MP में बस हादसे के बाद लोगों को बचाने नंगे पैर भागे थे 113 पुलिसकर्मी, CM ने की इनाम देने की घोषणा
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महिलाओं पर दबाव डाले जाने की शिकायतें मिली हैं, उनसे कहा गया कि अगर वे नहीं पहुंचीं तो 'लाड़ली बहना योजना' का लाभ बंद कर दिया जाएगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में छिंदवाड़ा में हुए बस हादसे के बाद घायलों की मदद करने वाले 113 पुलिसकर्मियों के लिए विशेष इनाम की घोषणा की है। सीएम ने इन पुलिसकर्मियों के लिए 2 हजार से लेकर 5 हजार रुपए तक के नकद इनाम की घोषणा की है। हादसे का पता चलते ही इनमें से ज्यादातर पुलिसकर्मी लोगों को बचाने के लिए नंगे पैर ही भागकर घटनास्थल पर पहुंच गए थे, और इस दौरान उन्होंने वहां पड़े कांच के टुकड़ों की भी परवाह नहीं की थी। मुख्यमंत्री को जब इस बारे में पता चला तो उन्होंने रीवा के पुलिस प्रशिक्षण स्कूल (PTS) और छिंदवाड़ा जिला पुलिस के इन जवानों की जमकर सराहना की और इनाम की घोषणा की।
पुलिस ने बताया कि गुरुवार शाम छिंदवाड़ा में मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम से लौट रही एक बस की टक्कर एक पिकअप वाहन से हो गई थी, और वह पलट गई थी। इस घटना में 10 लोगों की मौत हो गई थी और 31 अन्य घायल हो गए थे। इनमें से तीन से चार घायल लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है।
हादसे के बाद तुरंत मौके पर पहुंच गई थी PTS रीवा की टीम
इस बारे में राज्य सरकार की तरफ से बताया गया कि जब यह हादसा हुआ उस वक्त दुर्घटनाग्रस्त बस के पीछे PTS रीवा की एक टीम भी आ रही थी, जो तुरंत मौके पर पहुंच गई थी और बिना किसी देरी के जवानों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया था। इस दौरान कई जवान नंगे पैर ही घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े थे और उन्होंने टूटे हुए कांच पर चलते हुए घायल लोगों को बाहर निकाला था।
बस को 3 फीट ऊपर उठाकर घायलों को बाहर निकाला था
इस दौरान PTS टीम ने इमरजेंसी नंबर 112 पर फोन करते हुए मदद भी बुलाई थी और पलटी हुई बस को लगभग तीन फीट ऊपर उठाते हुए उसके नीचे फंसे लोगों को भी बचाया था। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने घायल लोगों को जिला अस्पताल पहुंचाने में भी 'डायल-112' और स्थानीय पुलिस की मदद की थी। पुलिस ने बताया कि इन जवानों की बहादुरी और समर्पण की वजह से लगभग 40 लोगों की जान बचाई जा सकी थी।
रीवा पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के 100 से ज्यादा कांस्टेबल शामिल रहे
प्रेस नोट के अनुसार लोगों की जान बचाने वाले कुल 113 पुलिसकर्मियों में पांच अधिकारी, PTS रीवा के 100 से अधिक कांस्टेबल और छिंदवाड़ा जिला पुलिस के जवान शामिल हैं। इन सभी को 2,000 रुपए से 5,000 रुपए के बीच नकद इनाम दिया जाएगा।
मृतकों के परिजनों को सरकार से मिलेंगे 8-8 लाख रुपए
उधर हादसे के कुछ ही घंटे बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजनों के लिए 4-4 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 1-1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि की घोषणा की थी। इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने 'संबल' योजना के तहत मृतकों के परिवारों के लिए अतिरिक्त 4 लाख रुपए की घोषणा की, जिससे कुल मुआवजा राशि बढ़कर 8 लाख रुपए प्रति परिवार हो गई।
कांग्रेस ने की 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा
उधर इस बस हादसे में जान गंवाने वाले 10 लोगों के परिजनों के लिए शनिवार को मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता राशि देने की घोषणा की। कांग्रेस ने इस दुर्घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भोपाल में कहा कि हादसे का शिकार हुई बस मुख्यमंत्री मोहन यादव के कार्यक्रम से लौट रही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए महिलाओं पर दबाव डाले जाने की शिकायतें मिली हैं और यह तक कहा गया कि अगर वे नहीं पहुंचीं तो 'लाड़ली बहना योजना' का लाभ बंद कर दिया जाएगा। सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देगा। राज्य विधानसभा की 230 सीट में कांग्रेस के 65 विधायक हैं।




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