उमा भारती ने अब मोहन यादव सरकार पर किया सीधा हमला, इंदौर की घटना से नाराज
इंदौर की घटना के बाद विपक्ष के साथ भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती भी मोहन यादव सरकार को घेर रही हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने अब सीधा हमला करते हुए कहा है मेयर के अलावा मध्य प्रदेश सरकार भी अपराध के कटघरे में है। उमा भारती ने यह भी कहा कि आंख में सर्जरी की वजह से वह अभी 7 दिन तक सामने नहीं आ पाएंगी।

इंदौर में दूषित पानी की वजह से कई लोगों की मौत के बाद मध्य प्रदेश सरकार चौतरफा घिर गई है। ना सिर्फ कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल भाजपा सरकार पर हमलावार हैं, बल्कि अपनी ही पार्टी की वरिष्ठ नेता उमा भारती की टिप्पणियों ने सरकार की किरकिरी करा दी है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने अब सीधा हमला करते हुए कहा है मेयर के अलावा मध्य प्रदेश सरकार भी अपराध के कटघरे में है। उमा भारती ने यह भी कहा कि आंख में सर्जरी की वजह से वह अभी 7 दिन तक सामने नहीं आ पाएंगी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने शुक्रवार को एक पर दो पोस्ट के जरिए इंदौर में हुई घटना पर अपनी सरकार पर सवाल खड़े किए। पहले पोस्ट में जहां उन्होंने सरकार की ओर से घोषित मुआवजे को नाकाफी बताते हुए माफी की मांग की तो कुछ देर बाद निशाने को मोहन यादव सरकार की ओर और मोड़ते हुए घटघरे में खड़ा किया। उन्होंने लिखा, ‘सिर्फ इंदौर के मेयर नहीं, मध्य प्रदेश का शासन एवं प्रशासन, इस महापाप के सभी जिम्मेवार लोग जनता के प्रति अपराध के कटघरे में खड़े हैं।’
ऐसे पापों का स्पष्टीकरण नहीं, प्रायश्चित या दंड: उमा भारती
उमा भारती ने पत्रकारों से मुलाकात में असमर्थता जताते हुए कहा कि 3 दिन उनकी दाईं आंख की सर्जरी हुई है, मोबाइल, फोन पर बात करने, धूप, धूल सब पर रोक लगी है। भाजपा नेता ने क्षमा मांगते हुए कहा कि 7 दिन बाहर नहीं निकल पाएंगी ना मुलाकात कर पाएंगी। उमा भारती ने इससे पहले किसी का नाम लिए बिना परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा, 'इंदौर दूषित पानी के मामले में यह कौन कह रहा है कि हमारी चली नहीं। जब आपकी नहीं चली तो आप पद पर बैठे हुए बिसलेरी का पानी क्यों पीते रहे? पद छोड़कर जनता के बीच क्यों नहीं पहुंचे? ऐसे पापों का कोई स्पष्टीकरण नहीं होता या तो प्रायश्चित या दंड!'
'माफी मांगनी होगी'
उमा भारती ने कहा कि इंदौर की घटना ने प्रदेश,सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित किया है। प्रदेश के सबसे स्वच्छ शहर का अवार्ड प्राप्त करने वाले नगर में इतनी बदसूरती, गंदगी, जहर मिला पानी जो कितनी जिंदगियों को निगल गया और निगलता जा रहा है, मौत का आंकड़ा बढ़ रहा है। सरकार से माफी की मांग करते हुए उन्होंने कहा, ‘जिंदगी की कीमत दो लाख रुपए नहीं होती क्योंकि उनके परिजन जीवन भर दुःख में डूबे रहते हैं। इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा, पीडितजनों से माफी मांगनी होगी और नीचे से लेकर ऊपर तक जो भी अपराधी हैं उन्हें अधिकतम दंड देना होगा। यह मोहन यादव जी की परीक्षा की घड़ी है।’




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