पैरेंट्स ध्यान दें! अपने पढ़ाई-करियर को ले कर सीरियस नहीं है बच्चा तो जरूर बताएं ये 7 बातें Parenting Coach Says If Teenagers Are Not Serious About Their Future, Teach Them These 7 Things, पेरेंटिंग टिप्स - Hindustan
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पैरेंट्स ध्यान दें! अपने पढ़ाई-करियर को ले कर सीरियस नहीं है बच्चा तो जरूर बताएं ये 7 बातें

Parenting Tips: 15–16 साल के कई बच्चे अपने फ्यूचर को लेकर कन्फ्यूज या लापरवाह नजर आते हैं। पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा के अनुसार, इस उम्र में बच्चों को कुछ जरूरी बातें अगर सही समय पर समझा दी जाएं, तो उनका सोचने का तरीका काफी हद तक बदल सकता है।

Mon, 13 April 2026 09:50 PMAnmol Chauhan लाइव हिन्दुस्तान
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पैरेंट्स ध्यान दें! अपने पढ़ाई-करियर को ले कर सीरियस नहीं है बच्चा तो जरूर बताएं ये 7 बातें

हर पेरेंट्स की चाहत होती है कि उनका बच्चा अपने करियर को ले कर सीरियस रहे और सही दिशा में आगे बढ़े। लेकिन आज के समय में 15–16 साल के कई बच्चे अपने फ्यूचर को लेकर कन्फ्यूज या लापरवाह नजर आते हैं। जिसकी वजह से पेरेंट्स भी कई बार फ्रस्ट्रेट हो जाते हैं। लेकिन ऐसे समय में गुस्सा करने या बार-बार डांटने से ज्यादा जरूरी है बच्चे को सही तरीके से समझाना। पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा के अनुसार, इस उम्र में बच्चों को कुछ जरूरी बातें अगर सही समय पर समझा दी जाएं, तो उनका सोचने का तरीका काफी हद तक बदल सकता है और बच्चे अपने करियर को लेकर ज्यादा सजग हो सकते हैं। चलिए जानते हैं वो बातें कौन सी हैं।

फ्यूचर आज से बनता है, बाद में नहीं

पेरेंटिंग कोच पुष्पा शर्मा का कहना है कि आप अपने बच्चे को साफ शब्दों में समझाएं कि फ्यूचर कोई अचानक बनने वाली चीज नहीं है। जो वह आज कर रहा है, वही धीरे-धीरे उसका आने वाला कल तय करेगा। अगर वह आज समय बर्बाद करेगा, तो आगे भी वही आदत जारी रहेगी। इसलिए उसे बताएं कि हर दिन की छोटी मेहनत ही बड़े रिजल्ट लाती है।

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क्लेरिटी सोचने से नहीं, करने से आती है

अक्सर बच्चे कहते हैं कि उन्हें समझ नहीं आता कि क्या करना है। कोच का कहना है कि ऐसे में बच्चे को यह समझाना जरूरी है कि सिर्फ बैठकर सोचने से रास्ता नहीं मिलता, बल्कि कुछ ना कुछ करते रहना चाहिए। छोटे-छोटे काम शुरू करने से धीरे-धीरे उन्हें खुद समझ आने लगेगा कि उन्हें किस दिशा में जाना है। इसलिए सिर्फ सोचने के बजाय एक्शन लेना ही सबसे जरूरी है।

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अपने भविष्य की तस्वीर खुद बनाओ

अपने बच्चे को कहें कि वह अपनी आने वाली जिंदगी की कल्पना करे। वह किस तरह का जीवन चाहता है, कहां रहना चाहता है और किस तरह के लोगों के साथ रहना चाहता है। जब यह तस्वीर साफ होगी, तभी वह उस दिशा में काम करना शुरू करेगा।

आदतें ही पर्सनैलिटी बनाती हैं

अगर अभी से टालमटोल और आलस बच्चे की आदत बन गई, तो आगे चलकर यही उसकी पर्सनैलिटी बन जाएगी। इसलिए बच्चे को ये जरूर समझाएं कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें जैसे समय पर पढ़ाई करना, जिम्मेदारी लेना और अनुशासन में रहना बहुत जरूरी हैं।

औसत मेहनत से औसत जिंदगी मिलती है

पेरेंटिंग कोच कहती हैं कि आज की दुनिया में कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा है। अगर आपका बच्चा सिर्फ जितना जरूरी है उतनी ही मेहनत करेगा यानी एवरेज मेहनत करेगा, तो उसे लाइफ में भी सब कुछ एवरेज ही मिलेगा। इसलिए बच्चे को ये समझाएं कि बेहतर जिंदगी पाने के लिए उसे दूसरों से थोड़ा ज्यादा मेहनत करनी होगी। यही फर्क आगे जाकर उसके लिए बड़ी सफलता लेकर आएगा।

दोस्तों के पीछे नहीं, अपने फैसलों पर चलो

कोच का कहना है कि बच्चों पर दोस्तों का असर बहुत होता है। लेकिन उन्हें यह समझाना जरूरी है कि सिर्फ दोस्तों के साथ चलना सही नहीं है। अगर वह बिना सोचे-समझे दूसरों को फॉलो करेगा, तो इसका मतलब है कि उसे खुद पर भरोसा नहीं है। उसे अपने फैसले खुद लेना सीखना होगा।

आज की पढ़ाई से ही कल का संघर्ष कम होगा

बच्चों को यह समझना जरूरी है कि अगर अभी पढ़ाई से बचने की आदत बन गई, तो आगे चलकर मुश्किलें और बढ़ेंगी। जिंदगी में कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। मेहनत हर हाल में करनी ही पड़ती है, चाहे अभी करें या बाद में ज्यादा संघर्ष के साथ करें। इसलिए बेहतर है कि वह अभी से मेहनत करना शुरू करे।

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