Just 9 minutes after Ajit Pawar death decisions were taken in his department अजित पवार की मौत होते ही 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक दर्जा, फडणवीस ने लगाई रोक, Maharashtra Hindi News - Hindustan
More

अजित पवार की मौत होते ही 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक दर्जा, फडणवीस ने लगाई रोक

महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत के 9 मिनट बाद ही उनके विभाग से स्कूल का अल्पसंख्यक दर्जा वाला प्रमाणपत्र जारी हो गया था। इसके बाद 2 फरवरी तक 75 स्कूलों को माइनॉरिटी स्टेटस दे दिया गया। 

Tue, 17 Feb 2026 07:52 AMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
share
अजित पवार की मौत होते ही 75 स्कूलों को अल्पसंख्यक दर्जा, फडणवीस ने लगाई रोक

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को उन 75 विद्यालयों को दिए गए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के दर्जे पर रोक लगाने का आदेश दिया है, जिनके बारे में खबरें थीं कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तुरंत बाद इन विद्यालयों को मंजूरी दी गई थी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक विकास मंत्री सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने में कथित अनियमितता की विस्तृत जांच करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया।

अजित पवार की मौत के 9 मिनट बाद ही जारी हुआ पहला सर्टिफिकेट

अधिकारियों के अनुसार, 28 जनवरी से दो फरवरी के बीच 75 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया। बताया जाता है कि पहला प्रमाण पत्र 28 जनवरी को दोपहर तीन बजकर नौ मिनट पर जारी किया गया था, उसी दिन अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उस दिन सात संस्थानों को स्वीकृति मिली और अगले तीन दिनों में यह संख्या बढ़कर 75 हो गई।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:DGCA की जांच पूरी होने तक इंतजार कीजिए, प्लेन क्रैश पर रोहित के आरोपों पर सीएम

जांच के आदेश

उस समय अजित पवार अल्पसंख्यक विकास विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे। यह विभाग अब सुनेत्रा पवार के अधीन है, जिन्होंने हाल ही में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। सरकार में सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि इस अवधि के दौरान जारी की गई सभी स्वीकृतियों, अनुदानों और प्रमाणपत्रों को व्यापक समीक्षा लंबित रहने तक रोक दिया जाए। स्वीकृतियां कैसे दी गईं, उचित प्रक्रिया का पालन किया गया या नहीं, और क्या अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने पर पहले लगाए गए किसी भी प्रतिबंध को औपचारिक रूप से हटाया गया था, यह पता लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:'अजित पवार को अदृश्य शक्ति से NCP छोड़ने के लिए मजबूर किया', चौंकाने वाला दावा

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार ने कहा कि शिक्षण संस्थानों के अल्पसंख्यक दर्जे पर रोक लगाना पर्याप्त नहीं है और उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने इस घटना को 'बेहद चिंताजनक' बताया और उच्च स्तरीय जांच और सीआईडी ​​जांच सहित जवाबदेही की मांग की।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:महाराष्ट्र में 21 ठिकानों पर ATS की ताबड़तोड़ रेड, आतंकी गतिविधियों का संदेह

अजित पवार पर लिखे लेख पर बवाल

एनसीपी (एसपी) और एनसीपी के नेताओं ने दोनों गुटों के विलय की प्रक्रिया के साथ-साथ अजित पवार पर लिखे गये एक लेख को लेकर एक-दूसरे पर शनिवार को निशाना साधा। एनसीपी नेता आनंद परांजपे ने जहां एक ओर लेख के लिए माफी की मांग करते हुए दावा किया कि इसमें पवार की मृत्यु के बाद भी उन्हें बदनाम किया गया है, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) की राज्य इकाई के प्रमुख शशिकांत शिंदे ने कहा कि शरद पवार के नेतृत्व वाली पार्टी ने विलय के मुद्दे को बंद कर दिया है। शशिकांत शिंदे ने पार्टी के मुखपत्र 'राष्ट्रवादी' में यह लेख लिखा था।