इंदौर में सीवर सफाई को उतरे 2 कर्मचारियों की मौत, कांग्रेस बोली- ये सरकारी हत्या हैं
इस घटना पर एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर हमलावर होते हुए कहा- यह लापरवाही नहीं, सरकारी हत्या है! आखिर भाजपा का भ्रष्टाचार और लापरवाही कितने और निर्दोष प्रदेशवासियों की जान लेगी?

देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां सोमवार को सीवरेज लाइन की सफाई करने उतरे 2 मजदूरों की मौत हो गई। कारण- जहरीली गैस के कारण दम घुटना बना, क्योंकि सफाई मित्रों के पास किसी भी तरह के आधुनिक उपकरण नहीं थे, जिससे उनको बचाया जा सके। इस घटना पर एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर हमलावर होते हुए कहा- “यह लापरवाही नहीं, सरकारी हत्या है! आखिर भाजपा का भ्रष्टाचार और लापरवाही कितने और निर्दोष प्रदेशवासियों की जान लेगी?”
हजारों करोड़ किसके विकास में जा रहे?
जीतू पटवारी ने अने एक्स अकाउंट पर लिखा- “सबसे स्वच्छ शहर की नगर निगम सबसे भ्रष्ट है! इंदौर में हमारे दो स्वच्छता मित्र चैम्बर की सफाई के लिए उसमें उतरे, लेकिन अंदर भरी जहरीली गैस के कारण उनकी दर्दनाक मौत हो गई। हजारों करोड़ के बजट के बावजूद भाजपा की नगर निगम हमारे स्वच्छता मित्रों को सेफ्टी किट और ऑक्सीजन मास्क उपलब्ध नहीं करा सकी, जिसके चलते उनकी जान चली गई। ये हजारों करोड़ रुपये किसके विकास में जा रहे हैं? यह लापरवाही नहीं, सरकारी हत्या है! आखिर भाजपा का भ्रष्टाचार और लापरवाही कितने और निर्दोष प्रदेशवासियों की जान लेगी?”
सीएम ने किया 30-30 लाख मुआवजे का ऐलान
आपको बताते चलें कि इंदौर नगर निगम द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दोनों सफाई कर्मियों के परिजनों को 30-30 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। विज्ञप्ति में दावा किया गया कि दोनों सफाई कर्मी एक सैप्टिक टैंक को खाली करने के बाद नगर निगम की गाड़ी का पानी सीवरेज लाइन के चैम्बर में खाली करने के दौरान हादसे के शिकार हुए।
ऐसे हुआ था हादसा, पुलिस ने ये बताया
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त सुमित केरकेट्टा ने बताया कि घटना उस वक्त हुई, जब दो निगम कर्मी शहर की देवी अहिल्याबाई होलकर फल-सब्जी मंडी के सामने सीवरेज लाइन के एक चैम्बर की सफाई कर रहे थे। उन्होंने बताया,''सफाई के दौरान 'सीवर सक्शन मशीन' के पाइप का एक हिस्सा टूटकर चैम्बर में गिर गया। इस पाइप के हिस्से को निकालने चैम्बर में उतरा एक सफाई कर्मी जहरीली गैस के प्रभाव में आकर बेहोश हो गया। उसे बचाने चैम्बर में उतरा दूसरा निगम कर्मी भी बेहोश हो गया।''
जहरीली गैस से दम घुटकर मौत
केरकेट्टा ने बताया कि सीवरेज चैम्बर में मौजूद जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दोनों निगम कर्मियों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि दोनों सफाई कर्मियों के शवों को राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की मदद से चैम्बर से बाहर निकाला गया और पोस्टमॉर्टम के लिए एक अस्पताल भेजा गया। पुलिस उपायुक्त श्रीकृष्ण लालचंदानी ने बताया कि मृतकों की पहचान करण यादव और अजय डोडी के रूप में हुई है।
भाषा के इनपुट भी शामिल हैं।




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