मध्य प्रदेश में दूध की कीमतों में उबाल; 2 से 4 रुपये प्रति लीटर तक बढ़े दाम
मध्य प्रदेश में चारे की बढ़ती कीमतों और भीषण गर्मी के कारण दूध उत्पादन में कमी आई है जिससे इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में दूध के दाम 2 से 4 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गए हैं। विक्रेताओं ने यह फैसला बुधवार से लागू किया।

मध्य प्रदेश में दूध के खुदरा दामों में 2 से 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। मध्य प्रदेश दूध विक्रेता महासंघ के अनुसार, यह बढ़ोतरी इंदौर, भोपाल, जबलपुर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में बुधवार से लागू हो गई है। इंदौर में दूध 60 से बढ़कर 63 रुपये प्रति लीटर हो गया है। विक्रेताओं का कहना है कि गर्मियों में हरा चारा कम मिलने और पशुओं की दूध उत्पादन क्षमता घटने से लागत बढ़ गई है। साथ ही कमर्शियल गैस और तेल की कीमतें बढ़ने से भी आर्थिक दबाव बढ़ा है।
2 से 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ गए दाम
मध्य प्रदेश दूध विक्रेता संघ के अध्यक्ष भारत मथुरावाला ने बताया कि इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, भोपाल और जबलपुर समेत कई जगहों पर खुले दूध के दाम 2 से 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए गए हैं। इंदौर में 60 रुपये वाला दूध अब 63 रुपये में मिल रहा है। अन्य शहरों में स्थानीय हालात के मुताबिक दूध की कीमतों में इजाफा किया गया है। यह बढ़ोतरी इस बीच हुई है जब आम आदमी तेल और गैस को लेकर पहले से ही परेशान है।
गर्मियों में चारे की कमी बड़ी वजह
मध्य प्रदेश दूध विक्रेता महासंघ के अध्यक्ष भारत मथुरावाला ने बताया कि गर्मियों में हरे चारे की कमी और पशु आहार महंगा होने के कारण दूध के दाम बढ़ाने पड़े हैं क्योंकि इस मौसम में मवेशियों का दूध उत्पादन भी कम हो जाता है। दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी तब हुई है जब 1 अप्रैल से ऊर्जा की लागत बढ़ने के साथ ही बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और छोटे रिफिल पैक भी महंगे हो गए हैं।
कमर्शियल सिलेंडरों की कीमतों में इजाफा
दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत लगभग 200 रुपये बढ़ गई है और 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों के दाम में भी काफी इजाफा हुआ है। हालांकि घरेलू कुकिंग गैस की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। रसोई गैस मार्च में पहले तय की गई कीमतों के स्तर पर ही बनी हुई है।
फ्यूल के स्टाक पर क्या बोली सरकार?
वैश्विक स्तर पर तेल कीमतों में बढ़ोतरी के बीच एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) यानी विमान ईंधन की कीमतें बढ़कर रिकॉर्ड 2.07 लाख रुपये प्रति किलोलीटर से अधिक हो गई है। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों ने घरेलू विमानन कंपनियों के लिए इसे 8.5 फीसदी तक सीमित रखा है। इस बीच सरकार ने कहा है कि देश में तेल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।




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