क्या हाई ब्लड प्रेशर का इलाज केवल दवा है? कॉर्डियोलॉजिस्ट ने दिया जवाब Is medicine the only treatment for high blood pressure doctor saket goyal share treatment, हेल्थ टिप्स - Hindustan
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क्या हाई ब्लड प्रेशर का इलाज केवल दवा है? कॉर्डियोलॉजिस्ट ने दिया जवाब

High Blood Pressure: हाई ब्लड प्रेशर के मरीज अक्सर सोचते हैं कि उन्हें दवाईयां उम्रभर खानी होगी। और फिर भी हाई बीपी के सही होने के चांस कम हो जाते हैं। ऐसे में डॉक्टर साकेत गोयल ने बताया कि लाइफस्टाइल में बदलाव हाई बीपी के ट्रीटमेंट की तरह काम करता है।

Thu, 12 Feb 2026 11:43 PMAparajita लाइव हिन्दुस्तान
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क्या हाई ब्लड प्रेशर का इलाज केवल दवा है? कॉर्डियोलॉजिस्ट ने दिया जवाब

हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को हमेशा दवा खानी पड़ती है। ऐसे में काफी सारे लोग घबरा जाते हैं और उन्हें लगता है कि एक बार दवा शुरू कर दी तो फिर ये कभी बंद नहीं होगी। ऐसे में दिमाग में यहीं ख्याल आता है कि हाई ब्लड प्रेशर को नॉर्मल करने का एकमात्र इलाज दवा है। लेकिन कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर साकेत गोयल ने इस मिथ से जुड़े फैक्ट को शेयर किया है। इंस्टाग्राम पेज पर डॉक्टर साकेत गोयल ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर का इलाज केवल दवा है या फिर और भी कोई तरीका हो सकता है इससे निपटने का।

दवा से हाई बीपी का इलाज

डॉक्टर ने बताया कि जो भी दवा आप खाते हैं उससे ब्लड प्रेशर कम होने की मात्रा लगभग तय होती है। जैसे कि 15-16 mmHg सिस्टोलिक और 8 mmHg डायसिस्टोलिक। इससे ज्यादा ब्लड प्रेशर की रीडिंग इन दवाओं से कम नहीं होती। लेकिन इन दवाओं जितने असर को आप इन तरीकों से भी पा सकते हैं।

लाइफस्टाइल में बदलाव से हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मदद

डॉक्टर बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर में दवाओं जितना असर चाहते हैं तो लाइफस्टाइल में बदलाव करने से ये हो सकता है। जैसे

वेट लॉस

अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और आपने वेट लॉस किया है तो इससे 20 mmHg सिस्टोलिक और 10-12 mmHg डायसिस्टोलिक रीडिंग कम हो जाती है। जिससे हाई बीपी को नॉर्मल होने में मदद मिलती है।

  • इसके साथ ही रोज थोड़ी एक्सरसाइज
  • नमक की मात्रा फूड से कम कर दी
  • रोजाना प्राणायाम करना शुरू किया
  • DASH डाइट को फॉलो करना शुरू किया
  • स्ट्रेस को कंट्रोल करना स्टार्ट किया
  • नींद पूरी की
  • स्मोकिंग और एल्कोहल से दूरी बना ली।

तो इन सारी चीजों को फॉलो करने से आपके हाई ब्लड प्रेशर की रीडिंग में करीब 12-15 सिस्टोलिक mmHg और डायसिस्टोलिक mmHg कमी हो सकती है। जिससे ब्लड प्रेशर को नॉर्मल की तरफ मुड़ने में मदद मिलती है।

लाइफस्टाइल में चेंज है दवा

डॉक्टर का कहना है कि अगर लाइफस्टाइल में ये सारे बदलाव किए जाएं तो ये बीपी की एक दवा के बराबर काम करते हैं।

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