BJP Can Only Erase History, Congress Outraged Over News Regarding RGPV भाजपा इतिहास मिटा सकती है, लेकिन उनका योगदान नहीं भूला सकती; RGPV को लेकर आई किस खबर पर भड़की कांग्रेस, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
More

भाजपा इतिहास मिटा सकती है, लेकिन उनका योगदान नहीं भूला सकती; RGPV को लेकर आई किस खबर पर भड़की कांग्रेस

नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा पर नाम बदलने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'भोपाल की आरजीपीवी यूनिवर्सिटी का नाम बदलना सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि भाजपा की वही पुरानी राजनीति है, काम करो कम, नाम बदलो ज्यादा।'

Sat, 16 May 2026 03:21 PMSourabh Jain लाइव हिन्दुस्तान, भोपाल, मध्य प्रदेश
share
भाजपा इतिहास मिटा सकती है, लेकिन उनका योगदान नहीं भूला सकती; RGPV को लेकर आई किस खबर पर भड़की कांग्रेस

मध्य प्रदेश सरकार देशभर के लाखों स्टूडेंट्स को इंजीनियरिंग समेत अन्य विषयों की डिग्री देने वाले राजधानी के राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) का नाम बदलने और इसे 3 हिस्सों में बांटने की तैयारी कर रही है। शनिवार को मीडिया में इस खबर के आने के बाद कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार पर बुरी तरह भड़क गई है और उसने राज्य सरकार पर इतिहास मिटाने की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि भाजपा इतिहास तो मिटा सकती है, लेकिन देश राजीव गांधी जी के योगदान को कभी नहीं भूल सकता। सरकार के फैसले से नाराज राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि नाम बदलने से न यूनिवर्सिटी बेहतर होगी, न युवाओं को नौकरी मिलेगी, न शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी।

इस बारे में सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंघार ने लिखा, 'प्रिय मुख्यमंत्री जी, भाजपा इतिहास मिटाने की राजनीति कर सकती है, लेकिन देश राजीव गांधी जी के योगदान को कभी नहीं भूल सकता।' आगे उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भारत में कम्प्यूटर क्रांति का जनक बताते हुए भाजपा सरकार पर उनका नाम मिटाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:‘मैं घोर सनातनी हूं…’ : इंदौर में उषा ठाकुर से बोले दिग्विजय सिंह, वीडियो वायरल

'राजीव गांधी का नाम मिटाने में पूरी ताकत लगा रही भाजपा सरकार'

सिंघार ने आगे लिखा, 'जिन राजीव गांधी जी ने भारत में तकनीकी क्रांति की नींव रखी… जिस दूरदृष्टि ने कंप्यूटर, टेलीकॉम और आधुनिक शिक्षा के रास्ते भारत के युवाओं के लिए खोले… आज उन्हीं राजीव गांधी जी का नाम मिटाने में भाजपा सरकार अपनी पूरी ताकत लगा रही है।'

भाजपा सरकार का लक्ष्य- काम करो कम, नाम बदलो ज्यादा

आगे नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'भोपाल की आरजीपीवी यूनिवर्सिटी का नाम बदलना सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि भाजपा की वही पुरानी राजनीति है, काम करो कम, नाम बदलो ज्यादा।'

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:भोजशाला पर केवल मुस्लिमों का दावा खारिज नहीं,एक और पक्ष को भी कोर्ट ने दिया झटका

सिंघार बोले- शायद इस वजह से भाजपा को राजीव गांधी से है परेशानी

सिंघार ने आगे भाजपा के इस तरह का काम करने की वजह बताते हुए कहा, 'सवाल यह है कि आखिर भाजपा को राजीव गांधी जी से इतनी परेशानी क्यों है? क्या इसलिए कि देश के डिजिटल और तकनीकी भारत की बुनियाद कांग्रेस सरकारों ने रखी थी? क्या इसलिए कि आज जिस IT और टेक्नोलॉजी इंडिया पर भाजपा श्रेय लेने की कोशिश करती है, उसकी शुरुआत राजीव गांधी जी के विजन से हुई थी?'

अपनी पोस्ट के अंत में उन्होंने राज्य की भाजपा सरकार की इस कवायद को पैसों, संसाधनों व समय की बर्बादी बताते हुए कहा कि ‘22 साल से मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार है, शिक्षा व्यवस्था बदहाल है, विश्वविद्यालय संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, युवाओं को रोजगार नहीं… लेकिन सरकार का फोकस सिर्फ नाम बदलने पर है। नाम बदलने से न यूनिवर्सिटी बेहतर होगी, न युवाओं को नौकरी मिलेगी, न शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी।’

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:‘भोजशाला 700 साल से मस्जिद’, धार विवाद पर ओवैसी, बोले-बाबरी मस्जिद जैसा फैसला

अपनी इस पोस्ट से पहले मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस खबर के सोर्स के रूप में एक अखबार का आर्टिकल भी शेयर किया, जिसमें बताया गया था कि भोपाल स्थित RGPV (राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय) का नाम बदलते हुए इसे जल्द ही तीन टुकड़ों में बांटा जा सकता है। इस दौरान यूनिवर्सिटी के नाम से पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का नाम हटाने के साथ ही भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में तीन इकाईयां स्थापित की जाएंगी। इनमें से भोपाल इकाई का नाम 'मध्यभारत प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय', उज्जैन इकाई का 'मालवा प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय' और जबलपुर इकाई का 'महाकौशल प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय' होगा।

28 साल पहले दिग्विजय सरकार ने की थी स्थापना

बता दें कि आरजीपीवी की स्थापना मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार द्वारा साल 1998 में मध्य प्रदेश विधानसभा अधिनियम 13, 1998 के तहत की गई थी। इस विश्वविद्यालय द्वारा मुख्य रूप से इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेज को मान्यता व स्टूडेंट्स को डिग्री प्रदान की जाती है। दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहते हुए बने इस विश्वविद्यालय का नाम भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था।

लेटेस्ट Hindi News, Bhopal News, Indore News, Jabalpur News, Gwalior News, Ujjain News के साथ-साथ MP Board Result 2026 Live और MP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।