भ्रष्टाचार का दबाव, इनकार पर किया परेशान; एमपी में VIDEO बना बाबू ने दी जान
दतिया नगर पालिका में पदस्थ बाबू दिलीप गोंड ने झांसी में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले उन्होंने एक वीडियो जारी कर सीएमओ और दो कर्मियों पर मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं।

एमपी के दतिया में एक क्लर्क के सुसाइड करने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।दतिया नगर पालिका में पदस्थ क्लर्क ने झांसी स्थित अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले बनाए एक वीडियो में उसने सीएमओ और दो अन्य सहयोगियों पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। यही नहीं वीडियो में क्लर्क ने फर्जी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाए जाने की भी बात कही है। झांसी पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
लगाई फांसी
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बाबू दिलीप गोंड सुबह उठे और चाय पी फिर सामान खरीदने के लिए मार्केट गए। मार्केट से लौटकर वह अपने घर की छत पर बने एक कमरे में गए, जहां उन्होंने फांसी लगा ली। थोड़ी देर बाद उनका बेटा उन्हें देखने गया तो अपने पिता को फांसी पर लटका हुआ पाया। इस दौरान पिता को फंदे पर लटका देखकर बेटा चिल्लाया। आवाज सुनकर परिवार के दूसरे लोग भी आ गए।
सुसाइड से पहले रिकॉर्ड किया वीडियो
झांसी पुलिस मौके पर पहुंची। डेडबॉडी को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार को सौंप दिया गया। पुलिस सुसाइड से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो के आधार पर मामले की जांच कर रही है। सुसाइड से पहले रिकॉर्ड किए गए वीडियो में दिलीप गोंड कह रहे हैं कि वह नगर पालिका की स्थापना शाखा में बाबू के पद पर पोस्टेड थे।
फर्जी दस्तावेजों पर साइन करने का दबाव
उन्होंने बताया कि उन पर साल 2006 की एक नोटशीट से जुड़े फर्जी दस्तावेजों पर साइन करने का दबाव बनाया जा रहा था। उस समय नगर पालिका में सीएमओ मकबूल खान तैनात थे जिन्होंने ये फेक डॉक्यूमेंट बनाए थे। 2017 में मामला लोकायुक्त के पास पहुंचा था जिसकी जांच चल रही है।
साइन से इनकार करने पर रिश्वत ऑफर करने का आरोप
दिलीप गोंड ने वीडियो खुलासा किया है कि साइन करने से मना करने पर उनको 50 हजार रुपए की रिश्वत ऑफर की गई। जब उन्होंने मना किया तो सीएम नागेंद्र गुर्जर ने पद से हटाकर ट्रेंचिंग ग्राउंड पर कचरा गाड़ियां गिनने का काम दे दिया। वीडियो में बाबू दिलीप गोंड का दावा है कि सीएमओ ने उसके साथ गाली गलौज की और उनको मानसिक रूप से परेशान किया।
क्या बोले सीएमओ नागेंद्र गुर्जर?
दिलीप गोंड ने यह भी आरोप लगाया है कि दो अन्य कर्मचारियों ने भी उसे परेशान किया। उनका कहना था कि बाबू का काम ऑफिस में लेखा-जोखा का है, लेकिन गाड़ी गिनने में लगाया गया। यह उनके लिए बहुत दुखद घटना है। उन्होंने अपनी मौत के लिए सीएमओ नागेंद्र गुर्जर और दो दूसरे कर्मचारियों को जिम्मेदार बताया है। वहीं इस मामले पर सीएमओ नागेंद्र गुर्जर ने कहा कि दिलीप गोंड मेहनती और लगन से काम करने वाले कर्मचारी थे। वीडियो में लगाए आरोप बेबुनियाद हैं।




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