पति ने भाई बनकर क्यों करा दी अपनी ही पत्नी की शादी; ग्वालियर कांड में बड़ा खुलासा
जांच में सामने आया कि जिस युवक को दुल्हन का मुंहबोला भाई बताकर रिश्ता कराया गया था, वह उसका असली पति अजय निकला।पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को नामजद किया है

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सामने आए लुटेरी दुल्हन मामले में पुलिस जांच के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जबलपुर के एक निजी अस्पताल में टीम लीडर के पद पर काम करने वाले रतन शर्मा को शादी के नाम पर ठगने की साजिश रची गई थी।शादी के तीन दिन बाद दुल्हन के मोबाइल की व्हाट्सऐप चैट से पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ।
जांच में सामने आया कि जिस युवक को दुल्हन का मुंहबोला भाई बताकर रिश्ता कराया गया था, वह उसका असली पति अजय निकला।पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को नामजद किया है।पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अजय चौहान और राधा उर्फ दीक्षा ने 2024 में आगरा के आर्य समाज मंदिर में प्रेम विवाह किया था। यह अजय की दूसरी शादी थी।अजय की पहली शादी 2009 में अनीता से हुई थी।उसके बच्चे भी हैं।जब पहली पत्नी को दूसरी शादी की जानकारी मिली तो उसने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।इसके बाद अजय ने पूरे परिवार के साथ मिलकर यह षड्यंत्र रचा।अजय और उसके परिवार ने पहली पत्नी को भरोसा दिलाने के लिए योजना बनाई कि दीक्षा की शादी किसी दूसरे युवक से करा दी जाए।इसी योजना के तहत रतन शर्मा को निशाना बनाया गया।
कैसे हुआ शक?
नाका चंद्रवदनी निवासी रतन शर्मा की शादी राधा उर्फ दीक्षा मुद्गल से कराई गई थी।शादी के बाद रतन को पत्नी की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।वह सामान्य व्यवहार कर रही थी, लेकिन कई बार मोबाइल पर छिपकर बातचीत करती थी। इससे रतन को शक हुआ।एक रात राधा के सो जाने के बाद रतन ने उसका मोबाइल चेक किया। उसमें अजय उर्फ सोनू चौहान नाम के युवक से निजी चैट मिली।बातचीत की भाषा पति-पत्नी जैसी थी।चैट पढ़ने के बाद रतन को समझ आया कि जिसे दुल्हन का भाई बताया गया था, वह उसका पति है।चैट देखने के बाद रतन सतर्क हो गया।उसने किसी को शक नहीं होने दिया और अगले तीन दिन तक दुल्हन की गतिविधियों पर नजर रखी।इसी दौरान उसने कई सबूत जुटाए और पुलिस तक पहुंचा।
रतन शर्मा पांच भाइयों में से एक हैं और परिवार सभी भाइयों के लिए रिश्ते तलाश रहा था।पड़ोसी सोनू तिवारी को इसकी जानकारी थी।उसने अजय चौहान से मिलकर रिश्ता तय कराया।आरोपियों ने राधा को गरीब और अनाथ बताकर सहानुभूति हासिल की।शादी से पहले ब्यूटी पार्लर और रिटर्न गिफ्ट के नाम पर रतन से 50 हजार रुपए नकद लिए गए।शादी में करीब छह लाख रुपए खर्च कराए गए।
पुलिस जांच में सामने आया कि शादी के कुछ महीने बाद दीक्षा घरेलू हिंसा और दहेज प्रताड़ना का झूठा केस दर्ज कराने वाली थी।इसके बाद समझौते के नाम पर लाखों रुपए वसूलने की योजना थी।झांसी रोड थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अजय चौहान और राधा उर्फ दीक्षा को गिरफ्तार कर लिया है।फरार आरोपियों में अजय की मां माया देवी, बहन शिल्पी परमार, जीजा राघवेंद्र परमार, भाई सत्येंद्र चौहान और सोनू तिवारी शामिल हैं।एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देश पर एएसपी अनु बेनीवाल, सीएसपी हिना खान और टीआई शक्ति सिंह यादव की टीम मुरैना और आगरा सहित कई स्थानों पर दबिश दे रही है।पुलिस को आशंका है कि गिरोह पहले भी कई युवकों को इसी तरह ठग चुका है।पुराने मामलों की जानकारी जुटाई जा रही है।




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