विकास कार्यों के लिए 29,540 करोड़, नीमच को नई सिंचाई परियोजना; जानिए MP कैबिनेट के बड़े फैसले
मंत्रिमंडल की बैठक में सीहोर के बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 714.91 करोड़ रूपए के स्थान पर 763.40 करोड़ रूपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस दौरान इस बैठक में राज्य मंत्रियों के स्वेच्छानुदान की राशि को 16 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए करने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा इस बैठक में प्रदेश के नीमच शहर में बनी खुमानसिंह शिवाजी जलाशय सिंचाई परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी गई। इससे 22 गांवों के साढ़े 6 हजार किसानों के लाभान्वित होने और 5200 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई उपलब्ध करवाई जाएगी।
कैबिनेट बैठक में हुए महत्वपूर्ण निर्णयों की जानकारी देते हुए सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने कहा, 'प्रदेश में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सिंचाई सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विकास कार्यों और योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इस दौरान लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों एवं योजनाओं के परीक्षण और अनुमोदन के लिए 15 हजार 598 करोड़ रुपए और शहरी व नगरीय मार्गों के कायाकल्प तथा सुदृढ़ीकरण के लिए 6,900 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।'
वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6116 करोड़ मंजूर
आगे उन्होंने बताया कि इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिये गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले वृद्धजनों की पेंशन के लिए 6 हजार 116 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा चिकित्सा क्षेत्र के विस्तार के लिए बुदनी में बन रहे एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपए की नई पुनर्निधारित योजना को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई। इससे पहले यह योजना 714 करोड़ रुपए की थी।
10 करोड़ से कम के डामरीकरण कार्यों में भी दर समायोजन को मंजूरी
मंत्री काश्यप ने बताया कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हुए भारी उछाल को देखते हुए, डामर की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस कारण कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे थे। ऐसे में मंत्रिमंडल द्वारा सड़क निर्माण कार्यों को गति देने के लिए 10 करोड़ से कम लागत के डामरीकरण कार्यों में भी मूल्य समायोजन और MPRDC अंतर्गत EPC तथा HAM परियोजनाओं में मासिक दर समायोजन की भी स्वीकृति दी गई। यह राहत 1 मई 2026 से 30 जून 2026 तक की अवधि में क्रय किए गए बिटुमेन (डामर) के लिए लागू होगी।
बुदनी मेडिकल कॉलेज के लिए पुनरीक्षित योजना मंजूर
मंत्रिमंडल की बैठक में सीहोर के बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना के लिए 714.91 करोड़ रूपए के स्थान पर 763.40 करोड़ रूपए की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। मंजूरी के अनुसार बुदनी में 100 एम.बी.बी.एस. सीट प्रवेश क्षमता के नए मेडिकल कॉलेज तथा 500 सीटर संबद्ध अस्पताल स्थापित किया जाएगा। साथ ही नर्सिग पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के नर्सिंग महाविद्यालय और पैरामेडिकल पाठ्क्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता के पैरामेडिकल महाविद्यालय की स्थापना भी की जाएगी।




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