वसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक ही दिन, भोजशाला में तैनात CRPF; चप्पे-चप्पे की हो रही निगरानी
इस बीच हिंदू त्योहार और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के मद्देनजर इस शहर में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।

वसंत पंचमी के मौके पर शुक्रवार को धार के भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर में सूर्योदय के बाद से हिंदू समुदाय की पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया। इस बीच हिंदू त्योहार और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के मद्देनजर इस शहर में किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए करीब 8,000 पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है।
RAF-CRPF की गई तैनात
धार SP मयंक अवस्थी ने बताया- इस आयोजन को लेकर व्यापक सुरक्षा के प्रबंध किए गए हैं। इसमें जिला धार के अतिरिक्त पुलिस मुख्यालय से एवं पूरे प्रदेश से पुलिस बल को शामिल किया गया है। अन्य जगह से जवानों को शामिल किया गया है। इसमें हमारे पास रैपिड एक्शन फोर्स और सीआरपीएफ की कंपनी भी हैं।
चप्पे-चप्पे की निगरानी
पूरे शहर को 7 शहर में बांटा गया है। SP रैंक के अधिकारी इसकी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। एक एक गली की निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा भोजशाला परिसर को 6 सेक्टर में बांटकर निगरानी कर रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि शहर के संवेदनशील इलाकों की रियल टाइमिंग मॉनीटरिंग कर रहे हैं। इसके लिए ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखी जा रही है।
सरस्वती पूजा और हवन
ऐतिहासिक धार शहर में 11वीं सदी के विवादित परिसर में सूर्योदय के बाद से ही श्रद्धालुओं के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था। स्थानीय संगठन 'भोज उत्सव समिति' के सदस्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच वाग्देवी (सरस्वती) का चित्र स्थापित करके पूजा शुरू की। इस दौरान हवन कुंड में आहुति डाल कर अखंड पूजा (पूजा का लगातार चलने वाला क्रम) की शुरुआत की गई।
पूजा स्थल को फूलों की मालाओं और भगवा झंडों से सजाया गया था। इस वर्ष वसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ने के कारण दोनों समुदायों ने विवादित परिसर में पूजा-अर्चना और नमाज के लिए दावा किया था। स्थिति को देखते हुए उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को हस्तक्षेप किया और समय-विभाजन का स्पष्ट फॉर्मूला तय किया।




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