ब्रेकअप के बाद बना प्लेबॉय, अयान अहमद ने कैसे बिछाया मासूम लड़कियों को फंसाने का जाल?
अमरावती यौन शोषण और ब्लैकमेल केस की पूरी कहानी। जानिए कैसे इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अयान अहमद ने दोस्तों के साथ 'शर्त' लगाकर नाबालिग लड़कियों को फंसाया, आपत्तिजनक वीडियो बनाए और कैसे प्रशासन ने आरोपी के घर पर बुलडोजर एक्शन लिया।

अमरावती में सामने आए नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और ब्लैकमेल के एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाले मामले में कई नए खुलासे हुए हैं। इस मामले के मुख्य आरोपी अयान अहमद (उर्फ मोहम्मद अयाज) और उसके दोस्त उजैर खान ने मिलकर लड़कियों को अपने जाल में फंसाने, उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उन्हें ब्लैकमेल करने का एक बड़ा नेटवर्क चलाया हुआ था।
ब्रेकअप के बाद बना प्लेबॉय- आरोपी का बयान
पूछताछ के दौरान, मामले के कथित मास्टरमाइंड 19 वर्षीय अयान अहमद ने पुलिस को बेहद सामान्य अंदाज में बताया कि अपने पहले 'ब्रेकअप' के बाद वह 'प्लेबॉय' बन गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह मामला किसी 'मानसिक स्वास्थ्य' की समस्या से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह 'किशोर उम्र की एक विकृत मानसिकता और गलत जीवनशैली चुनने' का नतीजा है।
दिखावे की जिंदगी और सोशल मीडिया का रसूख
जांच में सामने आया है कि अयान का एक सफल मोबाइल फोन का बिजनेस था। इसके अलावा, वह इंस्टाग्राम पर 'पेड प्रमोशन' के जरिए भी पैसे कमाता था, जहां उसके लगभग 18,000 फॉलोअर्स थे।
कर्ज लेकर अय्याशी
अपनी इस अय्याशी भरी और दिखावटी जीवनशैली को बनाए रखने के लिए वह अक्सर अपने दोस्तों और परिवार वालों से पैसे उधार लेता था। इन पैसों को वह लड़कियों पर खर्च करता था ताकि समाज में अपनी एक 'रईस' और 'आकर्षक' छवि बना सके।
कैसे बिछाता था लड़कियों के लिए जाल?
पुलिस के मुताबिक, अयान की 'चकाचौंध भरी' सोशल मीडिया प्रोफाइल ने लड़कियों को शिकार बनाने में एक बड़ा रोल निभाया। वह इंटरनेट के माध्यम से लड़कियों से जुड़ता था और धीरे-धीरे उन पर अपना प्रभाव डालता था। वह किसी भी लड़की का भरोसा जीतने में 4 से 5 महीने का समय लेता था। एक बार जब लड़की उस पर भरोसा करने लगती थी, तो वह उनसे यौन संबंध बनाने की मांग करने लगता था या उन्हें इसके लिए मजबूर करता था।
दोस्तों के बीच "शर्त" से शुरू हुआ खौफनाक खेल
पुलिस का कहना है कि अयान यह सब अकेले नहीं कर रहा था, बल्कि उसका दोस्त उजैर खान भी इसमें बराबर का साझीदार था। यह पूरी खौफनाक साजिश दोनों आरोपियों के बीच एक शर्त या होड़ के रूप में शुरू हुई थी कि कौन सबसे ज्यादा लड़कियों को अपने जाल में फंसा सकता है। धीरे-धीरे यह शर्त यौन शोषण के एक बड़े नेटवर्क में बदल गई। वे लड़कियों के साथ बनाए गए निजी पलों के वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे और बाद में उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल करते थे। कुछ आपत्तिजनक सामग्री को इंटरनेट पर भी अपलोड कर दिया गया।
मामले का खुलासा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब दो किशोरों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिससे इस पूरे रैकेट की भनक पुलिस और लोगों तक पहुंच गई। शुरुआत में यह मामला कुछ आपत्तिजनक वीडियो के चुपचाप वायरल होने से शुरू हुआ था, लेकिन अब यह एक बड़े आपराधिक केस में तब्दील हो चुका है। पुलिस ने शुरुआत में ऑनलाइन फैल रहे लगभग 100 आपत्तिजनक वीडियो को जांच के दायरे में लिया था। गहन साइबर जांच के बाद, अब तक 18 वीडियो और 39 तस्वीरें सीधे तौर पर मुख्य आरोपी से जुड़ी हुई पाई गई हैं। अयान अहमद को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 21 अप्रैल तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

प्रशासन का 'बुलडोजर एक्शन'
इस घटना के सामने आने के बाद जनता में भारी आक्रोश देखने को मिला। जनभावनाओं और मामले की गंभीरता को देखते हुए, स्थानीय प्रशासन ने पूर्व नोटिस के आधार पर बुधवार, 15 अप्रैल को अयान अहमद के घर के कुछ हिस्सों को बुलडोजर से ढहा दिया। अधिकारियों ने इसे साइबर-सक्षम यौन शोषण रैकेट करार दिया है और मामले की जड़ तक पहुंचने के लिए जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है।




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