बच्चों के दांत सही तरीके से कैसे ब्रश कराएं? डेंटिस्ट ने बताए 7 जरूरी टिप्स
बचपन में डाली गई आदतें जिंदगी भर साथ रहती हैं। बच्चों को सही तरीके से दांत ब्रश करना सिखाना बेहद जरूरी है। डेंटिस्ट ने बताए 7 आसान और असरदार तरीके, जिससे ब्रशिंग मजेदार आदत बन सकती है।

बचपन में सीखी गई आदतें पूरी जिंदगी साथ निभाती हैं, खासकर जब बात दांतों की देखभाल (ओरल हाईजीन) की हो। कई माता-पिता बच्चों को ब्रश कराना हर रोज की जंग या चुनौत समझ लेते हैं। इसके लिए कभी जबरदस्ती करते हैं तो कभी डांट-फटकार का सहारा लेते हैं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि गलत तरीके से सिखाई गई ब्रशिंग बच्चों के मन में डर पैदा कर सकती है।
कैलिफोर्निया के अनुभवी डेंटिस्ट डॉ. मार्क बुर्हेने के अनुसार, बच्चों को दांत ब्रश करना सिखाते समय धैर्य, समझदारी और सही तकनीक बेहद जरूरी है। अगर शुरुआत सही तरीके से की जाए तो ब्रशिंग बच्चों के लिए बोझ नहीं बल्कि रोजमर्रा की एक मजेदार और हेल्दी आदत बन सकती है।
- बच्चे पर जोर ना डालें: डॉ. बुर्हेने के अनुसार, कभी भी बच्चे को पकड़कर या जबरदस्ती दांत ब्रश नहीं कराने चाहिए। इससे बच्चे के मन में डर बैठ जाता है, जो आगे चलकर आदत को नुकसान पहुंचा सकता है। ब्रशिंग डर नहीं, सहजता से होनी चाहिए।
- पहले बच्चे को मौका दें: शुरुआत में बच्चे को खुद दांत ब्रश करने दें, भले ही वह ठीक से ना कर पाए। इसके बाद माता-पिता शांत तरीके से फाइनल क्लीनिंग कर सकते हैं। इससे बच्चे में आत्मविश्वास आता है।
- कैविटी वहां नहीं होती, जहां आप सोचते हैं: अक्सर माता-पिता सामने के दांतों पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन बच्चों में कैविटी ज्यादातर मसूड़ों के पास और पीछे की दाढ़ों की ग्रूव्स में शुरू होती है। इसलिए इन हिस्सों पर खास ध्यान देना जरूरी है।
4. टकराव से बचें: अगर ब्रशिंग के दौरान लड़ाई हो जाए, तो उसे लंबा ना खींचें। डेंटिस्ट का कहना है कि दो छोटे और शांत ब्रशिंग सेशन, एक लंबे और तनाव भरे सेशन से कहीं बेहतर होते हैं।
5. साथ में ब्रश करें: माता-पिता अगर बच्चे के साथ ब्रश करते हैं, तो बच्चा इसे सजा नहीं बल्कि साझा गतिविधि समझता है। यह आदत बच्चे में अपने आप विकसित होने लगती है।
6. बच्चे की सांस पर ध्यान दें: अगर बच्चा ब्रशिंग से चिढ़ता है, तो देखें कि वह मुंह से सांस तो नहीं ले रहा। मुंह से सांस लेने पर मुंह सूखता है, जिससे ब्रश करना असहज लग सकता है।
7. ब्रश के बाद कुल्ला नहीं, सिर्फ थूकना सिखाएं: डॉ. बुर्हेने सलाह देते हैं कि ब्रश के बाद बच्चों को कुल्ला करने की बजाय सिर्फ थूकना सिखाएं। इससे टूथपेस्ट की थोड़ी मात्रा दांतों पर रह जाती है, जो इनेमल को ज्यादा समय तक सुरक्षित रखती है।
नोट: बच्चों के दांतों की देखभाल सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि एक हेल्दी आदत सिखाने की प्रक्रिया है। सही तरीका, धैर्य और प्यार के साथ ब्रशिंग सिखाई जाए तो बच्चे खुद इसे अपनाने लगते हैं। इसके अलावा किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए एक्सपर्ट से उचित सलाह ले सकते हैं।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन