कभी अकेले में हार्ट अटैक आ जाए तो क्या करना चाहिए? डॉक्टर से जान लें इमरजेंसी टिप्स!
Heart Attack: कई मामलों में हार्ट अटैक आने पर पेशेंट अकेले होते हैं और उन्हें पता भी नहीं होगा कि इससे डील कैसे करना है। डॉ जुबैर अहमद ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसी बारे में बताया है-

हार्ट संबंधी बीमारियां आजकल काफी कॉमन होती जा रही हैं। खासतौर से भारत में तो युवाओं में भी हार्ट अटैक के केस काफी तेजी से बढ़े हैं। इसके पीछे आधुनिक जीवनशैली काफी हद तक जिम्मेदार है। जंक फूड का बढ़ता सेवन, स्ट्रेस, सही नींद ना लेना, फिजिकल एक्टिविटीज का अभाव जैसी कई चीजें हैं, जो हार्ट पर बोझ बन रही हैं। खैर, ऐसे में ये तो साफ है कि अपने लाइफस्टाइल में सुधार करना बेहद जरूरी है लेकिन साथ ही किसी इमरजेंसी के लिए भी तैयार रहना चाहिए। हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी है, इसलिए इसमें कुछ सेकेंड भी काफी मायने रखते हैं। कई मामलों में हार्ट अटैक आने पर पेशेंट अकेले होते हैं, और उन्हें पता भी नहीं होगा कि इससे डील कैसे करना है। डॉ जुबैर अहमद ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसी बारे में बताया है, आइए जानते हैं।
सबसे पहले लक्षण समझना है जरूरी
हार्ट अटैक आने पर सबसे पहले इसकी पहचान करना जरूरी है। डॉक्टर कहते हैं कि हार्ट अटैक के कुछ शुरुआती लक्षण आप पहचान सकते हैं। जैसे आपके सीने में तेज दवाब महसूस हो रहा है काफी तेज दर्द है। साथ ही ये दर्द आपके बाएं हाथ, जबड़े और कमर तक फैल रहा है, सांस लेने में तकलीफ हो रही है। ठंडा पसीना आना, जी मिचलाना, चक्कर आना और अचानक से काफी घबराहट और बेचैनी महसूस करना; ये कुछ लक्षण आपको महसूस हो सकते हैं।
तुरंत क्या करना चाहिए?
स्टेप 1: इमरजेंसी सर्विस को कॉल करें
जैसे ही आपको हार्ट अटैक के लक्षण महसूस होते हैं, तुरंत 108 या कोई लोकल इमरजेंसी नंबर डायल करें। उठाने वाले से अपने सभी लक्षण बिल्कुल साफ-साफ बताएं और तब तक कॉल ना काटें, जब तक वहां से ना कहा जाए। वो जो भी कहते हैं, आपको उसे फॉलो करना है।
स्टेप 2: एस्पिरिन की गोली लें
अब आपको एक एस्पिरिन की गोली को चबाकर निगल लेना है। ये ब्लड को क्लॉट होने से बचाती है। अपने फर्स्ट एड बॉक्स में एस्पिरिन की गोली हमेशा आपको रखनी चाहिए।
स्टेप 3: सेफ पोजीशन में रेस्ट करें
आराम से बैठ जाएं। अगर आपको चक्कर आ रहे हैं या बेहोशी जैसी स्थिति हो रही है, तो अपने घुटने हल्के मोड़कर करवट ले कर लेट सकते हैं। इस दौरान ज्यादा चलने, सीढ़ियां चढ़ने-उतरने से परहेज करें।
स्टेप 4: किसी को सपोर्ट के लिए कॉल करें
अपने किसी भी दोस्त, फैमिली मेंबर या पड़ोसी को कॉल कर के बताएं कि आपको हार्ट अटैक जैसे लक्षण महसूस हो रहे हैं। मेडिकल हेल्प आने तक ये आपकी मदद कर सकते हैं।
स्टेप 5: दरवाजा खोलकर रखें
अगर हो सके तो अपने घर का दरवाजा खोल दें। इससे मेडिकल हेल्प तुरंत आ सकती है और कई जरूरी मिनट बच सकते हैं।
स्टेप 6: जितना हो सके शांत रहें
ज्यादा पैनिक होने से आपके हार्ट पर दबाव पड़ सकता है। इसलिए कोशिश करें कि शांत रहें। धीरे-धीरे गहरी सांस लें। जब आप शांत रहेंगे तो ऑक्सीजन की डिमांड भी कम होगी।
क्या चीजें आपको बिल्कुल नहीं करनी हैं?
* कोई भी लक्षण नजरंदाज ना करें।
* किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे और वायरल ट्रिक फॉलो करने से बचें।
* खुद ड्राइव ना करें। खासतौर से अगर लक्षण काफी ज्यादा गंभीर हैं।
क्या तेज खांसने से हार्ट अटैक रुक सकता है?
हार्ट अटैक को ले कर काफी सारे मिथ फैले हुए हैं। जैसे 'कफ सीपीआर' यानी हार्ट अटैक आने पर जोर जोर से खांसने से फायदा हो सकता है। हालांकि डॉक्टर कहते हैं कि इन बातों का कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है। हार्ट अटैक रोकने के लिए जोर-जोर से खांसना, अपनी सांस रोक लेना, पानी पीना या सीधा लेट जाना; ये सभी सिर्फ मिथक हैं और इनसे बचना चाहिए। इस दौरान सबसे कीमती आपका समय होता है, इसीलिए बेकार की चीजों में वक्त बर्बाद ना करें।
नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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