उद्धव ठाकरे की राह में कांग्रेस ही अटकाना चाह रही रोड़ा? सुप्रिया खुलकर आईं साथ; MVA में ये कैसा खेल
सुले ने कहा कि ठाकरे एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, जिनकी सदन में उपस्थिति से राज्य और विधानमंडल दोनों को लाभ होगा। बारामती से लोकसभा सांसद ने कहा कि उद्धवजी ठाकरे एक मंझे हुए नेता हैं। उनका अनुभव राज्य को मार्गदर्शन देता रहेगा।

महाराष्ट्र में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) की घटक पार्टी NCP (SP) ने गुरुवार को शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे से अगले महीने होने वाले महाराष्ट्र विधान परिषद चुनावों में विपक्ष की एकमात्र जीतने लायक सीट से चुनाव लड़ने का आग्रह किया है। वहीं, सहयोगी कांग्रेस ने कहा कि तीनों पार्टियां मिलकर इस पर फैसला लेंगी। दरअसल, कांग्रेस वहां से अपना उम्मीदवार उतारना चाहती है, जो उद्धव की राह में बड़ा रोड़ा हो सकता है और विधान परिषद में शिवसेना प्रमुख का लौटना मुश्किल हो सकता है।
इसी कड़ी में NCP (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने गुरुवार को ठाकरे से परिषद चुनाव लड़ने की अपील करते हुए कहा कि उनका अनुभव राज्य को आगे भी मार्गदर्शन देता रहेगा। हालांकि, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख हर्षवर्धन सपकाल ने भी ठाकरे से उनके आवास 'मातोश्री' पर जाकर मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस मुलाकात के बाद सपकाल ने कहा कि ठाकरे MVA का चेहरा हैं और अगर वह परिषद चुनाव लड़ते हैं तो लोग खुश होंगे। हालांकि, उन्होंने कहा कि MVA की तीनों घटक पार्टियां आपस में सौहार्दपूर्ण बातचीत करके इस पर फैसला लेंगी।
मई 2020 में उद्धव ठाकरे बने थे MLC
परिषद के नौ सदस्य, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोर्हे शामिल हैं, 13 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान 12 मई को होगा। ठाकरे नवंबर 2019 में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री का पद संभालने के लगभग छह महीने बाद, मई 2020 में विधान परिषद (MLC) के सदस्य बने थे।
ठाकरे एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता
दूसरी तरफ, एक बयान में सुप्रिया सुले ने कहा कि ठाकरे एक वरिष्ठ और अनुभवी नेता हैं, जिनकी सदन में उपस्थिति से राज्य और विधानमंडल दोनों को लाभ होगा। बारामती से लोकसभा सांसद ने कहा, “उद्धवजी ठाकरे एक मंझे हुए नेता हैं। उनका अनुभव राज्य को मार्गदर्शन देता रहेगा और परिषद के कामकाज को समृद्ध करेगा। हम उनसे अनुरोध करते हैं कि वे इस अपील पर सकारात्मक रूप से विचार करें।”
चर्चा MVA के भीतर संवाद पर केंद्रित थी, MLC चुनावों पर नहीं
वहीं, ठाकरे के साथ अपनी मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सपकाल ने कहा कि उनकी चर्चा MVA के भीतर संवाद पर केंद्रित थी, न कि विधान परिषद चुनावों पर। उन्होंने कहा कि ठाकरे MVA का चेहरा हैं और अगर वह परिषद चुनाव लड़ते हैं तो लोग खुश होंगे। जब पूछा गया कि क्या आने वाले विधान परिषद चुनावों पर कोई चर्चा हुई, तो सपकाल ने कहा, “राज्यसभा चुनावों से पहले भी हम यही कह रहे थे... यह सच है कि कांग्रेस चुनाव नहीं लड़ पाई। उद्धव ठाकरे MVA का चेहरा हैं और अगर वह विधान परिषद चुनाव लड़ते हैं तो लोग खुश होंगे।”
MVA के सिर्फ एक सीट जीतने की संभावना
उन्होंने आगे कहा कि मौजूदा राजनीतिक हालात और भविष्य की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। विधान परिषद चुनावों में विपक्ष की एकमात्र जीतने लायक सीट पर चुनाव लड़ने के बारे में उन्होंने कहा, "तीनों पार्टियां एक साथ बैठेंगी, चर्चा करेंगी और सौहार्दपूर्ण माहौल में फैसले लेंगी।"परिषद चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया 23 अप्रैल को शुरू हुई और 30 अप्रैल तक चलेगी। BJP ने नौ में से चार सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए, BJP, शिवसेना और NCP वाले सत्ताधारी महायुति गठबंधन के 10 में से नौ सीटें जीतने की संभावना है, जबकि विपक्षी MVA के सिर्फ़ एक सीट जीतने की संभावना है।




साइन इन