Madhya Pradesh tourism boat sailed despite yellow alert 6 still missing in Jabalpur accident तूफान का अलर्ट होने पर भी रवाना की गई क्रूज, पायलट और क्रू कूद गए; हादसे में अब भी 6 लापता, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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तूफान का अलर्ट होने पर भी रवाना की गई क्रूज, पायलट और क्रू कूद गए; हादसे में अब भी 6 लापता

बरगी बांध में क्रूज पलटने की घटना में बचे लोगों ने शुक्रवार को बताया कि मौसम विभाग की ओर से तूफान का अलर्ट जारी होने के बावजूद 'नर्मदा क्वीन' नामक क्रूज को रवाना होने की अनुमति दी गई थी। क्रूज पर चढ़ने से पहले किसी भी यात्री को लाइफ-जैकेट नहीं पहनाई गई थी। इस दुर्घटना में छह लोग अब भी लापता हैं।

Sat, 2 May 2026 10:59 AMSubodh Kumar Mishra हिन्दुस्तान टाइम्स, जबलपुर
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तूफान का अलर्ट होने पर भी रवाना की गई क्रूज, पायलट और क्रू कूद गए; हादसे में अब भी 6 लापता

बरगी बांध में नाव पलटने की घटना में बचे लोगों ने शुक्रवार को बताया कि मौसम विभाग की ओर से तूफान का अलर्ट जारी होने के बावजूद 'नर्मदा क्वीन' नामक क्रूज को रवाना होने की अनुमति दी गई थी। क्रूज पर चढ़ने से पहले किसी भी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं पहनाई गई थी। जीवित बचे लोगों ने आरोप लगाया कि पायलट और क्रू ने जहाज के पलटने से पहले ही कूद गए और यात्रियों को अपने हाल पर छोड़ दिया। इस हादसे के एक दिन बाद भी बचाव दल लापता लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं। इस दुर्घटना में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई थी, छह लोग अब भी लापता हैं।

90 यात्रियों की क्षमता वाली क्रूज 'नर्मदा क्वीन' को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग चलाता है। गुरुवार शाम करीब 6 बजे जब यह क्रूज तूफान की चपेट में आया, तब उसमें 40 से ज्यादा पर्यटक सवार थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि 29 टिकट जारी किए गए थे, लेकिन एक स्थानीय बचावकर्मी ने कहा कि कई और लोगों को भी जहाज पर चढ़ने की अनुमति दी गई थी, क्योंकि वह उस दिन की आखिरी यात्रा थी।

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यह एक बड़ी लापरवाही है

अपने परिवार के तीन लोगों के साथ क्रूज पर सवार राजेश सोनी ने कहा कि मौसम की चेतावनियों को देखते हुए क्रूज को चलने से रोक देना चाहिए था। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद क्रूज को चलने की इजाजत दी गई। यह एक बड़ी लापरवाही है। राजेश और उनके परिवार के बाकी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। राजेश सोनी ने बताया कि क्रू ने लाइफ जैकेट तब ढूंढ़ना शुरू किया, जब हालात काफी बिगड़ चुके थे। उन्होंने कहा कि निचली मंजिल पर रखी जैकेटों को लेने के लिए लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी। कुछ यात्री तो उन्हें पहन भी नहीं पाए। जो लोग जैकेट पहन पाए वे बचाव दल के पहुंचने तक जिंदा रहे। बाकी सब डूब गए।

'येलो अलर्ट' जारी किया गया था

जबलपुर मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार के लिए भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया गया था। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग भोपाल की वैज्ञानिक अभिलाषा श्रीवास्तव ने कहा कि 30 अप्रैल की सुबह मौसम के पूर्वानुमान के आधार पर 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं और आंधी-तूफान के अलर्ट सभी जिला मौसम कार्यालयों को भेज दिए गए थे।

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लाइफ जैकेट के लिए हाथापाई होने लगी

एक और जीवित बची संगीता कोरी ने बताया कि क्रूज पर चढ़ते समय लाइफ जैकेट नहीं बांटे गए थे। जब क्रूज चली तब किसी भी यात्री ने लाइफजैकेट नहीं पहना था। वे बस अंदर कहीं रखे हुए थे। जब क्रूज में पानी भरने लगा तो उन्होंने उन्हें बांटने की कोशिश की, लेकिन इससे अफरा-तफरी मच गई और हाथापाई होने लगी। कुछ ही पलों में क्रूज पलट गई।

अक्टूबर में सालाना मेंटेनेंस हुआ था

पर्यटन निगम के सलाहकार राजेंद्र निगम ने बताया कि 'नर्मदा क्वीन' का पिछले साल अक्टूबर में सालाना मेंटेनेंस हुआ था। उन्होंने कहा कि इसका रखरखाव बहुत अच्छी तरह से किया गया था। अक्टूबर में हुई सर्विस की पुष्टि करते हुए बोट क्लब के मैनेजर सुनील मरावी ने कहा कि इसका रखरखाव बहुत अच्छी तरह से किया गया था।

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पलटने से पहले ही क्रूज को छोड़ दिया

किनारे पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बताया कि नाव पलटने से 15 से 20 मिनट पहले तक वे नाविक को वापस लौटने के लिए चिल्ला रहे थे, लेकिन उनकी चेतावनियों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उनमें से एक ने कहा कि अचानक नाव पलट गई और सभी लोग पानी में गिर गए। हममें से कुछ लोग तैरकर नाव की तरफ गए और कुछ लोगों को बचाया। जीवित बचे लोगों में से एक ने आरोप लगाया कि पायलट और क्रू ने जहाज के पलटने से पहले ही उसे छोड़ दिया।

आसमान अचानक बदल गया

वकील रोशन आनंद वर्मा अपने परिवार के नौ सदस्यों के साथ क्रूज पर सवार थे। उन्होंने कहा कि जब हम क्रूज पर चढ़े थे तब मौसम साफ था। लेकिन जैसे ही वह डैम के बीच में पहुंची, आसमान अचानक बदल गया। तेज हवाओं ने विशाल लहरें पैदा कर दीं, जिन्होंने क्रूज को जोरदार टक्कर मारी। केबिन में भी पानी भर गया। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। क्रूज बेकाबू होकर घूमने लगी। पायलट और क्रू खुद को बचाने के लिए क्रूज से कूद गए।

क्रूज पायलट ने किया खंडन

वहीं, क्रूज पायलट महेश पटेल ने इस बात का खंडन करते हुए कहा कि यात्रियों के लाइफ जैकेट लेने के लिए एक ही जगह पर जमा होने के कुछ ही सेकंड के भीतर क्रूज डूब गया। यहां तक कि इस हादसे के एक घंटे बाद स्थानीय लोगों ने मुझे बचाया। आसपास के एक वॉटर प्लांट में काम करने वाले मजदूर, इमरजेंसी सेवाओं के पहुंचने से पहले ही मदद के लिए सबसे पहले आगे आए।

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किनारे पर लाया गया क्रूज

जबलपुर के डीआईजी अतुल सिंह ने बताया कि एसडीआरएफ रात करीब 8 बजे घटनास्थल पर पहुंची। उस समय वहां पूरी तरह से अंधेरा हो चुका था। एसडीआरएफ ने एक घंटे के भीतर ही नाव को ढूंढ़ लिया और कुछ शवों को बाहर निकाल लिया। रात करीब 10 बजे बचाव दल ने डूबी हुई नाव के ऊपरी हिस्से को खोलने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया। क्रूज में फंसे सभी शवों को बाहर निकालने के बाद अगली सुबह उसे किनारे पर लाया गया।

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