इंदौर में होगा ‘मॉडर्न हत्यारी होलिका दहन’, जलाया जाएगा हत्यारोपी महिलाओं का पुतला; वजह
एमपी के इंदौर में इस बार एक अनोखा और चर्चित आयोजन किया जा रहा है, जहां होलिका दहन के प्रतीक के रूप में उन महिलाओं के पुतलों का दहन किया जाएगा जिन पर अपने ही बच्चों की हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

होली का महापर्व नजदीक आते ही इंदौर शहर में पारंपरिक आयोजनों के साथ सामाजिक संदेश देने वाले कार्यक्रम भी सामने आने लगे हैं। इसी कड़ी में इंदौर में इस बार एक अनोखा और चर्चित आयोजन किया जा रहा है, जहां होलिका दहन के प्रतीक के रूप में उन महिलाओं के पुतलों का दहन किया जाएगा जिन पर अपने ही बच्चों की हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। आयोजन को ‘मॉडर्न हत्यारी होलिका दहन’ नाम दिया गया है।
यह कार्यक्रम 2 मार्च की शाम महालक्ष्मी नगर स्थित मेला ग्राउंड, पुष्प विहार कॉलोनी मेन रोड पर आयोजित होगा। आयोजकों के अनुसार शाम 4 बजे से 6:30 बजे के बीच 11 चेहरों वाली विशेष होलिका का दहन किया जाएगा, जिसे सामाजिक चेतना से जोड़कर प्रस्तुत किया जाएगा।
पौरुष संस्था के तत्वावधान में आयोजन
यह आयोजन पौरुष संस्था द्वारा किया जा रहा है, जो मुख्य रूप से मेन्स राइट्स से जुड़े मुद्दों पर कार्य करती है। संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दशोरा के मुताबिक, जिस प्रकार पौराणिक कथा में होलिका ने भक्त प्रह्लाद को जलाने का प्रयास किया था, उसी तरह वर्तमान समय में भी कुछ आपराधिक घटनाएं समाज को झकझोर रही हैं। उनका कहना है कि देशभर में ऐसे कई मामलों में महिलाओं पर अपनी ही संतान की हत्या के आरोप लगे हैं और समाज को इस विषय पर जागरूक करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रतीकात्मक पुतला दहन कर सामाजिक संदेश देने की कोशिश की जा रही है।
11 चेहरों वाली प्रतीकात्मक होलिका
आयोजकों के अनुसार कुल 11 महिलाओं के प्रतीकात्मक पुतले तैयार किए गए हैं। इनमें बेंगलुरु की चर्चित महिला सीईओ का चेहरा भी शामिल किया गया है, जिन पर अपने चार वर्षीय बेटे की हत्या का आरोप लगा था। संस्था का दावा है कि बढ़ते आपराधिक मामलों पर सामाजिक चर्चा जरूरी है और यह आयोजन उसी दिशा में एक प्रयास है।
सामाजिक संदेश देने का दावा
आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसी वर्ग विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि अपराध के खिलाफ सामाजिक जागरूकता फैलाना है। होलिका दहन के माध्यम से अपराध और नैतिक जिम्मेदारी पर समाज को सोचने का संदेश दिया जाएगा।
पौरुष संस्था पिछले करीब 15 वर्षों से शहर में मेन्स राइट्स से जुड़े मामलों पर कार्य कर रही है। संस्था का दावा है कि वह झूठे दहेज प्रकरण, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण विवाद, चाइल्ड कस्टडी, चाइल्ड विजिटेशन, तलाक तथा महिला कानूनों के कथित दुरुपयोग से प्रभावित परिवारों, बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की काउंसलिंग करती है। इसके साथ ही जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाती है।
संस्था के पदाधिकारियों के अनुसार अवैध गिरफ्तारी, रिश्वत मांगने और प्रशासनिक उत्पीड़न जैसे मामलों में भी पीड़ित परिवारों को कानूनी मार्गदर्शन और न्याय दिलाने का प्रयास किया जाता है। संस्था वर्ष 2011 से सक्रिय रूप से काम कर रही है, जबकि इसका औपचारिक पंजीकरण वर्ष 2018 में कराया गया था।
पहले भी पुतला दहन को लेकर विवाद
संस्था इससे पहले भी चर्चाओं में रही है, जब उसने सोनम रघुवंशी का पुतला दहन करने का ऐलान किया था। यह आयोजन दशहरा पर प्रस्तावित था, लेकिन सोनम की मां संगीता रघुवंशी ने 25 सितंबर को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर कर दी थी।




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