इंदौर में सर्जरी के दौरान युवक की मौत, दो डॉक्टरों पर गैरइरादतन हत्या का आरोप तय, अब चलेगा ट्रायल
इंदौर में सर्जरी के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही से 17 साल के किशोर की मौत के मामले में जिला अदालत ने दो डॉक्टरों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का गंभीर आरोप तय किया है। अपर सत्र न्यायाधीश आलोक मिश्रा की अदालत ने कुश बंडी और खुशबू चौहान के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आरोप निर्धारित किए हैं।

इंदौर में सर्जरी के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही से 17 साल के किशोर की मौत के मामले में जिला अदालत ने दो डॉक्टरों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का गंभीर आरोप तय किया है। अपर सत्र न्यायाधीश आलोक मिश्रा की अदालत ने डॉ. कुश बंडी और डॉ. खुशबू चौहान के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आरोप निर्धारित किए हैं।
दोनों आरोपियों की ओर से आरोपमुक्त किए जाने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया गया था, लेकिन अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद आवेदन खारिज कर दिया। इसके साथ ही मामले में नियमित ट्रायल चलाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। अभियोजन पक्ष ने ट्रायल कार्यक्रम प्रस्तुत करने के लिए समय मांगा, जिस पर अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 2 मार्च निर्धारित की है।
2023 की घटना, ऑपरेशन से पहले बिगड़ी थी हालत
प्रकरण 29 मई 2023 का है। लसूड़िया थाना क्षेत्र में सड़क दुर्घटना में घायल हुए 17 वर्षीय अमित सेन को मार्तंड चौक, रामबाग स्थित राजश्री नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। किशोर के बाएं पैर में गंभीर चोट होने के कारण सर्जरी की तैयारी की गई थी।
आरोप है कि ऑपरेशन से पूर्व किशोर को बेहोशी की दवा दी गई, लेकिन दवा की अधिक मात्रा और अन्य चिकित्सकीय लापरवाही के कारण उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक अमित अपने पिता रिंकू सेन का इकलौता पुत्र था।
जांच में सामने आईं गंभीर लापरवाहियां
घटना के बाद तत्कालीन कलेक्टर के निर्देश पर गठित मेडिकल टीम ने नर्सिंग होम की जांच की, जिसमें कई गंभीर खामियां और लापरवाहियां सामने आईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने नर्सिंग होम को सील कर दिया था।
मामले में अस्पताल संचालक डॉ. देवेंद्र भार्गव, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुश बंडी और एनेस्थेटिस्ट डॉ. खुशबू चौहान के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था। हालांकि 24 फरवरी 2024 को डॉ. भार्गव के निधन के बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी गई। शेष दो डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस पहले ही चालान पेश कर चुकी है और अब अदालत में विधिवत सुनवाई होगी।
रिपोर्ट --हेमंत




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