एमपी में नाबालिग का अपहरण कर शादी के नाम पर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 9 गिरफ्तार
घमापुर थाना क्षेत्र से नवंबर माह में लापता हुई एक नाबालिग को पुलिस ने न केवल सुरक्षित बरामद किया, बल्कि इस घिनौने अपराध में शामिल 9 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है।

मध्यप्रदेश की जबलपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नाबालिग लड़कियों की तस्करी और उन्हें शादी के नाम पर बेचने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। घमापुर थाना क्षेत्र से नवंबर माह में लापता हुई एक नाबालिग को पुलिस ने न केवल सुरक्षित बरामद किया, बल्कि इस घिनौने अपराध में शामिल 9 आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि किस तरह मासूमों को बहला-फुसलाकर मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों में 'सौदेबाजी' कर बेचा जा रहा था।
जबलपुर जिले के घमापुर थाना क्षेत्र में 25 नवंबर को एक नाबालिग के अपहरण का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित की और 22 दिसंबर को महिला थाना प्रभारी की मदद से पीड़िता को दस्तयाब किया गया। पीड़िता ने जब अपने बयान दर्ज कराए, तो पुलिस के भी होश उड़ गए।
जांच में सामने आया कि 'मनीष सपेरा' नाम का एक व्यक्ति नाबालिग को जबलपुर रेलवे स्टेशन से फुसलाकर ले गया था। उसने पीड़िता को गुना में रहने वाले अपने मामा 'मनीष सपेरा' के हवाले कर दिया। मनीष सपेरा ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इस नाबालिग का सौदा किया और उसे शुजालपुर के रहने वाले 'आकाश निर्वाण' को शादी के नाम पर बेच दिया।
पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए अब तक कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह के तार राजगढ़ और रतलाम जिलों से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह गिरोह पहले भी इस तरह की वारदातों को अंजाम दे चुका है। फिलहाल सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।




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