सावधान! होली का रंग पड़ न जाए फीका, ऐसे करें असली और नकली गुलाल की पहचान
Quick Tests to Identify Real vs. Fake Gulal : केमिकल वाले रंगों के पैकेट पर 'हर्बल' रंग का ठप्पा लगाकर धड़ल्ले से बेच दिया जाता है। जिसका नतीजा अगले दिन अखबार की सुर्खियों में दिखता है। इस नुकसान से बचने के लिए आइए जानते हैं कैसे करें असली और नकली होली के गुलाल की पहचान।

Chemical Colours Ki Pehchan Kyse Karen : होली के त्योहार की पहचान उसके रंग और मौज मस्ती होती है। रंग-बिरंगे कलर्स से नहाए मुस्कुराते चेहरे त्योहार की रौनक को दोगुना कर देते हैं। लेकिन होली की मस्ती और रंगों के बीच हर साल मिलावट का जहर घोल दिया जाता है। बाजार में 'हर्बल' रंगों के नाम पर धड़ल्ले से बिकने वाले केमिकल युक्त गुलाल आपकी त्वचा और आंखों के लिए किसी खतरे से कम नहीं हैं। थोड़े से फायदे के लिए मुनफाखोर आपकी सेहत से खिलवाड़ कर देते हैं। केमिकल वाले रंगों के पैकेट पर 'हर्बल' रंग का ठप्पा लगाकर धड़ल्ले से बेच दिया जाता है। जिसका नतीजा अगले दिन अखबार की सुर्खियों में दिखता है। ऐसे में इस नुकसान से बचने और सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए आइए जानते हैं कैसे करें असली और नकली होली के गुलाल की पहचान।
असली और नकली गुलाल की पहचान कैसे करें
- चमक और बनावट
नकली गुलाल- अगर गुलाल में चमकीले कण (Mica या कांच का पाउडर) दिखाई दें, तो समझ लें कि यह पूरी तरह केमिकल युक्त है। असली हर्बल गुलाल कभी नहीं चमकता।
असली- प्राकृतिक गुलाल दिखने में थोड़ा 'मैट' (Matte) जैसा होता है और हाथ लगाने पर आटे या टैलकम पाउडर जैसा महीन महसूस होता है।
2. खुशबू से पहचान-
नकली- नकली गुलाल में तेज स्पिरिट्स, एसिड या बहुत स्ट्रॉन्ग परफ्यूम जैसी गंध आती है, जो नाक में चुभती है।
असली- हर्बल गुलाल में फूलों, जड़ी-बूटियों या चंदन की हल्की और सोंधी खुशबू आती है। लेकिन अगर यही खुशबू बहुत तेज है, तो सावधान हो जाएं।
3. पानी वाला टेस्ट
नकली- खरीदे हुए गुलाल को थोड़े से पानी में घोलें। अगर वह पानी में पूरी तरह नहीं घुलता, नीचे बैठ जाता है या पानी पर तेल जैसी परत छोड़ता है, तो वह मिलावटी है।
असली- असली हर्बल गुलाल पानी में आसानी से घुल जाता है और पारदर्शी रंग बनाता है।
4. रगड़कर चेक करें
नकली- अगर गुलाल नकली है तो इसे सूखी त्वचा पर रगड़ने से हल्की जलन या खुजली महसूस हो सकती है। साथ ही, यह साबुन से धोने के बाद भी त्वचा पर गहरा दाग छोड़ देता है।
असली- हर्बल गुलाल लगाने पर त्वचा पर कोई जलन नहीं होती और यह सिर्फ पानी से धोने पर ही आसानी से साफ हो जाता है।
5. कपड़े पर दाग
नकली- नकली गुलाल कपड़े पर लगने पर उसके रेशों के अंदर तक समा जाता है और धोने के बाद भी अपना रंग छोड़ देता है।
असली- असली प्राकृतिक गुलाल अगर कपड़ों पर लग जाए, तो झाड़ने से या एक धुलाई में निकल जाता है।
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