शैतान हूं; बैतूल में माता-पिता और छोटे भाई के कातिल बेटे की अजीब हरकतें
एमपी के बैतूल अपने माता-पिता और भाई की बेरहमी से हत्या करने वाला दीपक धुर्वे खुद को दैत्य बता रहा है। आरोपी अत्यधिक आक्रामक है। सुरक्षा के मद्देनजर उसे नींद की दवा देकर बेहोशी की हालत में इलाज के लिए ग्वालियर के मानसिक आरोग्य केंद्र भेजा गया है।

मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में अपने माता-पिता और भाई की बेरहमी से हत्या करने वाला दीपक धुर्वे खुद को शैतान बता रहा है। आरोपी की मानसिक स्थिति बेहद आक्रामक है। वह अजीब हरकतें कर रहा है। उसे इलाज के लिए ग्वालियर के मानसिक रोग आरोग्य केंद्र भेजा गया है। सुरक्षा के मद्देनजर 11 पुलिसकर्मियों की टीम उसे बेहोशी की दवा देकर बस से ग्वालियर ले गई। बैतूल जेल में मानसिक रोगियों के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कोर्ट के आदेश पर उसे ग्वालियर शिफ्ट किया गया है जहां विशेष सेल में उसका उपचार और निगरानी की जाएगी।
खुद को बता रहा शैतान
बताया जा रहा है कि बैतूल के सांवगा गांव में दीपक धुर्वे नाम के युवक ने 19 फरवरी को पिता राजू उर्फ हंसू धुर्वे (45), मां कमलती (40) और भाई दिलीप (23) की हत्या कर दी थी। इसके बाद वह दरवाजा बंद कर लाशों के पास बैठा रहा। कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो हंसू और दिलीप की लाशें एक-दूसरे से लिपटी मिलीं। पास ही कमलती की लाश पड़ी थी। फर्श और दीवारों पर खून के कतरे बिखरे मिले। आरोपी खुद को शैतान बता रहा था।
आरोपी का व्यवहार आक्रामक
यही नहीं 5 वर्षीय भांजे प्रशांत परते की हालत गंभीर होने पर उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर का मंजर देखकर दंग रह गई। दीपक का व्यवहार बहुत ज्यादा हिंसक और आक्रामक है। आरोपी के खतरनाक व्यवहार को देखते हुए अदालत ने उसे ग्वालियर के मानसिक आरोग्य केंद्र भेजने का आदेश दिया है। शनिवार को 11 पुलिसकर्मियों की टीम उसे लेकर रवाना हुई।
नींद की दवा देकर करना पड़ा बेहोश
आरोपी दीपक को शनिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बस से ग्वालियर रवाना किया गया। आरोपी के आक्रामकता को काबू करने के लिए डॉक्टरों की सलाह पर उसे नींद की दवा देकर बेहोश करना पड़ा ताकि रास्ते में कोई खतरा ना हो। उसके साथ 11 पुलिसकर्मियों की टीम भी भेजी गया है, ताकि रास्ते में उसकी आक्रामकता पर नियंत्रण रखा जा सके। ग्वालियर जेल की विशेष सेल में डॉक्टरों की निगरानी में आरोपी का इलाज किया जाएगा।
ग्वालियर जेल ही चलेगा इलाज
वरिष्ठ अधिकारियों ने इस घटना को मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी का गंभीर उदाहरण बताया है। उनका कहना है कि ऐसे मरीजों की समय पर पहचान बहुत जरूरी होती है। ऐसे शख्स का उपचार और जागरूकता की भी जरूरत पड़ती है। फिलहाल आरोपी को ग्वालियर जेल स्थित मानसिक आरोग्य केंद्र में चिकित्सकों की निगरानी में रखकर उसकी मानसिक स्थिति की जांच और उपचार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।




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