उद्धव ठाकरे के फेयरवेल में एकनाथ शिंदे ने कसा तंज, सीएम देवेंद्र फडणवीस क्या बोले
महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के रूप में उद्धव ठाकरे का कार्यकाल अब समाप्त होने वाला है। इस मौके पर मंगलवार को विधान परिषद में उनके सम्मान में एक विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की सराहना करते हुए एक भावुक विदाई भाषण दिया।

महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य के रूप में उद्धव ठाकरे का कार्यकाल अब समाप्त होने वाला है। इस मौके पर मंगलवार को विधान परिषद में उनके सम्मान में एक विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे की सराहना करते हुए एक भावुक विदाई भाषण दिया। फडणवीस ने उन्हें प्रदेश के सबसे लोकप्रिय फोटोग्राफरों में से एक बताया और कहा कि ठाकरे ने वारी तीर्थयात्रा की तस्वीरें खींचते समय हेलीकॉप्टर का दरवाजा बीच हवा में खोलकर फोटो ली थी। फडणवीस ने कहा कि वारी की तस्वीरें खींचते समय उद्धव ठाकरे हेलीकॉप्टर में गए, दरवाजा खोला और तस्वीर खींची। उन्होंने आगे कहा कि ठाकरे की तस्वीरों में संवेदनशीलता झलकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ठाकरे का मूल स्वभाव किसी राजनेता जैसा नहीं था। उन्होंने इसे शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे के दृढ़ निश्चय से जोड़ते हुए कहा कि एक बार फैसला लेने के बाद उसे पूरा करके ही छोड़ते थे। उद्धव ठाकरे ने फडणवीस के बयानों का खंडन नहीं किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी सही कहते हैं कि मैं राजनीतिज्ञ नहीं हूं, क्योंकि दिल से मैं एक कलाकार हूं। उन्होंने समय निकालने के लिए फडणवीस का आभार जताते हुए हाथ जोड़े।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे फडणवीस के साथ ही बैठे थे। ठाकरे के पूर्व करीबी रहे शिंदे ने 2022 में दल-बदल कर महा विकास अघाड़ी (MVA) सरकार गिरा दी थी, जिससे उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद के साथ-साथ शिवसेना की विरासत से भी वंचित हो गए थे। शिंदे ने कहा कि उद्धव ठाकरे साहब आज इस सदन से विदा हो रहे हैं। मैं उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना करता हूं और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
उपमुख्यमंत्री को जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने शिंदे का नाम तो नहीं लिया, लेकिन शिंदे जिस बेंच पर बैठे थे, उस ओर देखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि आप मुझे इतनी अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन मैं कहना चाहूंगा कि ऐसी कौन सी बात थी कि और का हाथ पकड़ना पड़ा। ठाकरे के इस बयान को 2022 के महाराष्ट्र राजनीतिक संकट के संदर्भ में देखा, जब शिंदे के भाजपा के साथ गठबंधन करने के बाद ठाकरे की सरकार गिर गई थी।
औपचारिक कार्यवाही के बाद शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे, उनके बेटे आदित्य ठाकरे और पार्टी के अन्य विधायकों ने मुख्यमंत्री कार्यालय में देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। लगभग 10 मिनट तक बंद कमरे में चर्चा हुई। बताया जा रहा है कि ठाकरे ने विधायकों को विकास कार्यों के लिए फंड न मिलने का मुद्दा उठाया। अन्य विधायकों ने भी सीधे फडणवीस को अपनी शिकायतें बताईं और अपने क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं में आ रही बाधाओं का विस्तार से ब्योरा दिया।




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