पानी में था सीवर बैक्टीरिया, इंदौर में कैसे हो गई 15 लोगों की मौत; शुरुआती जांच में खुलासा
इंदौर में दूषित पानी के कारण हुई मौतों पर बड़ा खुलासा सामने आया है। शुरुआती जांच में बताया गया है कि दूषित पानी में सीवर वाला बैक्टीरिया पाया गया है, जिस वजह से संक्रमण फैला था।

मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो गई। इस मामले की शुरुआती जांच में पीने के पानी में सीवर वाला बैक्टीरिया पाया गया है। जांच में पाया गया है कि बीमार हुए और मृतकों में उल्टी-दस्त का कारण सीवर में पाया जाने वाला बैक्टीरिया ही है।
पानी में कौन सा बैक्टीरिया
मिली जानकारी के अनुसार, टेस्ट में दूषित पानी में विब्रियो कॉलेरी, शिगेला और ई.कोलाई बैक्टीरिया पाए गए हैं। ये सभी बैक्टीरिया पेट के इन्फेक्शन का कारण बनते हैं। पेट में इन बैक्टीरिया के इन्फेक्शन से उल्टी और दस्त शुरू हो जाती है। जो मौत की वजह भी बन सकती है।
इंदौर में डायरिया का यह आउटब्रेक भागीरथपुरा इलाके में हुआ है। इस आउटब्रेक के बाद इलाके में पानी की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं भी पैदा हो गई हैं। खासकर इंदौर जैसे देश के सबसे साफ शहर का खिताब रखने वाले शहर के लिए यह और बड़ी चिंता का कारण बन गया है। पिछले 8 सालों से इंदौर देश में सबसे स्वच्छ शहरों का खिताब जीत रहा है।
डायरिया फैलने के पीछे दूषित पानी
इंदौर में डायरिया संक्रमण फैलने के मामले में जानकारी देते हुए सीएमएचओ डॉ. माधव प्रसाद हसानी ने कहा कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज में किए गए लैब एनालिसिस से यह कन्फर्म हुआ है कि भागीरथपुरा में पानी में संक्रमण फैलने की मुख्य वजह दूषित पानी था, जिसमें सीवर में पाया जाने वाला बैक्टीरिया भी मिले हैं।
भागीरथपुरा इलाके में एक अंडरग्राउंड पाइपलाइन में लीकेज के कारण सीवेज का पानी पीने के पानी की सप्लाई में मिल गया, जिस वजह से यह संक्रमण फैला है। अधिकारियों ने बताया कि भागीरथपुरा में पुलिस चौकी के पास मेन पानी की सप्लाई वाली पाइपलाइन में लीकेज मिला है, इस लीकेज की जगह पर ही एक टॉयलेट का निर्माण किया गया था। बताया जा रहा है कि इसी जगह पर लीकेज होने पर सीवेज का पानी सप्लाई वाली पाइप से मिल गया और दूषित पानी घरों में पहुंचने लगा।




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