क्या बच्चों की त्वचा के लिए सनस्क्रीन सुरक्षित होते है? जानें नन्हीं त्वचा के लिए कैसे चुनें सही सुरक्षा कवच
Are sunscreens safe for kids : अगर आप भी अपने बच्चे को सनबर्न की जलन और टैनिंग से बचाना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद भी बने हुए हैं, तो रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल (मालवीय नगर) की नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. अनामिका दुबे की सलाह आपकी चिंता दूर करने में मदद कर सकती है।

बढ़ते तापमान के साथ बच्चों में सनबर्न का खतरा भी बढ़ जाता है। तेज धूप और UV किरणें न केवल बच्चों की त्वचा को झुलसाती हैं, बल्कि उनके DNA को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं। नतीजतन, सनबर्न की जलन और सूजन बच्चों के लिए बड़ी मुसीबत बन जाती है। विज्ञापन कई विकल्प दिखाते हैं, लेकिन पेरेंट्स के मन को वही एक सवाल परेशान करता रहता है कि क्या रसायनों वाली सनस्क्रीन बच्चों की पतली और संवेदनशील त्वचा के लिए वाकई सुरक्षित होती है? सुरक्षा और सावधानी के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। सही और सुरक्षित सनस्क्रीन का चुनाव ही आपके बच्चे की त्वचा को सुरक्षित रखने का असली कवच हो सकता है। अगर आप भी अपने बच्चे को सनबर्न की जलन और टैनिंग से बचाना चाहते हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद भी बने हुए हैं, तो रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल (मालवीय नगर) की नियोनेटोलॉजिस्ट डॉ. अनामिका दुबे की सलाह आपकी चिंता दूर करने में मदद कर सकती है।
इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (IAP) के अनुसार, बच्चों के लिए सनस्क्रीन चुनते समय इन 5 मुख्य बातों का ध्यान रखें।
ब्रॉड स्पेक्ट्रम कवरेज- UVA और UVB दोनों किरणों से सुरक्षा दे।
फोटो-स्टेबिलिटी- धूप में लंबे समय तक असरदार बना रहे।
सुरक्षित फिल्टर- रसायनों के बजाय जिंक ऑक्साइड या टाइटेनियम डाइऑक्साइड जैसे मिनरल फिल्टर्स चुनें।
त्वचा के अनुकूल- फॉर्मूलेशन ऐसा हो जो जलन न पैदा करें।
12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए स्प्रे, अल्कोहल-आधारित जेल और तरल का उपयोग न करें, क्योंकि ये त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
बच्चों के लिए सनस्क्रीन: कब और क्यों है जरूरी?
6 महीने से बड़े बच्चों के लिए SPF 15+ सुरक्षित है। 6 महीने से छोटे शिशुओं के लिए सनस्क्रीन के बजाय पूरी आस्तीन के कपड़े और टोपी ही सबसे बेहतर सुरक्षा हैं। नासिक स्थित स्किनेशिया स्किन क्लिनिक के त्वचा विशेषज्ञ डॉ. रूपम एम. गंगुर्दे ने एचटी शॉप नाउ को बताया, 'धूप से त्वचा का जलना और टैन होना यूवी किरणों से त्वचा को होने वाले नुकसान के लक्षण हैं। कई मामलों में नॉन-मेलानोमा त्वचा कैंसर बचपन और किशोरावस्था के दौरान त्वचा को धूप से सुरक्षित न रखने के कारण होते हैं। बच्चे न केवल स्विमिंग पूल, समुद्र तट या छुट्टियों में, बल्कि रोजमर्रा की बाहरी गतिविधियों के दौरान भी अत्यधिक धूप के संपर्क में आने के जोखिम में होते हैं। वे कहते हैं, ‘बच्चों की त्वचा संवेदनशील होती है, इसलिए इसे हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) किरणों से नियमित सुरक्षा की आवश्यकता होती है।’
बच्चों के लिए कैसे चुनें सही सनस्क्रीन
डॉ. अनामिका दुबे सलाह देती हैं कि बच्चों के लिए सबसे ज्यादा जरूरी सही प्रोडक्ट का चुनाव करना है। छह महीने से छोटे बच्चों को सीधी धूप से जितना हो सके बचाना चाहिए। उन्हें धूप में लेकर चलने से पहले ढीले-ढाले कपड़े, टोपी और छाया (शेड) का इस्तेमाल बेहतर रहता है। बड़े शिशुओं और बच्चों के लिए मिनरल बेस्ड सनस्क्रीन, जिसमें जिंक ऑक्साइड या टाइटेनियम डाइऑक्साइड हो, ज्यादा बेहतर माने जाते हैं क्योंकि ये त्वचा के ऊपर एक परत बनाकर काम करते हैं, जिससे जलन की संभावना कम होती है।
माता-पिता को ऐसा सनस्क्रीन चुनना चाहिए जो ब्रॉड-स्पेक्ट्रम हो और कम से कम SPF 30 हो। इसे बाहर जाने से 15–20 मिनट पहले अच्छी मात्रा में लगाएं और हर दो घंटे में दोबारा लगाएं, खासकर अगर बच्चे को अधिक पसीना आ रहा हो या पानी में खेल रहा हो। याद रखें, सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो सनस्क्रीन सुरक्षित है, लेकिन इसे धूप से बचाव का एक हिस्सा मानें, सिर्फ उसी पर निर्भर न रहें।
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