Mysore ruler Tipu Sultan Photo Malegaon Municipal Corporation office Maharashtra नगर निगम कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर पर विवाद, शिवसेना ने जताया कड़ा ऐतराज, Maharashtra Hindi News - Hindustan
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नगर निगम कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर पर विवाद, शिवसेना ने जताया कड़ा ऐतराज

उपमहापौर निहाल अहमद ने शनिवार को इस विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए टीपू सुल्तान की तस्वीर को बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर उनके सहयोगी पार्षदों की ओर से उपहार में दी गई थी और इसमें कोई गलती नहीं है।

Sat, 14 Feb 2026 06:50 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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नगर निगम कार्यालय में टीपू सुल्तान की तस्वीर पर विवाद, शिवसेना ने जताया कड़ा ऐतराज

महाराष्ट्र के मालेगांव नगर निगम में उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में 18वीं शताब्दी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर लगाए जाने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। यह तस्वीर उनके कार्यालय में लगी हुई थी, जिसके बाद शिवसेना के कुछ पार्षदों ने इसका कड़ा विरोध किया और इसे हटाने की मांग की। विपक्षी दलों ने इसे राष्ट्रीय नायकों के अपमान के रूप में देखा, खासकर जब कार्यालय में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर या अन्य प्रमुख स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें नहीं लगी हुई थीं। भाजपा और शिवसेना ने इसे राजनीतिक मुद्दा बनाते हुए तुरंत हटाने की मांग की और इसे ऐतिहासिक विवादास्पद व्यक्तित्व से जोड़कर देखा।

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उपमहापौर निहाल अहमद ने इस विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए टीपू सुल्तान की तस्वीर को बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह तस्वीर उनके सहयोगी पार्षदों की ओर से उपहार में दी गई थी और इसमें कोई गलती नहीं है। उन्होंने इसे अपने समाजवादी विचारधारा का हिस्सा बताते हुए कहा कि वे उन महान व्यक्तित्वों की तस्वीरें लगाते हैं जो उनके आदर्शों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उपमहापौर ने जोर देकर कहा, 'यह हमारा अधिकार है कि हम तय करें कि हमारे कार्यालय में कौन सी तस्वीरें लगाई जाएं।'

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डिप्टी मेयर ने क्या दिए तर्क

डिप्टी मेयर ने टीपू सुल्तान को स्वतंत्रता सेनानी करार दिया, जो ब्रिटिश सेना के खिलाफ लड़े थे। सरकार ने भी अदालत में उनके जन्मदिन मनाने पर रोक की मांग को खारिज करते हुए उन्हें स्वतंत्रता सेनानी माना है। उन्होंने आगे बताया कि कार्यालय में नवीनीकरण और मरम्मत के काम चल रहे हैं, इसलिए टीपू सुल्तान की तस्वीर को अस्थायी रूप से हटाया गया है। लेकिन काम पूरा होने के बाद इसे दोबारा लगाया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे संविधान निर्माता की तस्वीर अभी तक नहीं लगाई गई है, तो इस एक तस्वीर पर इतना हंगामा क्यों? उन्होंने नगर प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया कि अन्य महान नेताओं की तस्वीरें क्यों नहीं लगाई गईं।

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टीपू सुल्तान की छवि को लेकर बहस

यह विवाद मालेगांव की राजनीति में तनाव पैदा कर रहा है, जहां इस्लाम पार्टी, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन सत्ता में है। उपमहापौर समाजवादी पार्टी से हैं, जबकि मेयर इस्लाम पार्टी से हैं। टीपू सुल्तान की ऐतिहासिक छवि को लेकर देश में लंबे समय से बहस चलती रही है। कुछ लोग उन्हें ब्रिटिश विरोधी योद्धा मानते हैं, तो कुछ उनके कुछ कार्यों को विवादास्पद बताते हैं। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है, जहां विचारधारा और इतिहास की व्याख्या आमने-सामने आ गई है।