ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे को रोड शो के दौरान लगी चोट, अचानक ब्रेक लगने हादसा
ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया शिवपुरी दौरे के दौरान मामूली रूप से चोटिल हो गए। स्टेडियम में लोगों का अभिवादन करते समय गाड़ी में अचानक ब्रेक लगने से उनके सीने में चोट आई।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र और एमपीसीए अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया शिवपुरी दौरे के दौरान मामूली रूप से चोटिल हो गए। स्टेडियम में लोगों का अभिवादन करते समय गाड़ी में अचानक ब्रेक लगने से उनके सीने में चोट आई जिसके बाद वह जिला अस्पताल पहुंचे। वहां उनका इलाज हुआ। अपने दौरे के दौरान उन्होंने महिला क्रिकेट खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खुद भी क्रिकेट खेली। महाआर्यमन ने मध्य प्रदेश में क्रिकेट को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति साझा की जिसमें स्काउटिंग बेहतर बनाने, एकेडमी विकसित करने और चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए डेटा कलेक्शन पर जोर दिया गया है।
सीने में लगी चोट
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के पुत्र और मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष महाआर्यमन सिंधिया जब शिवपुरी के स्टेडियम में लोगों को अभिवादन कर रहे थे तभी गाड़ी में अचानक ब्रेक लगाने से उन्हें मामूली चोट आई। सीने में चोट से दर्द की शिकायत के बाद महाआर्यमन सिंधिया जिला अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने सीटी स्कैन कराकर प्राथमिक उपचार लिया।
भव्य रोड शो में हुए शामिल
महाआर्यमन सिंधिया पहली बार शिवपुरी दौरे पर है। उनका दूसरा दिन रहा एमपीसीए अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला शिवपुरी आगमन रहा। इससे पहले रविवार शाम को शिवपुरी पहुंचने पर वह भव्य रोड शो में शामिल हुए। इस रोड शो में बड़ी संख्या में सिंधिया समर्थक मौजूद रहे।
खेली क्रिकेट
दौरे के दूसरे दिन महाआर्यमन सिंधिया श्रीमंत माधवराव सिंधिया खेल परिसर पहुंचे। उन्होंने शिवपुरी में आयोजित 69वीं महिला अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता में भाग ले रहीं खिलाड़ियों से मुलाकात की। उन्होंने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और खेल को लेकर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट खेला और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।
सूबे कैसे मजबूत होगी क्रिकेट? बताया प्लान
महाआर्यमन सिंधिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में क्रिकेट को मजबूत करने के लिए तीन स्तरीय रणनीति तैयार की गई है। पहले चरण में डिविजन और जिला स्तर के टूर्नामेंट्स कराए जाएंगे और स्काउटिंग सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा। दूसरे चरण में हर डिविजन में मजबूत क्रिकेट एकेडमी और कोचिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि स्थानीय प्रतिभाओं पर निरंतर नजर रखी जा सके। तीसरे चरण में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़ा डेटा कलेक्शन किया जाएगा, जिसमें रन, विकेट, फील्डिंग और ऐतिहासिक रिकॉर्ड शामिल होंगे ताकि चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो सके।




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