शिवराज, राजनाथ से बात किए बिना ट्रम्प को फोन लगाया; किसान चौपाल में PM पर राहुल का नया हमला
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा, ‘लोकतंत्र और संविधान आज दोनों खतरे में है और हमारी मान-मर्यादा को मिट्टी में मिलाने वाले मोदी साहब आज देश को बेच रहे हैं। देश को गुलामी की तरफ ले जा रहे हैं, किसानों को मजदूर बना रहे हैं।’

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार को कांग्रेस की ओर से 'किसान महाचौपाल' का आयोजन किया गया। जिसे संबोधित करते हुए पार्टी के वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे व पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अमेरिका से व्यापार समझौता करने की आड़ में देश को बेचने का आरोप लगाया और कहा कि नरेन्द्र मोदी ने दबाव में आकर यह करार किया है। रैली में राहुल ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदीजी ने कृषिमंत्री शिवराज, राजनाथ सिंह और गडकरी यानी अपने कैबिनेट मंत्रियों से बात किए बिना अमेरिका के साथ इस ट्रेड डील को करने पर हामी भरी है। आप चाहें तो इनसे पूछ भी सकते हैं।
राहुल बोले- सरकार ने 4 महीनों तक समझौता रोककर रखा
इस मौके पर आयोजित सभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'मैं संसद में बोलने की कोशिश कर रहा था, मुझे बोलने नहीं दिया गया। लेकिन मजे की बात दूसरी है, हुआ क्या, मैं नरवाणे जी की बात कर रहा था, मुझे 4-5 घंटे रोका गया मगर बैकग्राउंड में एक और चीज चल रही थी। किसान भाइयों आप गौर से सुनो, 4 महीने के लिए भारत और अमेरिका का जो समझौता है वह रूका हुआ था, क्यों रूका हुआ था, कृषि के मामलों की वजह से रूका हुआ था। हिंदुस्तान की सरकार नहीं चाहती थी, कि अमेरिका की बड़ी-बड़ी कंपनियां सोया, कपास, मक्का व दाल जैसे कृषि उत्पाद हिंदुस्तान में बेच पाएं। भारत का कोई किसान, राजनेता और यहां तक कि हिंदुस्तान की सरकार भी नहीं चाहती थी।'
'मोदी जी ने कैबिनेट से पूछे बिना ट्रम्प को फोन लगाया'
इसके बाद उन्होंने कहा, 'चार महीने तक चर्चा बंद पड़ी रही। इसी दौरान मैंने संसद में भाषण किया, भाषण में मैं सिर्फ नरवाणे जी की बात नहीं करने जा रहा था, मैं दो-तीन चीज और कहना चाहता था, मेरा भाषण खत्म होते ही, प्रधानमंत्री लोकसभा से गए और शाम को बिना राजनाथ सिंह जी, बिना शिवराज चौहान जी और बिना गडकरी जी मतलब बिना अपनी कैबिनेट से पूछे, उसी दिन शाम को नरेंद्र मोदीजी ने ट्रम्प को फोन लगाया। ट्रम्प ने ट्वीट भी किया कि हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री ने मुझे फोन किया और कहा कि इंडिया-यूएस डील को मैं साइन करने के लिए तैयार हूं।'
राहुल बोले- मोदीजी भागकर गए और ट्रम्प को फोन लगाया
राहुल गांधी ने आगे कहा, 'मैं आपसे पूछना चाहता हूं, ये डील 4 महीने रूकी हुई थी, लोकसभा से नरेंद्र मोदी भागकर गए, आप सबने टीवी पर देखा, भागते हुए गए, अगले दिन झूठा बहाना बनाया कि कांग्रेस पार्टी की महिलाएं उन पर हमला करने जा रही थीं, जबकि सच ये है कि प्रधानमंत्री संसद में खड़े नहीं हो पाए और फिर सीधा ट्रम्प को फोन लगाया। आप कृषिमंत्री शिवराज जी से पूछिए क्या कैबिनेट ने निर्णय लिया, राजनाथ जी से पूछिए, गडकरी जी से पूछिए कि क्या कैबिनेट से पूछा गया? कैबिनेट से कुछ नहीं पूछा गया। सीधे प्रधानमंत्री ने फोन किया, और कहा मैं डील करने को तैयार हूं, क्यों किया। 4 महीने कुछ नहीं हुआ और फिर एकदम मोदीजी ने फोन किया और हिंदुस्तान के किसानों को बेच दिया, हमारी गारमेंट इंडस्ट्री को बेच दिया, हमारा सारा का सारा डाटा अमेरिका को दे दिया।'
आगे राहुल गांधी ने इसकी दो वजह बताते हुए आरोप लगाया कि एप्स्टीन फाइल्स जारी करने की धमकी और उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में चल रहे आपराधिक मुकदमे के कारण दबाव में आकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को मंजूरी दी है।
खरगे बोले- मोदी साहब देश को बेच रहे
उधर सभा में बोलते हुए कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा, 'लोकतंत्र और संविधान आज दोनों खतरे में है और हमारी मान-मर्यादा को मिट्टी में मिलाने वाले मोदी साहब आज देश को बेच रहे हैं। देश को गुलामी की तरफ ले जा रहे हैं, किसानों को मजदूर बना रहे हैं, किसानों को ये गुलामी में ढकेलने की कोशिश कर रहे हैं। मोदीजी पिछले 8-10 साल से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को अपना दोस्त बताते आ रहे थे। वो कहते थे, अरे हम रोज एक-दूसरे से चाय पर बात करते हैं, रोज उठते ही एक-दूसरे को नमस्ते करते हैं। ये ढोल पीटने वाला कौन था, मोदीजी थे।'
इतना डरपोक प्रधानमंत्री जिंदगी में नहीं देखा: खरगे
आगे कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा, 'आपको मालूम है और भाजपा के लोगों को भी जानना चाहिए, अरे जो मोदीजी रोज सुबह उठकर चाय पर बात करते थे, तो क्या बात करते थे, क्या हमारे भारत को बेचने का काम करते थे। क्या हमारे किसानों को बेचने का काम करते थे, क्या हमें गुलामी में डालने की बात करते थे। इतना डरपोक प्रधानमंत्री मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं देखा।'
'पीएम संसद नहीं आते, रविवार को मन की बात करते हैं'
इसके आगे खरगे ने कहा, 'मैं कम से कम 60 साल से राजनीति में हूं और 54 साल से MLA-MP बनकर काम कर रहा हूं, लेकिन ऐसा प्राइम मिनिस्टर मैं कभी नहीं देखा, जो संसद में आकर हमसे आंख से आंख भी नहीं मिलाता, अपनी बात को भी नहीं रखता, एक प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करता, और जो सबकुछ बोलता है, रविवार के दिन मन की बात में बोलता है। सोमवार के दिन संसद में आने के लिए वो कभी तैयार नहीं होता। अरे भाई तुम्हारे मन की बात संसद में आकर बोलो ना। वो नहीं होता। तो इतना डरा हुआ, डरपोक एक हमारे प्रधानमंत्री हैं। वो लोग क्या काम करते हैं, कांग्रेस को डराने का काम करते हैं, कांग्रेस को गालियां देने का काम करत हैं, युवक कांग्रेस को हैरासमेंट करने का काम करते हैं।'




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