Mandsaur an illegal madrasa was operating in the name of school commission for protection of child rights inspected MP: स्कूल के नाम पर चल रहा था अवैध मदरसा! सिर्फ छात्राओं को दी जा रही थी ‘तालीम’, घिरे संचालक, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
More

MP: स्कूल के नाम पर चल रहा था अवैध मदरसा! सिर्फ छात्राओं को दी जा रही थी ‘तालीम’, घिरे संचालक

मंदसौर जिले के बादाखेड़ी गांव में स्कूल के नाम पर कथित अवैध मदरसा के संचालन का खुलासा हुआ है। यहां बाल अधिकार आयोग की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं हैं। जानकारी अनुसार स्कूल से बच्चियों का रिकॉर्ड गायब, निरीक्षण में दस्तावेज नहीं मिले और संचालक भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके।

Thu, 4 June 2026 07:43 PMMohit लाइव हिन्दुस्तान, मंदसौर
share
MP: स्कूल के नाम पर चल रहा था अवैध मदरसा! सिर्फ छात्राओं को दी जा रही थी ‘तालीम’, घिरे संचालक

मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ निवेदिता शर्मा तीन दिवसीय मंदसौर दौरे पर है। दौरे के दूसरे दिन आज अचानक वे जिले के बादाखेड़ी गांव में संचालित हो रहे स्कूल पर पहुंची। जहां बेहद ही चौंकाने वाले खुलासे हुए है। यहां स्कूल के नाम से अवैध मदरसे का संचालन किया जा रहा था। रिकॉर्ड में मौजूद बच्चियों की संख्या से अधिक बच्चियों का सामान आयोग को मिला। जांच में सामने आईं गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए आयोग ने शिक्षा विभाग को इस पर एफआईआर करने के निर्देश दिए है।

निरीक्षण के दौरान सामने आया कि छात्र और छात्राओं दोनों की अनुमति के बावजूद सिर्फ एक ही वर्ग की छात्राओं को पढ़ाया जा रहा था। आयोग ने इसको लेकर शिक्षा विभाग को एफआईआर करने की अनुशंसा की है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:पति ने भाई बनकर क्यों करा दी अपनी ही पत्नी की शादी; ग्वालियर कांड में बड़ा खुलास

सिर्फ छात्राओं को ही शिक्षा क्यों?

मंदसौर में स्कूल की आड़ में मदरसा संचालित किया जा रहा था। जहां सिर्फ छात्राओं को ही शिक्षा दी जा रही थी। गुरुवार को जब मध्यप्रदेश बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष यहां पहुंची तो पूरे मामला सामने आया। आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि, मंदसौर के बादाखेड़ी गांव में निरीक्षण के दौरान बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। यहां मोइनिया एजुकेशन सोसायटी के नाम से स्कूल की जगह मदरसे और हॉस्टल का संचालन किया जा रहा है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:ग्वालियर-भिंड-इटावा NH-719 बनने जा रहा फोरलेन, टेंडर जारी; क्या-क्या फायदें?

12वीं कक्षा तक की किताबें मिलीं

बीते वर्ष स्कूल द्वारा छठी कक्षा से आठवीं कक्षा की अनुमति ली गई थी। लेकिन बावजूद इसके यहां से आयोग को प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक की किताबें मिली हैं। साथ ही मौके पर 100 से अधिक बच्चियों का सामान भी मिला है। जबकि स्कॉलर रिकॉर्ड में 76 तो वही पोर्टल पर 36 बच्चियों की जानकारी ही दी गई थी। आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि, स्कूल की मान्यता तो छात्र और छात्राओं दोनों की है। लेकिन यहां सिर्फ छात्राओं को ही शिक्षा दी जा रही थी। इसी कारण आयोग ने शिक्षा विभाग को इस पर एफआईआर करने के निर्देश दिए है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:MP के मंदसौर में पटरी से उतरा मालगाड़ी का डिब्बा, कई ट्रेनें प्रभावित

बिना अनुमति के हॉस्टल भी चलाया जा रहा था?

मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी टेरेसा मिंज का कहना है कि, बाल आयोग के अध्यक्ष के साथ वे भी मौके पर पहुंची थी। जहां नियमों के खिलाफ इसका संचालन किया जा रहा था। अवैध रूप से मदरसे का संचालन करने के दौरान बिना अनुमति के हॉस्टल भी चलाया जा रहा था। उन्होंने माना कि, यह स्कूल गोपनीय तरीके से बिना शिक्षा विभाग को सूचित किए संचालित किया जा रहा था। जल्द आगे की कार्रवाई करवाई जाएगी।

लेटेस्ट Hindi News, Bhopal News, Indore News, Jabalpur News, Gwalior News, Ujjain News के साथ-साथ MP Board Result 2026 Live और MP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।