'कॉल गर्ल' बताकर इंटरनेट पर बदनाम किया, फिर घर में घुसकर बेरहमी; इंदौर में छात्रा संग बर्बरता
इंदौर में छात्रा संग बर्बरता का मामला सामने आया है। दबंगों ने पहले लड़की को कॉल गर्ल बताकर इंटरनेट पर बदनाम किया। जब पीड़ित परिवार ने विरोध किया तो घर में घुसकर बेरहमी की गई। दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।

इंदौर के भागीरथपुरा में दबंगों की शर्मनाक करतूत सामने आई है। आरोपियों ने पहले पड़ोस में रहने वाली छात्रा के चरित्रहनन का प्रयास किया। आरोपियों ने छात्रा की फोटो के साथ 'कॉल गर्ल' लिखकर उसे सोशल मीडिया पर बदनाम किया और जब पीड़ित पक्ष ने इस गंदी हरकत पर आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने घर में घुसकर लाठी-डंडों से बर्बर हमला कर दिया। इस हमले में छात्रा, उसके माता-पिता और भाई को सरेराह दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार बीकॉम प्रथम वर्ष की छात्रा ने शिकायत में बताया कि क्षेत्र के आरोपी धनंजय उर्फ याशू पंथी ने उसके भाई के नाम से इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाकर फोटो और वीडियो एडिट कर सोशल मीडिया पर वायरल किए। आरोपियों ने युवती को “कॉल गर्ल” बताकर उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की। जब पीड़िता ने इस हरकत का विरोध किया तो आरोपी गाली-गलौज पर उतर आए और विवाद बढ़ने पर अपने साथियों के साथ घर पहुंचकर हमला कर दिया।
लाठी-डंडों से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
पीड़िता के मुताबिक शोर सुनकर परिवार के सदस्य बाहर आए तो जेनेन्द्र उर्फ जेनू ने लाठी-डंडों से हमला शुरू कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे माता-पिता और भाई को भी नहीं बख्शा गया। आरोप है कि राजेन्द्र सिकरवार, धनंजय उर्फ याशू, सागर मलोरिया और रानी पंथी ने मिलकर पूरे परिवार को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और थाने में शिकायत करने पर जान से खत्म करने की धमकी दी।
दबाव में पुलिस ने कराई एफआईआर
घटना के बाद घायल परिवार जब शिकायत लेकर थाने पहुंचा तो पुलिस पर पहले कार्रवाई से बचने के आरोप लगे। पीड़ित पक्ष का कहना है कि शुरुआती स्तर पर अदमचेक कर मामला टाल दिया गया, लेकिन स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों के विरोध के बाद ही एफआईआर दर्ज की गई। इसके बावजूद पुलिस ने आईटी एक्ट जैसी गंभीर धाराएं नहीं लगाईं, जिससे परिवार में भारी नाराजगी है।
बाणगंगा पुलिस ने आरोपी जेनेन्द्र उर्फ जेनू पिता दीपक पंथी, धनंजय उर्फ याशू पिता दीपक पंथी, राजेन्द्र पति इन्द्रसिंह सिकरवार, सागर पिता रानू मलोरिया और रानी दीपक पंथी निवासी साईं मंदिर डीपी वाली गली, भागीरथपुरा के खिलाफ केवल मारपीट की धाराओं में केस दर्ज किया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सोशल मीडिया के जरिए चरित्रहनन जैसे गंभीर अपराध को नजरअंदाज कर आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप
पीड़िता के भाई ने बताया कि आरोपियों ने उसकी बहन को जमीन पर पटक-पटककर लाठियों से पीटा। परिवार के लोग बचाने पहुंचे तो सभी पर हमला कर दिया गया और पूरे मोहल्ले में दौड़ाकर मारपीट की गई। घायल अवस्था में थाने पहुंचने के बावजूद पुलिस ने तुरंत सुनवाई नहीं की। बाद में स्थानीय लोगों द्वारा सामाजिक संगठनों को बुलाने और थाने में विरोध दर्ज कराने के बाद मामला दर्ज हुआ।
हिंदूवादी कार्यकर्ता मानसिंह राजावत ने आरोप लगाया कि आरोपी क्षेत्र में लंबे समय से दहशत फैलाए हुए हैं और हर बार मारपीट के बाद पैसे के दम पर कार्रवाई से बच जाते हैं। उनका कहना है कि यदि आरोपियों पर गंभीर धाराएं लगाकर जल्द गिरफ्तारी नहीं की गई तो पीड़ित परिवार के साथ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की जाएगी।
रिपोर्ट-हेमंत
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