महाराष्ट्र में बिगड़ने वाला है मौसम; बारिश और आंधी की चेतावनी, यलो अलर्ट जारी
इस बेमौसमी बारिश से किसानों को दोहरी मार पड़ सकती है। जहां एक ओर तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट से गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं रबी फसलों जैसे गेहूं, ज्वार, दालों और फलों की बागानों को नुकसान पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र के पूर्वी हिस्से यानी विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र के अधिकांश जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। आरएमसी नागपुर के बुलेटिन के मुताबिक, कुछ स्थानों पर ओले भी गिर सकते हैं। पिछले दिनों राज्य के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप बढ़ने के बाद यह बदलाव राहत भरा तो है, लेकिन साथ में कई चुनौतियां भी लेकर आया है।
विदर्भ के गडचिरोली, चंद्रपुर, गोंदिया, भंडारा, नागपुर, वर्धा, यवतमाल, अमरावती, बुलढाना आदि जिलों में मौसम आज का बदलेगा। मराठवाड़ा के बीड, धाराशिव, लातूर, परभणी, जलना, छत्रपति संभाजीनगर आदि जिलों में आज अलग-अलग जगहों पर इस प्रकार की घटनाएं होने की संभावना है। आईएमडी के मौसम बुलेटिन में मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और विदर्भ के लिए 20-21 मार्च को बारिश का पूर्वानुमान दिया गया है। कुछ जिलों जैसे चंद्रपुर और गडचिरोली में ओले के साथ गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। हवाओं की गति 30-50 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे कमजोर ढांचे, बिजली के खंभे और पेड़ प्रभावित हो सकते हैं। यह मार्च की अनसिजनल गतिविधि है, जो सामान्य रूप से सूखा रहने वाले इन क्षेत्रों में अचानक आई है।
खेती पर पड़ेगा असर
इस बेमौसमी बारिश से किसानों को दोहरी मार पड़ सकती है। जहां एक ओर तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट से गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं रबी फसलों जैसे गेहूं, ज्वार, दालों और फलों की बागानों को नुकसान पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। ओले गिरने से पौधे क्षतिग्रस्त हो सकते हैं और खेतों में पानी भरने से फसलें खराब हो सकती हैं। आम नागरिकों को बिजली गिरने और तेज हवाओं से बचाव के लिए सतर्क रहना होगा। शहरों में यातायात प्रभावित हो सकता है और बिजली आपूर्ति में व्यवधान आ सकता है। आईएमडी के अनुसार, यह अलर्ट 21 मार्च तक जारी रह सकता है, लेकिन इसके बाद मौसम शुष्क होने की संभावना है।
आईएमडी ने किसानों को सलाह दी है कि पकी फसलों की कटाई तुरंत करें, खेतों में जल निकासी व्यवस्था करें, पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और खुली जगहों पर न रहें। आमजन को भी मौसम अपडेट्स की जांच करते रहने और ढीली वस्तुओं को सुरक्षित करने की हिदायत दी गई है। महाराष्ट्र सरकार की आपदा प्रबंधन टीम निगरानी रख रही है। कुल मिलाकर, आज पूर्वी महाराष्ट्र में मौसम की यह अनिश्चितता किसानों और नागरिकों दोनों के लिए सतर्कता का सबक है, जबकि 22 मार्च से राज्य के इन हिस्सों में फिर शुष्क और गर्म मौसम लौटने की उम्मीद है।




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