मैं 4-5 घंटे तक पानी में फंसा रहा और…; जबलपुर क्रूज हादसे के चश्मदीद ने बताया खौफनाक मंजर
मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में क्रूज हादसे में बाल-बाल बचे शख्स हादसे की आपबीती सुनाई है। उन्होंने बताया कि कैसे हादसे के बाद वह चार-पांच घंटे पानी में फंसे रहे और फिर उन्हें कुछ भी सुनाई देना बंद हो गया।

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में क्रूज हादसे में बाल-बाल बचे शख्स हादसे की आपबीती सुनाई है। उन्होंने बताया कि कैसे हादसे के बाद वह चार-पांच घंटे पानी में फंसे रहे और फिर उन्हें कुछ भी सुनाई देना बंद हो गया। इस हादसे में उनकी पत्नी समेत परिवार के तीन सदस्य डूब गए। उन्होंने बताया. मैं ऊपर फंस गया था और नीचे वाले सभी डूब गए। ऊपर वाले जो कूद गए वो बच गए। बस पता नहीं चला। पांच मिनट में सब काम तमाम हो गया।
सैयद हुसैन ने आगे कहा, मैं 4-5 घंटे पानी में फंसा रहा। पांच मिनट बाद आवाज आनी बंद हो गई। मैं 3-4 घंटे इंतजार करता रहा कि अब नांव डूबेगी अब डूबेगी। मेरे परिवार के तीन लोग डूब चुके थे। मैं भी डूब जाता लेकिन कुदरत का करिश्मा है कि मैं बच गया। गुरुवार शाम अचानक आए तूफान के कारण जबलपुर जिले में क्रूज नाव पलटकर डूब गई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
चश्मदीदों ने लगाया लापरवाही का आरोप
हादसे में बचे कई लोगों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्हेंने दावा किया है कि लाइप जैकेट तभी बांटे गए जब बोट में पानी भरने लगा। इसके अलावा मौसम को देखते हुए क्रू मेंबर्स से नाव को किनारे लगाने के लिए भी कहा गया था लेकिन उन तक लोगों की आवाज ही नहीं पहुंची। उधर मध्यप्रदेश सरकार ने जबलपुर जिले के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे की जांच का शुक्रवार को आदेश दिया और राज्य में क्रूज के संचालन पर रोक लगा दी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिजन के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हादसे के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए जोखिम उठाने वाले स्थानीय निवासियों को उनकी बहादुरी के लिए स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख जताया और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने लोक भवन के बाहर संवाददाताओं से कहा कि इस दुर्घटना की जांच पर्यटन विभाग करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। उन्होंने कहा कि बचाव दलों ने साहस का परिचय देते हुए कई लोगों की जान बचाई। यादव ने बताया कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, प्रमुख सचिव संजय दुबे, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) तथा स्थानीय प्रशासन के अधिकारी तत्काल राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए थे। उन्होंने कहा, हमारी राहत एवं बचाव टीम ने करीब 29 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। बचाव अभियान जारी है और अब तक नौ शव बरामद किए गए हैं। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि पर्यटन मंत्री ने राज्य में क्रूज के संचालन पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं और हादसे की जांच शुरू कर दी गई है।




साइन इन