MP में फिर एक्टिव हुआ हनीट्रैप नेटवर्क? इंदौर क्राइम ब्रांच ने श्वेता जैन को नए केस में पकड़ा
इंदौर क्राइम ब्रांच ने सोमवार को भोपाल के औद्योगिक नगर क्षेत्र से एक महिला श्वेता जैन को कथित हनीट्रैप से जुड़े एक नए मामले में हिरासत में लिया है। श्वेता जैन पर एक कारोबारी को फंसाने का शक है।

मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रॉपर्टी कारोबारी और शराब व्यवसाय से जुड़े एक कारोबारी को करोड़ों रुपये की रंगदारी के लिए धमकाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि रियल एस्टेट कारोबार में साझेदारी का दबाव बनाने के बाद महिला समेत कुछ लोगों ने कारोबारी को सुपर कॉरिडोर पर घेर लिया, उसके साथ मारपीट की और एक करोड़ रुपये नहीं देने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी दी गई।
इस मामले में अब कथित हनीट्रैप नेटवर्क की एंट्री भी सामने आई है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने सोमवार को भोपाल के औद्योगिक नगर क्षेत्र से एक महिला श्वेता जैन को हिरासत में लिया है। पुलिस को शक है कि ब्लैकमेलिंग और कथित हनीट्रैप नेटवर्क की अहम कड़ियां श्वेता जैन से जुड़ी हो सकती हैं।
महिला के जरिए हुई पहचान, फिर शुरू हुआ दबाव
क्राइम ब्रांच के अनुसार, बाणगंगा क्षेत्र स्थित बाणेश्वरी कुंड निवासी 45 वर्षीय हितेंद्र सिंह उर्फ चिंटू ठाकुर ने शिकायत दर्ज करवाई है। हितेंद्र प्रॉपर्टी डीलिंग और शराब कारोबार से जुड़े हैं। शिकायत में बताया गया कि कुछ समय पहले उनकी मुलाकात द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से हुई थी। अलका के जरिये उनकी पहचान लाखन चौधरी नामक व्यक्ति से कराई गई, जिसने खुद को इंदौर, देवास, धार और आसपास के क्षेत्रों में प्रभावशाली कारोबारी बताते हुए रियल एस्टेट में साझेदारी का प्रस्ताव दिया। आरोप है कि लाखन चौधरी ने हितेंद्र सिंह से कहा कि साथ मिलकर काम करने पर करोड़ों का फायदा होगा, लेकिन कारोबारी ने उस प्रस्ताव को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर दोबारा दबाव बनाते हुए कहा कि उन्हें अलका दीक्षित के साथ 50 प्रतिशत हिस्सेदारी का एग्रीमेंट करना होगा।
‘पार्टनर बनो… नहीं तो एक करोड़ दो’
पीड़ित के मुताबिक उसने पहले से अलका दीक्षित के बारे में कई विवादित बातें सुन रखी थीं, इसलिए उसने किसी भी प्रकार की साझेदारी से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर उन्हें धमकियां देनी शुरू कर दीं। शिकायत के अनुसार 28 अप्रैल की रात करीब 11:15 बजे हितेंद्र सिंह सुपर कॉरिडोर से लवकुश चौराहे की ओर जा रहे थे। रास्ते में फोन पर बात करने के लिए उन्होंने कार मेट्रो स्टेशन के पास सर्विस रोड पर रोकी थी, तभी पीछे से आई एक कार उनके पास आकर रुकी।
आरोप है कि कार से अलका दीक्षित, उसका बेटा जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी और अन्य लोग उतरे और आते ही कारोबारी के साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़ित ने आरोप लगाया कि बदमाशों ने कहा — “अगर पार्टनर नहीं बने तो एक करोड़ रुपये देने होंगे, नहीं तो पूरे परिवार को खत्म कर देंगे।”
'परिवार की पूरी जानकारी हमारे पास'
हितेंद्र सिंह के मुताबिक, आरोपियों ने उन्हें डराने के लिए कहा कि उनके पूरे परिवार की जानकारी उनके पास है। साथ ही यह धमकी भी दी गई कि उनके निजी फोटो और वीडियो वायरल कर उन्हें बदनाम कर दिया जाएगा। घटना के बाद से कारोबारी और उसका परिवार दहशत में है। शिकायत में उन्होंने खुद की जान को खतरा बताया है।
क्राइम ब्रांच ने दर्ज किया केस
मामले को गंभीरता से लेते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच ने अलका दीक्षित, जयदीप दीक्षित, लाखन चौधरी और अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी निरीक्षक विष्णु वास्कले के मुताबिक आरोपियों की भूमिका, कॉल डिटेल, घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
भोपाल में दबिश, श्वेता जैन से पूछताछ
सूत्रों के अनुसार, इंदौर पुलिस की टीम ने भोपाल पहुंचकर मिनाल क्षेत्र से श्वेता जैन को हिरासत में लिया। अब पुलिस उससे पूछताछ कर रही है कि इस कथित ब्लैकमेलिंग और हनीट्रैप नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका रही। क्राइम ब्रांच को शक है कि मामले में कई और हाईप्रोफाइल नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस मोबाइल चैट, सोशल मीडिया कनेक्शन, कॉल रिकॉर्ड और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है।
2019 के चर्चित हनी ट्रैप केस से जुड़ा नाम
श्वेता जैन का नाम मध्यप्रदेश के चर्चित 2019 हनी ट्रैप मामले में भी सामने आ चुका है। उस दौरान नेताओं, अफसरों और कारोबारियों के कथित वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग करने के आरोप लगे थे। मामला लंबे समय तक राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना रहा था।
रिपोर्ट - हेमंत




साइन इन