शीशे में बदला-बदला सा दिख रहा है चेहरा? जानें क्या है ‘कॉर्टिसोल फेस’, लक्षण और उपाय
Cortisol Face Symptoms : चेहरे पर बेवजह की सूजन, गोलपन या 'पफीनेस' महज थकान नहीं, बल्कि 'कोर्टिसोल फेस' की निशानी हो सकता है। जब शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो यह आपके चेहरे की बनावट को बदलकर रख देता है।

क्या आपको शीशे में अपना चेहरा हर समय गोल और आंखें सूजी हुई नजर आती है? कई लोग चेहरे में महसूस होने वाले इन बदवालों को नींद की कमी या थकान समझकर अकसर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं यह 'कोर्टिसोल फेस' का भी नतीजा हो सकता है। जी हां, तनाव सिर्फ आपके दिमाग पर ही नहीं, बल्कि आपके चेहरे पर भी अपनी छाप छोड़ सकता है। चेहरे पर बेवजह की सूजन, गोलपन या 'पफीनेस' महज थकान नहीं, बल्कि 'कोर्टिसोल फेस' की निशानी हो सकता है। जब शरीर में स्ट्रेस हार्मोन (कोर्टिसोल) का स्तर लंबे समय तक बढ़ा रहता है, तो यह आपके चेहरे की बनावट को बदलकर रख देता है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि सही आदतों और डॉक्टरी सलाह से इसे न केवल पहचाना जा सकता है, बल्कि पूरी तरह ठीक भी किया जा सकता है।
क्या होता है कॉर्टिसोल
सीके बिड़ला हॉस्पिटल (दिल्ली) की फिजिशियन डॉ. मनीषा अरोड़ा कहती हैं कि कॉर्टिसोल एक स्टेरॉयड हार्मोन है जो हमारी एड्रिनल ग्रंथियों से बनता है। इसे आम भाषा में 'स्ट्रेस हार्मोन' कहा जाता है। यह शरीर का अलार्म सिस्टम और एनर्जी रेगुलेटर है। असल में, यह सिर्फ आपातकालीन स्थितियों में निकलने के लिए बना है ताकि शरीर सर्वाइवल को प्राथमिकता दे सके।
जब स्ट्रेस लगातार बना रहता है
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का दबाव, पैसों की चिंता, नींद की कमी और लगातार मोबाइल-लैपटॉप पर लगे रहना, ये सब शरीर को लगातार स्ट्रेस में रखते हैं। इस कारण कॉर्टिसोल का स्तर लंबे समय तक ऊंचा बना रहता है। जब शरीर में कॉर्टिसोल लेवल हफ्तों या महीनों तक अधिक बना रहता है, तो यह शरीर की मदद करने की जगह उसे ही नुकसान पहुंचाने लगता है। ऐसी स्थिति में शरीर पेट, गर्दन और चेहरे के आसपास फैट जमा करने लगता है। जंक और मीठा खाने की क्रेविंग बढ़ती है, नींद खराब होती है, इम्युनिटी कमजोर होती है और मांसपेशियां भी टूटने लगती हैं।
क्या है ‘कॉर्टिसोल फेस’?
'कॉर्टिसोल फेस' कोई मेडिकल टर्म नहीं है, लेकिन यह उन शारीरिक बदलावों को बताती है जो लंबे समय तक बढ़े हुए कॉर्टिसोल के कारण चेहरे पर दिखने लगते हैं। इसका गंभीर रूप कुशिंग सिंड्रोम में दिखता है, जहां चेहरा गोल होकर 'मून फेस' जैसा दिखने लगता है।
कॉर्टिसोल फेस के लक्षण
चेहरे पर सूजन आना, आंखों के नीचे पफीनेस, गाल और जॉलाइन की शेप का कम हो जाना, इसके सामान्य लक्षण हैं। कॉर्टिसोल शरीर में फैट का वितरण बदल देता है, जिससे हाथ-पैर पतले और चेहरा ज्यादा भरा हुआ दिख सकता है, भले ही वजन ज्यादा न बढ़ा हो। साथ ही, यह त्वचा में ऑयल प्रोडक्शन बढ़ाता है जिससे मुंहासे हो सकते हैं। कॉर्टिसोल कोलेजन और इलास्टिन को भी तोड़ता है, जिससे त्वचा पतली और ढीली दिखने लगती है।
क्या कॉर्टिसोल फेस ठीक किया जा सकता है?
कॉर्टिसोल फेस अक्सर लाइफस्टाइल से जुड़ी समस्या है और इसे काफी हद तक रिवर्स किया जा सकता है। इसके लिए महंगे क्रीम या ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों में बदलाव की जरूरत है।
लाइफस्टाइल के किन बदलावों से मिलेगा फायदा
अच्छी और पूरी नींद, हरी सब्जियां, फाइबर और ओमेगा-3 से भरपूर एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट, नियमित वॉक या एक्सरसाइज, योग या पिलाटेस, सही हाइड्रेशन, और जरूरत हो तो मैग्नीशियम सप्लीमेंट-ये सभी कॉर्टिसोल लेवल को संतुलित करने में मदद करते हैं। जब शरीर का हार्मोनल संतुलन सुधरता है, तो चेहरा भी धीरे-धीरे अपनी सामान्य और स्वस्थ अवस्था में लौटने लगता है।
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