उज्जैन में हवाई पट्टी का होगा विस्तार, ली जाएगी 437 एकड़ जमीन; कैबिनेट के फैसले
मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 437 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 590 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 590 करोड़ रुपये की लागत से 437 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। उड़ान योजना के तहत यहां बोइंग और एयरबस जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ समझौता किया गया है। उज्जैन एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र है जहां प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर स्थित है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2,923 करोड़ रुपये के 22 विकास कार्यों को मंजूरी दी है जिन्हें दिवाली 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
उज्जैन हवाई पट्टी का होगा विकास
एक अधिकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत उज्जैन हवाई पट्टी के विकास के लिए राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच समझौता हुआ है ताकि यहां बोइंग और एयरबस 320 जैसे बड़े विमानों का संचालन हो सके। सरकारी हवाई पट्टी के विकास और विस्तार के लिए आवश्यक समझौते और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।
437.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी
अधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने इस परियोजना के लिए 437.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। इसके लिए 590 करोड़ रुपये की रकम मंजूर की गई है।उज्जैन एक धार्मिक नगरी है। महाकालेश्वर मंदिर की वजह से यह पर्यटन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। उज्जैन में सांदीपनी आश्रम भी है।
महाकुंभ के कामों को पूरा करने के लिए तय की डेडलाइन
अधिकारी ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होता है जहां दूर-दूर से बहुत से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। उज्जैन सेवा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता हुआ शहर है इसलिए यहां की हवाई पट्टी को सुधारना बहुत जरूरी है। सिंहस्थ मेले के लिए बनी कैबिनेट कमेटी ने तय किया है कि साल 2028 के महाकुंभ से जुड़े सभी कामों को दिवाली 2027 तक पूरा कर लिया जाए।
9 अप्रैल से गेहूं की खरीद
कैबिनेट ने शिक्षा, खेती, सिंचाई, प्रशासन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली योजनाओं के लिए 16,720 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। साथ ही कैबिनेट ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए गेहूं की खरीद 10 अप्रैल के बजाय 9 अप्रैल से ही शुरू करने की मंजूरी दे दी है।
विकास कार्यों का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
वहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट समिति की 5वीं बैठक में कहा कि बुनियादी ढांचे के सभी काम अच्छी क्वालिटी के साथ तय समय पर पूरे होने चाहिए। समिति ने 2,923.84 करोड़ रुपये के 22 कामों को मंजूरी दी। सीएम मोहन यादव ने निर्देश दिया कि सिंहस्थ 2028 के कामों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए ताकि काम की गुणवत्ता पक्की हो सके।
100 किलोमीटर के दायरे में होगे काम
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में बन रहे भवनों का निर्माण ऐसा हो कि वे बाद में भी वार्षिक कार्यक्रमों के काम आ सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि महाकाल मंदिर और अन्य तीर्थों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें बनाई जाएं। मुख्यमंत्री ने दूर से आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए उज्जैन के 100 किलोमीटर के दायरे में होमस्टे, पार्किंग और जन-सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने क्षिप्रा नदी पर पैदल चलने वालों के लिए एक अलग पुल बनाने का भी आदेश दिया।




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