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इंदौर दूषित पानी: महिला में गिलियन-बैरे सिंड्रोम जैसे लक्षण, क्या बोला प्रशासन?

इंदौर में दूषित पानी से फैली बीमारी के बीच एक महिला में गिलियन-बैरे सिंड्रोम जैसे लक्षण मिले हैं। फिलहाल महिला अस्पताल में नाजुक हालत में भर्ती है। इसी बीच डायरिया से एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मौत की खबर है जिसे स्वास्थ्य विभाग ने पुरानी बीमारियों का केस बताया है।

Mon, 5 Jan 2026 06:36 PMKrishna Bihari Singh भाषा, इंदौर
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इंदौर दूषित पानी: महिला में गिलियन-बैरे सिंड्रोम जैसे लक्षण, क्या बोला प्रशासन?

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के बीच एक महिला में गिलियन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barré Syndrome, GBS) जैसे लक्षण मिले हैं। महिला फिलहाल ब्रेन स्ट्रोक और अन्य गंभीर समस्याओं के कारण अस्पताल में नाजुक हालत में भर्ती है। हालांकि प्रशासन ने दावा किया कि भागीरथपुरा में गिलियन-बैरे सिंड्रोम का कोई केस नहीं है। इसी बीच डायरिया से एक रिटायर्ड पुलिसकर्मी की मौत की जानकारी सामने आई है जिसे स्वास्थ्य विभाग ने पुरानी बीमारियों का केस बताया है।

जीबीएस जैसे लक्षण, हालत नाजुक

बताया जाता है कि भागीरथपुरा निवासी पार्वती कोंडला को शहर के एक निजी अस्पताल में बेहद गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है। उसमें कथित तौर पर गुलियन-बैरी सिंड्रोम (जीबीएस) जैसे लक्षण मिले हैं। कोंडला जीवन और मृत्यु के बीच झूल रही हैं।

डॉक्टर बोले- ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित

इस बीच अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि कोंडला हमारे अस्पताल से पहले एक अन्य अस्पताल में भर्ती थीं। उस अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीज में जीबीएस जैसे लक्षणों की बात कही थी। हालांकि हमारे अस्पताल में जांच की गई तो पता चला कि वह ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित हैं।

प्रशासन ने किया खंडन

अस्पताल के एक अधिकारी ने आगे कहा कि हम पार्वती कोंडला का लक्षणों के आधार पर इलाज कर रहे हैं। वहीं प्रशासन ने ऐसी खबरों का खंडन करते हुए दावा किया है कि भागीरथपुरा में गुलियन-बैरी सिंड्रोम का एक भी मरीज नहीं मिला है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने कहा कि गुलियन-बैरी सिंड्रोम के किसी मरीज के बारे में हमें किसी भी स्थानीय अस्पताल या चिकित्सक ने कोई सूचना नहीं दी है।

क्या होती है गुलियन-बैरी सिंड्रोम?

बता दें कि गुलियन-बैरी सिंड्रोम यानी जीबीएस एक दुर्लभ और गंभीर तंत्रिका संबंधी बीमारी है। इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही पेरिफेरल नर्वस सिस्टम पर हमला करती है। पेरिफेरल तंत्रिका तंत्र में ऐसे तंत्रिकाएं शामिल होती हैं जो व्यक्ति को शरीर के अंगों को महसूस करने और चलने के बारे में संकेत भेजती हैं।

क्या लक्षण?

विशेषज्ञों की मानें तो गुलियन-बैरी सिंड्रोम में व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है। इसमें शरीर के कुछ हिस्से अचानक सुन्न पड़ जाते हैं। इतना ही नहीं इसमें मांसपेशियों में कमजोरी आ जाती है। इससे पीड़ित मरीज को कुछ निगलने या सांस लेने में तकलीफ होती है।

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रिटायर पुलिसकर्मी की मौत, प्रशासन बोला- दूसरी बीमारियां थीं

इस बीच भागीरथपुरा क्षेत्र में उल्टी-दस्त से 69 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा की मौत की जानकारी है। धार के रहने वाले ओमप्रकाश एक रिश्तेदार से मिलने इंदौर आए थे। वह पुलिस आरक्षक पद से रिटायर हुए थे। उनके रिश्तेदारों का दावा है कि उन्होंने दूषित पानी पीया था जिससे उनकी हालत बिगड़ी। वहीं प्रशासन का कहना है कि ओमप्रकाश को पहले से हाई बीपी और किडनी की बीमारियां थीं। इस बीच स्थानीय लोगों ने उल्टी-दस्त के प्रकोप में अब तक कुल 17 लोगों की मौत का दावा किया है। वहीं प्रशासन का कहना है कि प्रकोप से छह लोगों की मौत हुई है।

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