मध्य प्रदेश में 11 IAS अफसरों का ट्रांसफर, कांग्रेस ने भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया
मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार देर रात एक आदेश जारी कर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 11 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। विपक्षी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह कदम आबकारी विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार देर रात एक आदेश जारी कर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 11 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। विपक्षी कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह कदम आबकारी विभाग के भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा सुबह लगभग 1:55 बजे जारी आदेश के अनुसार, अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बरनवाल को स्वास्थ्य विभाग का प्रभार दिया गया है। उन्होंने संदीप यादव की जगह ली है, जिन्हें वन विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। यादव को एनआरआई विभाग के प्रधान सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनीष सिंह को एक बार फिर जनसंपर्क विभाग का आयुक्त बनाया गया ह। वे परिवहन सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभालते रहेंगे। चार महीने से इस पद पर कार्यरत जनसंपर्क आयुक्त दीपक सक्सेना को आबकारी आयुक्त नियुक्त किया गया है। उन्होंने अभिजीत अग्रवाल का स्थान लिया है। अग्रवाल को राज्य सहकारी विपणन महासंघ का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। अग्रवाल का तबादला नई उत्पाद शुल्क नीति के लागू होने से पहले हुआ है।
अन्य अधिकारियों में अजय गुप्ता को किसान कल्याण एवं कृषि विकास निदेशक के पद से ट्रांसफर कर जबलपुर स्थित पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया है। उमाशंकर भार्गव आठ महीने बाद राजभवन से लौटकर किसान कल्याण एवं कृषि विकास निदेशक का पदभार संभालेंगे।
आदेश में कहा गया है कि भिंड जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुबे को राज्यपाल का उप सचिव नियुक्त किया गया है, जबकि उच्च शिक्षा विभाग की उप सचिव संघमित्रा गौतम को अलीराजपुर जिला पंचायत का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है।
अगर मालवा जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदा भालवे कुशरे को राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान में अतिरिक्त परियोजना निदेशक नियुक्त किया गया है। विद्यालय शिक्षा विभाग के उप सचिव कमल सोलंकी को रायसेन जिला पंचायत का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है।
इस फेरबदल पर प्रतिक्रिया देते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आबकारी विभाग में भ्रष्ट तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। पार्टी ने इंदौर में कथित अनियमितताओं और जबलपुर में जहरीली शराब से हुई मौतों का भी जिक्र किया।
पार्टी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि तबादला हो गया, लेकिन जवाबदेही का क्या? पार्टी ने लिखा कि अभिजीत अग्रवाल ने आबकारी विभाग में भ्रष्ट तत्वों को पनाह दी। इंदौर में 75 करोड़ रुपए के फर्जी चालान, जबलपुर में जहरीली शराब से 15 से अधिक मौतें। कोई कार्रवाई नहीं हुई! सोम डिस्टिलरीज तो बस शुरुआत है!




साइन इन