MP वालों को मिलेगी भीषण गर्मी से राहत, रविवार से बदल रहा मौसम; इन जिलों में बारिश के आसार
बीते दिन नर्मदापुरम जिले में तीव्र लू दर्ज की गई और प्रदेश में कहीं पर भी बारिश नहीं रिकॉर्ड की गई। अधिकतम तापमान शहडोल संभाग के जिलों में 2.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरे, और शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ।

मध्य प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को रविवार से कुछ समय के लिए थोड़ी निजात मिल सकती है। मौसम विभाग ने एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से रविवार 15 मार्च व इसके बाद अगले तीन-चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदलने का अनुमान लगाया है। विभाग का कहना है कि इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं चलने व हल्की बारिश होने की संभावना है। शनिवार के मौसम की बात करें तो आज प्रदेश में सभी जगह मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
बीते दिन नर्मदापुरम में चली तीव्र लू
एक दिन पहले यानी शुक्रवार के मौसम की बात करें तो इस दौरान प्रदेश के सभी जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहा। सर्वाधिक अधिकतम तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस नर्मदापुरम में दर्ज किया गया तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस कटनी के करौंदी कटनी और नर्मदापुरम के पचमढ़ी में दर्ज किया गया। नर्मदापुरम जिले में तीव्र लू दर्ज की गई और प्रदेश में कहीं पर भी बारिश दर्ज नहीं की गई। अधिकतम तापमान शहडोल संभाग के जिलों में 2.5 डिग्री सेल्सियस तक गिरे, और शेष सभी संभागों के जिलों के तापमानों में विशेष परिवर्तन नहीं हुआ।
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम? कहां होगी बरसात?
15 मार्च (रविवार) को एक नए विक्षोभ के असर से प्रदेश के भिंड, ग्वालियर, मुरैना, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में 30 से 40 किमी की गति से तेज हवाएं चलने के साथ गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।
16 मार्च (सोमवार) को प्रदेश के बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, पांढुर्णा और बालाघाट जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की उम्मीद है, इस दौरान यहां 40 से 50 किमी की रफ्तार से तेज हवा भी चल सकती है।
17 मार्च (मंगलवार) को प्रदेश के सिवनी, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर और बालाघाट जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है, साथ ही यहां 40 से 50 किमी की रफ्तार से तेज हवा भी चल सकती है।
18 मार्च (बुधवार) को राज्य के श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, भिंड, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, शहडोल और बालाघाट जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने और 40 से 50 किमी की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

सिनोप्टिक मौसमी परिस्थितियां
एक द्रोणिका (trough) उत्तर-पूर्वी उत्तर प्रदेश के मध्य भागों से लेकर छत्तीसगढ़ होते हुए दक्षिण आंतरिक ओडिशा तक समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर ऊपर अभी भी बनी हुई है। उत्तरी भारत के ऊपर, समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊँचाई पर, लगभग 204 किमी प्रति घंटा की गति वाली मुख्य हवाओं के साथ उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम हवा बह रही है। मध्य क्षोभमंडल की पश्चिमी हवाओं में एक द्रोणिका के रूप में पश्चिमी विक्षोभ समुद्र तल से 5.8 किमी ऊंचाई पर स्थित है, वह अब लगभग 60 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ-साथ, 32 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में स्थित है। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 17 मार्च 2026 की रात से उत्तर-पश्चिमी भारत को प्रभावित कर सकता है।




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