भोजशाला केस में SC का बड़ा फैसला: SLP निस्तारित, अब HC में होगी सुनवाई- अदालत ने क्या कहा?
Indore Bhojshala update: इंदौर के भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश देते हुए मौला कमालुद्दीन की ओर से दाखिल स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को निस्तारित कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एएसआई सर्वे की वीडियोग्राफी को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच सुनवाई करेगी।

Indore Bhojshala update: इंदौर के भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश देते हुए मौला कमालुद्दीन की ओर से दाखिल स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) को निस्तारित कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एएसआई सर्वे की वीडियोग्राफी को लेकर उठाई गई आपत्तियों पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच सुनवाई करेगी।
SLP यानी Special Leave Petition। ये वह याचिका होती है, जो कोई व्यक्ति सीधे सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करता है, जब उसे लगता है कि निचली अदालत (High Court या अन्य कोर्ट) के फैसले में गलती है या न्याय नहीं मिला।
वीडियोग्राफी की कॉपी को लेकर SC ने क्या कहा?
एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने बताया- मौला कमालुद्दीन की तरफ से मुख्य तौर से वीडियोग्राफी की कॉपी मांगी गई थी। दरअसल कोर्ट के आदेश के तहत 11 मार्च को जो एएसआई सर्वे हुआ है, उसकी वीडियोग्राफी की कॉपी उन्होंने मांगी थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज इस मांग को निस्तारित/ खत्म कर दिया है। अदालत ने कहा- वीडियोग्राफी से संबंधित उनकी जो भी आपत्ति हैं, उसे हाईकोर्ट देखेगी। इसके साथ ही सुनवाई भी करेगी।
2 अप्रैल से इंदौर बेंच में होगी सुनवाई
एडवोकेट शंकर जैन ने बताया- इस मामले से संबंधित सुनवाई हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में 2 अप्रैल से निर्धारित है। सुनवाई पर कोई रोक नहीं लगी है। सुनवाई आगे भी चलती रहेगी। वीडियोग्राफी पर आपत्ति के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से निवेदन किया है कि इसे वो देखे।
रोक लगाने की मांग लेकर नहीं आए थे मौला कमालुद्दीन
एडवोकेट ने स्पष्ट करते हुए बताया मौला कमालुद्दीन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में रोक लगाने की मांग नहीं की गई थी। उन्होंने वीडियोग्राफी की कॉपी मांगी थी। आपत्ति दर्ज करने का समय मिले। इन मांगों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसे निस्तारित कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि वीडियोग्राफी से संबंधित आपत्ति को हाईकोर्ट में सुनवाई से पहले उसे भी कंसीडर करें।




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