Abdul mistake was not that his school, Owaisi speaks on bulldozer action in MP ‘अब्दुल’ की गलती यह नहीं है कि उनका स्कूल..; MP में स्कूल इमारत पर बुलडोजर ऐक्शन को लेकर बोले ओवैसी, Madhya-pradesh Hindi News - Hindustan
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‘अब्दुल’ की गलती यह नहीं है कि उनका स्कूल..; MP में स्कूल इमारत पर बुलडोजर ऐक्शन को लेकर बोले ओवैसी

यह कार्रवाई भैंसदेही एसडीएम अजीत मरावी की मौजूदगी में हुई। मौके पर भारी पुलिस और राजस्व अमला तैनात था। प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण अवैध और अतिक्रमण की श्रेणी में आता है। अचानक हुई इस कार्रवाई से गांव में नाराजगी फैल गई। कई ग्रामीणों ने इसे अन्यायपूर्ण बताया।

Fri, 16 Jan 2026 08:38 PMSourabh Jain लाइव हिन्दुस्तान, भोपाल, मध्य प्रदेश
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‘अब्दुल’ की गलती यह नहीं है कि उनका स्कूल..; MP में स्कूल इमारत पर बुलडोजर ऐक्शन को लेकर बोले ओवैसी

मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के धाबा गांव में एक निर्माणाधीन स्कूल भवन को प्रशासन द्वारा तोड़े जाने का मामला अब देशभर में सुर्खियां बटोर रहा है। स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी और कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी सोशल मीडिया पर कड़ी नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार को घेरा है। ये मामला दो दिन पहले सामने आया था, जब प्रशासन ने नियमों का हवाला देते हुए इस गांव में अब्दुल नईम द्वारा बनवाए जा रहे निर्माणाधीन स्कूल को ढहाने की कार्रवाई की थी। इसके बाद से इसे धार्मिक एंगल दे दिया गया है।

इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए हैदराबाद के सांसद ओवैसी ने लिखा, '‘अब्दुल’ की गलती यह नहीं है कि उनका स्कूल गैर-कानूनी तौर पर चल रहा है, उनके स्कूल के तमाम कागजात मौजूद हैं। गलती यह है कि वे भारतीय मुसलमान हैं और अपने गरीब, गैर-मजहबी हमवतन के लिए उनके दिल में हमदर्दी है।' अपनी पोस्ट के साथ उन्होंने इस मामले को बताने वाली एक पोस्ट भी शेयर की।

यूपी के सांसद ने भी दी प्रतिक्रिया

उधर उत्तर प्रदेश से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मुद्दे को उठाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी शिकायत की। साथ ही कहा कि एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा बनवाया जा रहा स्कूल 'ऊपर से दबाव' बताकर गिरा दिया गया। इस बारे में उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी, आपका प्रशासन अब ऊपर से प्रेशर की बात करके स्कूल पर बुलडोज़र चला रहा है। आप कैसा प्रदेश चला रहे हैं जहाँ एक मुसलमान स्कूल बनवाएगा तो आपका प्रशासन शिक्षा के मंदिर को भी ध्वस्त कर देगा ?? नरेंद्र मोदी जी देखिए आपके मुख्यमंत्री जी का प्रशासन क्या कर रहा है??' साथ ही उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री मोहन यादव जी आपको इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए और संबंधित अधिकारियों पर कार्यवाही करनी चाहिए।’

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भी इस मामले को लेकर अपना गुस्सा जताया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि जिस राज्य में दलित और आदिवासी बच्चों को केवल इसलिए शिक्षा से वंचित किया जा रहा हो क्योंकि एक मुसलमान उन्हें पढ़ाने की पहल कर रहा है, वहां की सरकार समाज को बर्बादी की ओर धकेल रही है।

20 लाख की लागत से बनवाया था स्कूल

दरअसल यह मामला बैतूल जिले के भैंसदेही ब्लॉक स्थित धाबा गांव का है। यहां रहने वाले अब्दुल नईम अपने खर्चे पर करीब 20 लाख रुपए की लागत से एक छोटा स्कूल बना रहे थे। गांव की आबादी लगभग दो हजार है, जिसमें सिर्फ तीन मुस्लिम परिवार रहते हैं। नईम का कहना है कि वह नर्सरी से कक्षा 8 तक का स्कूल खोलना चाहते थे। बताया गया कि तीन दिन पहले गांव में अफवाह फैली कि यहां 'अवैध मदरसा' चलाया जा रहा है। जबकि इमारत का निर्माण भी पूरा नहीं हुआ था और किसी तरह की कक्षाएं शुरू नहीं हुई थीं।

प्रशासन ने अवैध बताकर गिराने का नोटिस दिया

11 जनवरी को ग्राम पंचायत ने बिना अनुमति निर्माण का हवाला देते हुए नईम को भवन गिराने का नोटिस जारी कर दिया। नईम का कहना है कि जब वह पंचायत कार्यालय पहुंचे तो उनका आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया और बाद में आने को कहा गया। उन्होंने यह भी बताया कि 30 दिसंबर को ही स्कूल शिक्षा विभाग में नर्सरी से कक्षा 8 तक स्कूल खोलने के लिए आवेदन कर चुके थे और जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज जमा कर दिए थे।

कलेक्टर ने मिलने पहुंचे लोगों से सीधे मुंह बात भी नहीं की

गांव में विरोध बढ़ने के बाद पंचायत ने 12 जनवरी को आनन-फानन में अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया। सरपंच ने भी बाद में स्वीकार किया कि गांव में किसी मदरसे को लेकर कोई शिकायत नहीं थी और अनुमति दी जा चुकी थी। इसके बावजूद 13 जनवरी को, जब ग्रामीण कलेक्टर से मिलने जिला मुख्यालय गए हुए थे, प्रशासन की टीम जेसीबी लेकर गांव पहुंची और स्कूल की इमारत का एक हिस्सा और सामने बना शेड ढहा दिया।

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एसडीएम की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

इधर, प्रशासन ने इस कार्रवाई को पूरी तरह वैधानिक बताया है। पंचायत के अनुसार स्कूल भवन बिना अनुमति के बनाया जा रहा था, जिस पर पंचायत अधिनियम की धारा 55 के तहत जेसीबी से तोड़फोड़ की गई। यह कार्रवाई एसडीएम अजीत मरावी के नेतृत्व में की गई। बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण पर नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई है और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया गया। वहीं घटना के बाद अब्दुल नईम कथित तौर पर डरे हुए हैं और फिलहाल मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। (एजेंसी इनपुट के साथ)

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