Civil Engineering Degree in Hindi Plus an Incentive of 2 Lakhs MP Government College Announces Initiative हिंदी में सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री, दो लाख का इंसेंटिव भी मिलेगा; MP के सरकारी कॉलेज की घोषणा, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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हिंदी में सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री, दो लाख का इंसेंटिव भी मिलेगा; MP के सरकारी कॉलेज की घोषणा

मध्य प्रदेश में सरकारी क्षेत्र के एक इंजीनियरिंग कॉलेज ने मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल के तहत हिंदी माध्यम में सिविल इंजीनियरिंग का 4 साल का बीटेक पाठ्यक्रम पेश किया है। अंतिम वर्ष तक हिंदी में पढ़ाई जारी रखने वाले विद्यार्थी को दो लाख रुपये का प्रोत्साहन राशि भी मिलेगा।

Wed, 6 May 2026 01:22 PMSubodh Kumar Mishra भाषा, इंदौर
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हिंदी में सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री, दो लाख का इंसेंटिव भी मिलेगा; MP के सरकारी कॉलेज की घोषणा

मध्य प्रदेश के इंदौर में सरकारी क्षेत्र के एक इंजीनियरिंग महाविद्यालय ने मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल के तहत हिंदी माध्यम में सिविल इंजीनियरिंग का बीटेक पाठ्यक्रम पेश किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष तक हिंदी में पढ़ाई जारी रखने वाले विद्यार्थी को दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि देने का फैसला भी किया गया है।

एसजीएसआईटीएस की पहल

उन्होंने बताया कि शहर का श्री जीएस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एसजीएसआईटीएस) 2026-27 के अगले अकादमिक सत्र से हिंदी माध्यम में चार साल का बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) पाठ्यक्रम शुरू करेगा। अधिकारियों ने बताया कि पाठ्यक्रम के अंतिम साल में विद्यार्थी को दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।

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… ताकि हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी को अवसर मिले

एसजीएसआईटीएस, सरकारी सहायता प्राप्त स्वायत्त संस्थान है और इसकी गिनती मध्य भारत के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग महाविद्यालयों में होती है। राज्य के तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार इस संस्थान के शासकीय निकाय के पदेन अध्यक्ष हैं। परमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक पृष्ठभूमि वाले हर प्रतिभाशाली विद्यार्थी को अवसर मिले। हिंदी माध्यम में तकनीकी शिक्षा को प्रोत्साहन देना ऐतिहासिक कदम है जो आने वाले समय में लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगा।

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हिंदी माध्यम के लिए 30 सीटें

अधिकारियों ने बताया कि एसजीएसआईटीएस में वर्ष 1952 से बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) की पढ़ाई अंग्रेजी में हो रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल अंग्रेजी माध्यम में बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) की 90 सीट हैं, जबकि हिंदी माध्यम के लिए 30 अतिरिक्त सीट की स्वीकृति मिली है। अब बीटेक (सिविल इंजीनियरिंग) के पाठ्यक्रम में कुल 120 विद्यार्थियों का दाखिला दिया जाएगा।

4 साल से चल रही थी तैयारी

अधिकारियों ने बताया कि एसजीएसआईटीएस के विशेषज्ञों का दल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की मान्यता वाली अंग्रेजी किताबों का हिंदी में अनुवाद करने की प्रक्रिया में पिछले चार साल से जुटा था। उन्होंने बताया कि हिंदी माध्यम में बीटेक(सिविल इंजीनियरिंग) की पढ़ाई के प्रशिक्षण के लिए एसजीएसआईटीएस के शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं भी आयोजित की गई हैं।

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बहरहाल, पारंपरिक रूप से अंग्रेजी माध्यम वाले उच्च शिक्षा संस्थानों में तकनीकी पाठ्यक्रमों की हिंदी में पढ़ाई बड़ी चुनौती है। कई विद्यार्थी उचित अध्ययन सामग्री की कमी की शिकायत करते हैं।

एसजीएसआईटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि चार साल पहले संस्थान ने बीटेक (बायोमेडिकल इंजीनियरिंग) का पाठ्यक्रम हिंदी माध्यम में शुरू किया था, लेकिन कोर्स के बीच में कई विद्यार्थियों द्वारा अंग्रेजी माध्यम चुन लेने के कारण यह पहल सफल नहीं हो सकी।

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