पालक पनीर खाने के शौकीन हो जाएं सावधान, एक्सपर्ट से जानें क्या हो सकते हैं नुकसान
Side Effects Of Eating Palak Paneer: विज्ञान कहता है कि जब पालक का आयरन और पनीर का कैल्शियम एक साथ मिलता है, तो वो शरीर के भीतर एक-दूसरे के पोषक तत्वों को ब्लॉक कर देते हैं। पालक में पाए जाने वाले ऑक्सालेट्स का अधिक सेवन करने पर ये शरीर में कैल्शियम से जुड़कर किडनी स्टोन का कारण बन सकता है।

घर पर मेहमान आ रहे हों या रेस्त्रां जाकर करना हो लंच और डिनर, ज्यादातर उत्तर भारतीय लोग भोजन की थाली में पालक पनीर की सब्जी देखकर खुश हो जाते हैं। बात जब हेल्दी फूड रेसिपी की होती है तो भी पालक पनीर का जिक्र जरूर किया जाता है। लेकिन फूड विशेषज्ञों की मानें तो आपकी फेवरेट पालक पनीर की सब्जी आपका जायका तो दुरुस्त कर सकती है लेकिन अनजाने में आपकी सेहत के लिए बड़ा खतरा पैदा करती है। यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है कि दो सुपरफूड मिलकर सेहत के दुश्मन कैसे बन सकते हैं, लेकिन विज्ञान कहता है कि जब पालक का आयरन और पनीर का कैल्शियम एक साथ मिलता है, तो वो शरीर के भीतर एक-दूसरे के पोषक तत्वों को ब्लॉक कर देते हैं। फोर्टिस के फिजिशियन डॉक्टर अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि पालक में पाए जाने वाले ऑक्सालेट्स का अधिक सेवन करने पर ये शरीर में कैल्शियम से जुड़कर किडनी स्टोन का कारण बन सकता है। किडनी इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित शोध (Coe et al., 2005) के अनुसार, ऑक्सालेट युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन कैल्शियम ऑक्सालेट पथरी के जोखिम को बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं पालक पनीर का सेवन सेहत को क्या नुकसान पहुंचाता है।
पोषक तत्वों के अवशोषण में कमी
पालक आयरन (Iron) से भरपूर होता है, जबकि पनीर कैल्शियम (Calcium) का स्रोत है। जब हम कैल्शियम और आयरन को एक साथ खाते हैं, तो कैल्शियम आयरन के अवशोषण (Absorption) में बाधा डालता है। आपका शरीर न तो पालक से आयरन पूरी तरह प्राप्त कर पाता है और न ही पनीर से कैल्शियम। इससे भोजन की पौष्टिकता कम हो जाती है।
हृदय रोग का बढ़ाता है जोखिम
पनीर एक डेयरी उत्पाद है जो प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होता है, लेकिन यदि यह फुल-फैट दूध से बना हो तो इसमें संतृप्त वसा (सैचुरेटेड फैट) की मात्रा अधिक हो सकती है। संतृप्त वसा का अधिक सेवन हृदय रोगों से जुड़ा हुआ है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन हृदय रोग के जोखिम को कम करने के लिए संतृप्त वसा के सेवन को सीमित करने की सलाह देता है। इसके अलावा पालक पनीर बनाने के लिए पनीर को अक्सर पहले घी या तेल में पकाया जाता है, जिससे इसकी कैलोरी और वसा की मात्रा और बढ़ जाती है। जो लोग अपना वजन या कोलेस्ट्रॉल स्तर नियंत्रित रखना चाहते हैं, उनके लिए पनीर, घी और कभी-कभी डाली जाने वाली क्रीम का संयोजन इस व्यंजन को काफी भारी और कैलोरी-समृद्ध बना सकता है।
ऑक्सालेट्स और पथरी का खतरा
पालक में ऑक्सालेट्स (Oxalates) की अच्छी मात्रा मौजूद होती है। जब ऑक्सालेट पनीर के कैल्शियम के साथ मिलते हैं, तो वे कैल्शियम ऑक्सालेट बनाते हैं। यह यौगिक गुर्दे की पथरी (Kidney Stones) का खतरा बढ़ा सकता है, विशेष रूप से उन लोगों में जिन्हें पहले से पथरी की समस्या रही है।
पाचन संबंधी समस्याएं
कुछ लोगों के लिए, पनीर और फाइबर से भरपूर पालक को पचाने में कठिनाई हो सकती है। लैक्टोज असहिष्णुता वाले व्यक्तियों के लिए भी पनीर समस्या पैदा कर सकता है। डेयरी उत्पादों के सेवन के बाद ऐस लोगों को गैस, सूजन (bloating) या भारीपन महसूस हो सकता है।
पालक से जुड़े फायदे सेहत को देने के लिए अपनाएं ये टिप्स
-आयरन का पूरा लाभ लेने के लिए 'आलू पालक' या 'पालक कॉर्न' बेहतर विकल्प हैं।
-पालक में नींबू का रस निचोड़ें। विटामिन C आयरन के अवशोषण को बढ़ाने में मदद करता है।
-पालक को उबालकर पानी निकाल देने से ऑक्सालेट्स की मात्रा कम हो जाती है।
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