woman author in Indore to write book on Shah Bano case alleges mob assault mp police deny claim MP : शाह बानो पर किताब लिखने आई महिला ने भीड़ पर पिटाई का आरोप लगाया, पुलिस का घटना से इनकार, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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MP : शाह बानो पर किताब लिखने आई महिला ने भीड़ पर पिटाई का आरोप लगाया, पुलिस का घटना से इनकार

MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में सोमवार को सामने आए विवाद में एक महिला ने आरोप लगाया कि भीड़ ने करीब दो महीने पहले उसे 'बच्चा चोर' बताकर पीट दिया, जब वह बहुचर्चित शाह बानो बेगम केस पर किताब लिखने के इरादे से उनके परिजनों से मिलने इंदौर में आई थी। 

Tue, 7 April 2026 10:54 AMPraveen Sharma इंदौर, भाषा
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MP : शाह बानो पर किताब लिखने आई महिला ने भीड़ पर पिटाई का आरोप लगाया, पुलिस का घटना से इनकार

MP News: मध्य प्रदेश के इंदौर में सोमवार को सामने आए विवाद में एक महिला ने आरोप लगाया कि भीड़ ने करीब दो महीने पहले उसे 'बच्चा चोर' बताकर पीट दिया, जब वह बहुचर्चित शाह बानो बेगम केस पर किताब लिखने के इरादे से उनके परिजनों से मिलने इंदौर में आई थी।हालांकि, पुलिस ने महिला के आरोप को झूठा करार देते हुए भीड़ द्वारा उसकी पिटाई की घटना से इनकार किया है।

सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो में महिला यह कहते सुनाई पड़ रही है कि वह शाह बानो प्रकरण पर किताब लिखने के इरादे से उनके परिजनों से मिलने फरवरी में इंदौर आई थी। इंदौर से बाहर रहने वाली महिला ने दावा किया कि शाह बानो के परिजनों ने प्रस्तावित किताब के अनुबंध के तहत उससे धनराशि की 'अवास्तविक मांगें' कीं और आपत्ति जताए जाने पर उसके साथ विवाद किया।

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उसने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने उसे 'बच्चा चोर' बताया जिसके बाद खजराना क्षेत्र में मौके पर जुटी भीड़ ने उसे पीट दिया और उसके साथ बदसलूकी की गई।

थाना प्रभारी ने महिला के आरोपों को बताया झूठा

खजराना पुलिस थाने के प्रभारी मनोज सिंह सेंधव ने भीड़ द्वारा महिला की पिटाई के आरोपों को 'असत्य' करार दिया। उन्होंने कहा,''महिला और शाहबानो के परिजनों के बीच किताब के अनुबंध को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस मौके पर पहुंची थी। दोनों पक्षों ने समझौते के तहत पुलिस से कहा था कि वे एक-दूसरे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं।''

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'डेटा चोरी को समझ लिया बेटा चोरी'

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने दावा किया कि विवाद के दौरान महिला पर 'डेटा चोरी' का आरोप लगाया गया था, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने 'बेटा चोरी' समझ लिया था, नतीजतन कुछ देर के लिए भ्रम की स्थिति बन गई थी। उन्होंने बताया कि आपसी समझौते के कारण महिला और शाह बानो के परिजनों की ओर से पुलिस थाने में एक-दूसरे के खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी।

क्या है शाह बानो का मामला

शाह बानो बेगम इंदौर की रहने वाली थीं। उन्होंने 1978 में अपने वकील पति मोहम्मद अहमद खान द्वारा तलाक दिए जाने के बाद उनसे गुजारा-भत्ता पाने के लिए स्थानीय अदालत में मुकदमा दायर किया था। शाह बानो की लम्बी कानूनी लड़ाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 1985 में इस महिला के पक्ष में फैसला सुनाया था। मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व वाली सरकार ने 1986 में मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम बनाया था। इस कानून ने शाह बानो प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अप्रभावी बना दिया था। वर्ष 1992 में शाह बानों का इंतकाल हो गया था।

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