थाने में 'चोरी' कर SP ने उड़ाई पुलिसकर्मियों की नींद, किसी को भनक तक नहीं लगी; MP का दिलचस्प मामला
फाइलें गायब होने की जानकारी मिलते ही थाने में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ देर पहले तक गहरी नींद में सो रहे पुलिसकर्मी अचानक सक्रिय हो गए और रिकॉर्ड खंगालने लगे।

जिले में पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल का देर रात किया गया औचक निरीक्षण पूरे पुलिस महकमे में चर्चा का विषय बन गया। आमतौर पर थानों के निरीक्षण की खबरें तो अक्सर सामने आती हैं, लेकिन इस बार एसपी ने पुलिसकर्मियों की सतर्कता जांचने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसने थाने में मौजूद स्टाफ की नींद ही उड़ा दी। यह पूरा घटनाक्रम ग्वालियर-झांसी हाईवे पर स्थित गोराघाट थाने का है, जहां रात करीब 11 बजे एसपी अचानक पहुंच गए।
एसपी के अचानक थाने पहुंचने से वहां मौजूद पुलिसकर्मियों में हलचल मच गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने देखा कि संतरी सहित अधिकांश पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी छोड़कर थाने के अंदर और ऊपर बने कमरों में सो रहे थे। रात के समय जहां पुलिस को सतर्क रहकर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था संभालनी चाहिए, वहां कर्मचारियों की यह लापरवाही साफ दिखाई दी। थाने की व्यवस्था देखकर एसपी नाराज हुए, लेकिन उन्होंने तुरंत किसी को डांटने के बजाय एक अलग तरीके से कर्मचारियों को सबक सिखाने का फैसला किया।
स्टाफ को जगाया और गंभीर लहजे में कहा
एसपी मयूर खंडेलवाल चुपचाप थाने के रिकॉर्ड रूम में पहुंचे और वहां रखी कुछ महत्वपूर्ण फाइलें उठाकर बाहर ले आए। इसके बाद उन्होंने स्टाफ को जगाया और गंभीर लहजे में कहा कि थाने से कुछ जरूरी फाइलें गायब हैं। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि तुरंत जांच की जाए और पता लगाया जाए कि कौन-कौन सी फाइलें रिकॉर्ड से नहीं मिल रही हैं।
फाइलें गायब होने की जानकारी मिलते ही थाने में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ देर पहले तक गहरी नींद में सो रहे पुलिसकर्मी अचानक सक्रिय हो गए और रिकॉर्ड खंगालने लगे। कर्मचारी एक-एक फाइल चेक करने लगे, लेकिन जब जरूरी रिकॉर्ड नहीं मिला तो सभी की घबराहट बढ़ गई। इसी दौरान एसपी ने थाने के पास स्थित सरकारी आवास में भोजन कर रहे थाना प्रभारी रमेश शाक्य को भी मौके पर बुलवा लिया।
पुलिसकर्मियों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दी
टीआई के पहुंचने के बाद पूरे रिकॉर्ड की दोबारा जांच शुरू हुई। काफी देर तक फाइलों की तलाश चलती रही। पुलिसकर्मियों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी। जब सभी परेशान हो चुके थे, तब एसपी ने खुद फाइलें वापस करते हुए बताया कि यह केवल पुलिसकर्मियों की सतर्कता और जिम्मेदारी जांचने के लिए किया गया था। उन्होंने कहा कि पुलिस की ड्यूटी सिर्फ दिन में नहीं बल्कि 24 घंटे की जिम्मेदारी होती है। थाने में हर समय सतर्कता जरूरी है, क्योंकि किसी भी समय कोई फरियादी मदद के लिए पहुंच सकता है या कोई बड़ी घटना घट सकती है।
पुलिसकर्मियों को दी सख्त चेतावनी
एसपी ने कर्मचारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने थाना प्रभारी सहित पूरे स्टाफ को कार्यप्रणाली में सुधार करने और ड्यूटी के दौरान पूरी जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए। इस अनोखे निरीक्षण के बाद जिले के अन्य थानों में भी पुलिसकर्मी सतर्क हो गए हैं। एसपी की इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




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