुई भयानक प्रताड़ना का खुलासा किया है। इस पुरुष कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसके मुस्लिम सहकर्मियों और टीम लीडर ने न केवल उसका मानसिक और धार्मिक उत्पीड़न किया, बल्कि उसकी निजी जिंदगी को लेकर भी बेहद भद्दी टिप्पणियां कीं।
पुरुष कर्मचारी के मुख्य आरोप
इंडिया टुडे को अपनी आपबीती सुनाते हुए इस पीड़ित कर्मचारी ने बताया कि यह मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना साल 2022 में उसके कंपनी ज्वाइन करने के कुछ समय बाद ही शुरू हो गई थी और 23 मार्च 2026 तक जारी रही। पीड़ित ने बताया कि वह एक कट्टर हिंदू है, रामदास स्वामी का अनुयायी है और हमेशा रुद्राक्ष की माला पहनता है। आरोपियों ने उसकी इस धार्मिक पहचान को निशाना बनाया। 2023 की ईद पर, उसका टीम लीडर तौसीफ अख्तर उसे अपने घर ले गया, जहां उसे जबरन टोपी पहनाई गई, कलमा पढ़वाया गया और नमाज अदा करवाई गई।
तस्वीरें खींचकर अपमानित किया
इस पूरी घटना की तस्वीरें खींची गईं और उसे जलील करने के मकसद से कंपनी के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर की गईं। आरोप है कि उसके सहकर्मी अक्सर हिंदू मान्यताओं का मजाक उड़ाते थे, हिंदू देवी-देवताओं के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे और महाराष्ट्र के श्रद्धेय संतों और धार्मिक हस्तियों के खिलाफ अपमानजनक बातें कहते थे। उसे अपनी रुद्राक्ष की माला उतारने के लिए भी मजबूर किया गया। जब पीड़ित के पिता को लकवे (पैरालिसिस) का अटैक आया, तो आरोपियों ने उससे कहा कि यदि वह इस्लाम अपना लेता है, तो उसके पिता ठीक हो जाएंगे।
निजी जीवन पर बेहद भद्दी टिप्पणी
उत्पीड़न की सारी हदें तब पार हो गईं जब आरोपियों ने उसकी निजी जिंदगी और वैवाहिक जीवन को निशाना बनाया। सालों की शादी और मेडिकल इलाज के बावजूद पीड़ित और उसकी पत्नी के कोई संतान नहीं थी। इस बात का मजाक उड़ाते हुए एक आरोपी ने उससे कहा कि 'अगर तुम्हें बच्चा चाहिए, तो अपनी पत्नी को हमारे पास भेज दो।'
कार्यस्थल पर प्रताड़ना और शारीरिक धमकी
टीम लीडर तौसीफ अख्तर और सहकर्मी दानिश शेख ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसे अतिरिक्त काम से लाद दिया। उसे दूसरों के हिस्से का काम भी करना पड़ता था ताकि वह शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह थक जाए। नाइट शिफ्ट के बाद आरोपी उसे होटल ले जाते थे और सख्त शाकाहारी होने के बावजूद उस पर मांसाहारी खाना खाने का दबाव डालते थे। मना करने पर उसकी मान्यताओं का मज़ाक उड़ाया जाता था। जब पीड़ित ने इस उत्पीड़न का विरोध किया, तो कार्यस्थल पर विवाद हो गया। आरोप है कि तौसीफ ने उस पर टेबल फैन (पंखा) फेंक कर मारा और जान से मारने की धमकी दी। जब पीड़ित ने उनकी मांगें मानने से साफ इंकार कर दिया, तो उसे नौकरी से निकालने की नीयत से हेड ऑफिस में उसके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराई गईं।
महिला कर्मचारियों से जुड़े मामले और पुलिस कार्रवाई
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब टीसीएस नासिक की एक 23 वर्षीय महिला कर्मचारी ने सबसे पहले एफआईआर (FIR) दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि दानिश ने उसे जबरन किस करने की कोशिश की और उस पर शादी का दबाव बनाया। उसने यह भी बताया कि दानिश के साथी तौसीफ और एचआर एग्जीक्यूटिव निदा खान देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे और उसकी धार्मिक मान्यताओं को प्रभावित करने की कोशिश करते थे।
अंडरकवर पुलिस ऑपरेशन
इसके बाद कई अन्य महिलाओं ने भी शिकायतें दर्ज कराईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सच्चाई का पता लगाने के लिए महिला पुलिस अधिकारियों को खुफिया (अंडरकवर) एजेंट के तौर पर कंपनी में भेजा। इन शिकायतों और जांच के आधार पर, पुलिस ने नासिक ब्रांच की कई महिला कर्मचारियों की शिकायतों पर कुल 9 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। इस मामले में अब तक सात पुरुष और दो महिला आरोपियों सहित कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पीड़ित पुरुष कर्मचारी का कहना है कि शाहरुख, रजा मेमन, दानिश और तौसीफ का यह समूह महिला कर्मचारियों पर भी भद्दी टिप्पणियां करता था और उन्हें निशाना बनाता था। शुरुआत में ये लोग बहुत दोस्ताना व्यवहार करते थे, लेकिन बाद में उनका असली मकसद सामने आया, जो कि लोगों को मानसिक रूप से तोड़कर उनका धर्मांतरण कराना था।




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