MP के शिक्षक ने की PM मोदी की मिमिक्री, LPG के दाम पर कसा तंज; हो गया बड़ा ऐक्शन, देखें VIDEO
उमंग सिंघार ने इस मुद्दे को उठाते हुए लिखा, ‘जब प्रदेश की जनता महंगी गैस, पेट्रोल-डीजल और बढ़ती महंगाई से परेशान है, तब जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय एक शिक्षक को सस्पेंड करना सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े करता है।’

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में गैस सिलेंडर के बढ़े दामों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करते हुए उन पर कटाक्ष करना एक प्राथमिक शिक्षक को भारी पड़ गया। मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उस शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। शिक्षक की पहचान साकेत पुरोहित के रूप में हुई है, जो कि पोहरी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक विद्यालय आदिवासी मोहल्ला सेमरखेडी में पदस्थ था। उधर इस कार्रवाई के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस ने कहा है कि कड़वी सच्चाई भाजपा सरकार को रास नहीं आती है। पार्टी ने पूछा कि क्या अब सच बोलना भी अपराध है?
दरअसल यह कार्रवाई पिछोर क्षेत्र से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी द्वारा की गई शिक्षक की शिकायत के बाद हुई है। विधायक ने इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की थी, जिसमें उन्होंने शिक्षक पर जनप्रतिनिधि की मिमिक्री करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया था। विधायक ने कहा कि इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है और साथ ही यह शासकीय सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन भी है। जिसके बाद उनकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जिला शिक्षक अधिकारी ने पुरोहित को निलंबित कर दिया।
विधायक की शिकायत पर विभाग ने लिया ऐक्शन
शिकायत की जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने पाया कि शिक्षक साकेत पुरोहित का यह कृत्य सरकारी कर्मचारियों के आचरण से जुड़े नियमों का उल्लंघन है। इसी वजह से मध्यप्रदेश सिविल सेवा के नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान साकेत पुरोहित का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बदरवास तय किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिस वीडियो की वजह से शिक्षक निलंबित हुआ, क्या है उस वीडियो में?
निलंबित शिक्षक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करते हुए जो वीडियो बनाया था, उसमें उसने पीएम के बोलने के अंदाज में कहा था- 'मेरे प्यारे भाइयों-बहनों, गैस के दाम कम हुए कि नहीं हुए? नहीं हुए। और गैस के दाम बढ़े कि नहीं बढ़े? बढ़ गए। तो गैस के दाम इसलिए बढ़ गए कि भाइयों-बहनों, गैस की रोटी खाने से पेट में भी गैस बनती है, और अगर पेट में गैस बनेगी तो आप बीमार पड़ जाओगे। और अगर आप बीमार पड़ोगे तो यह देश बीमार पड़ जाएगा मेरे भाइयों-बहनों। इसलिए गैस के दाम बढ़ने से आम आदमी भी रोटी खाएगा चूल्हे की और अमीर आदमी भी खाएगा चूल्हे की रोटी। जो अमीर आदमी और आम आदमी के बीच में जो अमीरी-गरीबी की खाई है भाइयों-बहनों, वो दूर हो जाएगी। धन्यवाद भाइयों और बहनों।'
कांग्रेस बोली- कड़वी सच्चाई भाजपा सरकार को रास नहीं आती
इस वीडियो को शेयर करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस ने लिखा, ‘कड़वी सच्चाई भाजपा सरकार को रास नहीं आती! शिवपुरी जिले के शिक्षक श्री साकेत पुरोहित ने गैस किल्लत की आवाज क्या उठाई, उन्हें निलंबित कर दिया गया।’
कांग्रेस पार्टी ने आगे लिखा, ‘क्या अब सच बोलना भी अपराध है? भाजपा राज में सवाल पूछना, जनता की समस्या उठाना और असहमति जताना सबको कुचलने की कोशिश की जा रही है। यह लोकतंत्र है या डर और दमन का राज? जनता की आवाज दबाने से सच्चाई नहीं बदलेगी!’
नेता प्रतिपक्ष बोले- अब सवाल पूछना भी अपराध बना
उधर राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता उमंग सिंघार ने सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे को उठाया और शिक्षक को निलंबित किए जाने के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'शिवपुरी में प्रधानमंत्री की मिमिक्री के आरोप में एक शिक्षक को निलंबित करना बेहद चिंताजनक है। क्या अब लोकतंत्र में सवाल पूछना और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी अपराध बन गया है?' उन्होंने कहा, 'जब प्रदेश की जनता महंगी गैस, पेट्रोल-डीजल और बढ़ती महंगाई से परेशान है, तब जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय एक शिक्षक को सस्पेंड करना सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर प्रश्न चिन्ह खड़े करता है। साथ ही बड़ा सवाल यह है कि आज प्रदेश के युवाओं और कर्मचारियों के साथ जो हो रहा है, क्या यह एक बड़ी मिमिक्री नहीं है?'
सिंघार बोले- सवालों को दबाकर समस्याएं खत्म नहीं होतीं
आगे सिंघार ने कहा, 'मोदी सरकार को यह समझना होगा कि जनता की पीड़ा और सवालों को दबाकर समस्याएं खत्म नहीं होतीं। अगर जनता की समस्याएं जस की तस रहें और सवाल उठाने वालों को सजा दी जाए, तो यह लोकतंत्र नहीं बल्कि आवाज दबाने की प्रवृत्ति बन जाती है। सरकार को दंड नहीं, जनता की समस्याओं का जवाब और समाधान देना चाहिए।'
निलंबन आदेश में लिखा यह सबकुछ
जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को निलंबित करते हुए जो आदेश जारी किया, उसमें लिखा गया, ‘श्री साकेत पुरोहित प्राथमिक शिक्षक शासकीय प्राथमिक विद्यालय आदिवासी मोहल्ला सेमरखेडी संकुल केन्द्र बैराड विकासखण्ड पोहरी के द्वारा सोशल मीडिया में आपत्तिजनक एवं अशांति फैलाने के उद्देश्य से वीडियो पोस्ट किया गया। जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई। इससे प्रथम दृष्टया स्पष्ट है कि श्री पुरोहित प्राथमिक शिक्षक के द्वारा मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के उपनियम (1) (2) एवं (3) "क एवं ग" के अंतर्गत प्रतिकूल कार्य किया गया।’
निलंबन के दौरान सिर्फ मिलेगा जीवन निर्वाह भत्ता
आदेश में आगे कहा गया, 'अतः श्री पुरोहित के द्वारा की गई उक्त अनुशासनहीनता को दृष्टिगत रखते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अन्तर्गत श्री साकेत पुरोहित प्राथमिक शिक्षक शा.प्रा.वि.आदिवासी मोहल्ला सेमरखेडी संकुल केन्द्र बैराड विकासखण्ड पोहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है और उन्हें मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बदरबास नियत किया जाता है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। उक्त आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।'




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