Congress MLAs create ruckus in Madhya Pradesh Assembly demand resignation of Minister Kailash Vijayvargiya MP विधानसभा में नहीं हो सका प्रश्नकाल, स्पीकर के आसन के समीप भजन गाने लगे कांग्रेसी विधायक, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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MP विधानसभा में नहीं हो सका प्रश्नकाल, स्पीकर के आसन के समीप भजन गाने लगे कांग्रेसी विधायक

मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग पर अड़ी कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेसी विधायकों के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई और प्रश्नकाल भी नहीं चल सका।

Thu, 19 Feb 2026 01:50 PMSubodh Kumar Mishra लाइव हिन्दुस्तान, वार्ता, भोपाल
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MP विधानसभा में नहीं हो सका प्रश्नकाल, स्पीकर के आसन के समीप भजन गाने लगे कांग्रेसी विधायक

मध्य प्रदेश विधानसभा में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग पर अड़ी कांग्रेस ने जमकर हंगामा किया। कांग्रेसी विधायकों के हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई और प्रश्नकाल भी नहीं चल सका।

मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल के कारण करीब दो दर्जन लोगों की मौत के मामले पर विधानसभा का माहौल गर्म रहा। काग्रेस विधायक इस मामले में नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने गुरुवार को इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के विधानसभा में दिए गए बयान के बाद भी लगातार नारेबाजी और हंगामा किया। इसके चलते सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित हुई और प्रश्नकाल भी नहीं चल सका।

स्वास्थ्य मंत्री से जानकारी मांगी

प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने प्रश्न के माध्यम से भागीरथपुरा में अब तक हुई मौतों और सरकार की ओर से प्रभावित लोगों के परिजन को दी जाने वाली राहत राशि के बारे में स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल से जानकारी मांगी। इस प्रश्न के पहले अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदन में व्यवस्था दी कि कोई भी ऐसा प्रकरण जो न्यायालय में विचाराधीन हो या किसी आयोग के समक्ष हो, उससे जुड़ा कोई भी प्रश्न इस पहलू को ध्यान में रखते हुए किया जाए।

उन्होंने व्यवस्था दी कि पूरक प्रश्न भी इस प्रकार का नहीं होना चाहिए, जिससे न्यायालय की मर्यादा और जांच प्रभावित हो। मंत्री प्रहलाद पटेल और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीतासरन शर्मा ने भी उनका समर्थन किया।

44 लाख रुपए की राहत राशि दी गई

इसके बाद सिंघार ने अपने सवाल में मंत्री शुक्ल से पूछा कि भागीरथपुरा में किस तारीख से लोगों की मौत के मामले सामने आए और सरकार ने अब तक कितने लोगों की मौत पर आर्थिक सहायता दी है। शुक्ल ने कहा कि भागीरथपुरा में 21 से 29 दिसंबर के बीच लोगों का अस्पताल में भर्ती होना शुरु हुआ। 29 दिसंबर को अचानक डायरिया के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी, जिसके बाद विभागीय टीम ने तेजी से कार्यवाही करनी शुरु की। उन्होंने बताया कि पहली मौत 21 से 29 दिसंबर के बीच दर्ज हुई। अब तक कुल 22 लोगों की मौत के मामले में प्रति व्यक्ति दो लाख रुपए के मान से सरकार की ओर से 44 लाख रुपए की राहत राशि दी गई है।

सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया

इस पर सिंघार ने कहा कि शासन की योजना के अनुसार बिजली गिरने से या हादसों के मौत के मामले में चार लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता है। क्या भागीरथपुरा में सरकार चार लाख रुपए की राहत राशि देगी। इसके उत्तर में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने पूरी संवेदनशीलता के साथ काम किया है। एक प्रशासनिक अधिकारी को भी निलंबित किया गया है। उन्होंने प्रतिपक्ष से इस मामले में पक्ष-विपक्ष न करते हुए संवेदनशीलता से व्यवहार करने का आग्रह किया।

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नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग

मुख्यमंत्री के जवाब से असंतुष्ट होते हुए नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने इस मामले में मुख्यमंत्री समेत मंत्री विजयवर्गीय और इंदौर महापौर को जिम्मेदार ठहराते हुए उनसे नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस के सदस्य अपनी मांग के समर्थन में आसंदी के पास तक आ गए और नारेबाजी करनी शुरू कर दी। साथ ही उन्होंने राज्य में कफ सिरप प्रकरण से हुई बच्चों की मौतों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री शुक्ल के भी इस्तीफे की मांग की।

मुख्यमंत्री स्वयं घटना के बाद वहां गए

अपने उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री शुक्ल ने कहा कि ऐसा कोई मामला सामने आने पर सरकार की जिम्मेदारी पहले राहत और बचाव की होती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं घटना के बाद वहां गए। विजयवर्गीय भी लगातार तीन दिन तक उसी बस्ती में रहे और लक्षणों के आधार पर लोगों को राहत पहुंचाई। इस पूरे प्रकरण के दौरान कांग्रेस के सदस्यों का हंगामा जारी रहा।

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भाजपा विधायकों ने यूनियन कार्बाइड का जिक्र किया

इसी बीच सत्तारूढ़ भाजपा विधायकों ने भी यूनियन कार्बाइड का जिक्र कर कांग्रेस के व्यवहार पर प्रश्न उठाए। दोनों ओर से लगातार हंगामे के बीच अध्यक्ष तोमर ने सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी। सदन दोबारा शुरू होने पर नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने कहा कि भागीरथपुरा में सिस्टम ने लोगों की हत्या की और इसके लिए जिम्मेदार मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस के सदस्यों के माइक बंद करने का भी आरोप लगाया।

कांग्रेस विधायक आसंदी के पास भजन गाने लगे

इसी बीच भाजपा के विधायक भी आसंदी के पास तक आ गए। दोनों दलों के विधायकों ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने शुरू कर दिए। कांग्रेस के विधायक आसंदी के पास जमीन पर बैठ कर नारेबाजी करते हुए भजन गाने लगे, जिसके चलते लगातार हंगामे के कारण सदन की कार्रवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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