बरगी क्रूज हादसा: MP में क्रूज संचालन पर रोक, जांच आयोग गठित, HC में बोली सरकार
जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद सरकार ने रिटायर्ड जस्टिस की अध्यक्षता में जांच आयोग बनाया है। फिलहाल पूरे प्रदेश में क्रूज और बोट संचालन पर रोक लगा दी गई है। समिति 3 महीने में अपनी रिपोर्ट देगी।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में क्रूज हादसे को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से जवाब पेश करते हुए बताया गया कि मामले की जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में जांच आयोग गठित किया गया है जो पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि पूरे प्रदेश में फिलहाल क्रूज एवं बोट क्लब संचालन पर रोक लगा दी गई है।
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों याचिकाओं का निराकरण कर दिया। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि कोई आम नागरिक भी जांच समिति के समक्ष अपनी बात रखना चाहता है तो वह समिति के सामने अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकता है।
याचिकाकर्ता समाजसेवी पुष्पा तिवारी की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता गोपेश यश तिवारी ने बताया कि इस मामले में कुल तीन याचिकाएं दायर की गई थीं। इनमें प्रमुख याचिका पुष्पा तिवारी की थी।
3 महीने के भीतर रिपोर्ट देगी समिति
पुष्पा तिवारी ने बताया कि सरकार को एडवांस कॉपी भेजने का उद्देश्य यह था कि बरगी क्रूज हादसे की तत्काल और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके। अधिवक्ता तिवारी ने कहा कि हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने जानकारी दी कि मामले की जांच के लिए न्यायिक समिति गठित कर दी गई है। यह समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार और न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
कहां-कहां हुई चूक
जांच समिति यह भी देखेगी कि एमपी टूरिज्म और अन्य संबंधित अधिकारियों से कहां-कहां चूक हुई और किन कारणों से इतना बड़ा हादसा हुआ। समिति विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। बता दें कि जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल को क्रूज डूबने से 13 लोगों की जान चली गई थी। इनमें 8 महिलाएं, 4 बच्चे और एक पुरुष शामिल हैं। करीब 60 घंटे के रेस्क्यू के बाद पानी से सभी शव निकाले जा सके थे।
3 बर्खास्त, एक निलंबित, एक कर्मचारी को अटैच किया
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जबलपुर पहुंचकर दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया था। मृतकों के परिवार से भी मुलाकात की थी। सीएम के दौरे के बाद सरकार ने मामले में एक्शन लिया था। इसमें क्रूज पायलट महेश पटेल, क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई थीं। वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही बरतने के कारण निलंबित किया गया था। रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू की गई है।




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